मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
साहिल हाथ में तिरंगा लेकर बस साफ़-सुथरी परीक्षा और मेहनत का फल मांग रहा था - पुलिस ने बंदूक उठाई और छर्रे दाग कर बुरी तरह घायल कर दिया।
ये अंग्रेज़ों का ज़ुल्म नहीं, आज़ाद भारत की मोदी सरकार की बर्बरता है - जहाँ अपना हक़ मांगते मासूम छात्रों को न्याय नहीं, छर्रे मिलते हैं।
India’s Gen Z isn’t interested in your gimmicks or your one sided friendship, Mr. Modi.
They don't need your inane posts and silly videos. They need answers, accountability and Dharmendra Pradhan's resignation.
Get that? Now go do it!
साहिल हाथ में तिरंगा लेकर चल रहा था पुलिस ने छर्रे दाग कर बुरी तरह घायल कर दिया
नए ज़माने के नए जनरल डायर नरेंद्र मोदी अपने ही लोगों पर सितम कर रहे हैं
और कुछ लोग कहते हैं
"आजादी चरखे से नही आई थी"
●●
यह देश आज भी गांधी का है।
साहस का है
न्याय, सत्य और अहिंसा का है।
इस बेटी की तनी हुई मुट्ठी
गांधी की विरासत है।
ये बच्चे गांधी की विरासत हैं।
ये देश गांधी का रंगमंच है।
ये जिगरा, ये ये मुस्कान, ये आत्मविश्वास -
इनके फेफड़ों में भरी हुई..
गांधी की सांसों ने पैदा किया है।
●●
ये बेफिक्री, ये निर्भयता-
मौत और जेल के डर को कुचल कर,
एक आजाद पीढ़ी ने हासिल किया था।
इसे थाती बनाकर हमने अपने बच्चो को सौंपा है।
इसकी रचना मुट्ठी भर नमक, पाव भर कपास से हुई थी।जो चरखे की तीलियों के घूर्णन से बुनी गयी थी। आज प्रमाण सामने है। देखे, जिन्हें भी संशय हो.
कि आजादी चरखे से नही आई थी?
❤️
Pathetic Sanghis,
You may take over University administration, but don’t be foolish to believe that the youth will ever listen to you.
You are a bunch of complicit cowards - and students have no respect for you.
मोदी ने कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों को निर्देश दिया
• Instagram पर active हों
• युवाओं से connect हों
मेरी एक हिदायत है -कमज़ोर दिल वाले मंत्री ऐसा बिल्कुल ना करें
क्योंकि यूथ जो आपके बारे में कह रहा है और जैसी रील बना रहा है वो झेलना आपके बस की बात नहीं है 🤣😂
वित्त मंत्री निर्मला जी पेपर लीक के फायदे गिना रही हैं
“पेपर लीक होने से बच्चों को पढ़ने का और ज़्यादा वक़्त मिल गया जिससे वह बेहतर कर सके”
चलिए मैडम, अब लगे हाथ जिन 22 बच्चों ने अपनी जान दे दी उसके फ़ायदे भी गिना दीजिए
हद होती है - How brazenly insensitive are you?
ऑपरेशन सिन्दूर के बाद भारतीय सेना के आक्रमण में अगर BJP की नरेंद्र मोदी सरकार ने पाकिस्तान से हमदर्दी न दिखाई होती, और अमेरिका की व्यापार की धमकी में ना आए होते तो हमारी सेनाएँ पूरे पाकिस्तान को नाक रगड़वाने के लिए ठान चुकी थीं
बस मोदी जी कुछ वक्त और रुक जाते, और शहबाज़ शरीफ़ के ऊपर प्रेम न छलकाते तो आज तस्वीर ही दूसरी होती
आख़िर BJP इतनी पाकिस्तानपरस्त क्यों है?
1999
तो बात 1999 के फ़रवरी महीने की 19 तारीख की है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस से वागाह बॉर्डर के रास्ते लाहौर पहुँचे. वहाँ उन्होंने अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ को गले लगाया, और दोनों पक्षों ने लाहौर घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए
लेकिन जब वाजपेयी शरीफ से गले मिल कर उनकी मेहमाननवाज़ी का लुत्फ उठा रहे थे तब पाकिस्तान की सेना कारगिल
में घुसपैठ कर रही थी
वाजपेयी की लाहौर यात्रा के मात्र 3 महीने के अंदर कारगिल की जंग छिड़ चुकी थी
2001
बात जुलाई 2001 की है, अब तक 1999 के कारगिल युद्ध के समय पाकिस्तान आर्मी चीफ परवेज़ मुशर्रफ़ वहाँ के राष्ट्रपति बन चुके थे. उनको वाजपेयी जी ने द्विपक्षीय वार्ता के लिए आगरा के शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया. पर वार्ता विफल रही और आगरा संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए गए
2005
जून 2005 में, तत्कालीन BJP अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी जी एक सप्ताह के पाकिस्तान के दौरे के दौरान जिन्ना की मज़ार पर गए और उनको धर्मनिरपेक्ष बता डाला. आडवाणी जी ने अपने प्रवास के दौरान 3 दिन सिंध में बिताए जहाँ उनका बचपन बीता
2014
दिन 26 मई, साल 2014 नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री पद को शपथ ले रहे थे. उन्होंने एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया था. तमाम राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया था - इसी समारोह में उनके मित्र और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने भी शिरकत की और उनका बेहद गर्मजोशी के साथ मोदी ने स्वागत किया था
2015
दिसंबर 25, 2015 - क्रिसमस का दिन था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस और अफ़ग़ानिस्तान की अपनी यात्रा से भारत लौट रहे थे. अचानक से बिना किसी को बताये वो पाकिस्तान पहुँच गए. नवाज़ शरीफ का जन्मदिन था, उनकी पोती के विवाह का भी कार्यक्रम था. शरीफ की माँ के पैर छुए, बच्चों को दुआएँ दीं, नवाज़ शरीफ के साथ केक काट कर और बिरयानी खा कर ही देश लौटे. मोदी, अटल जी के बाद पाकिस्तान जाने वाले पहले प्रधानमंत्री थे
2016
27 जून, 2016 के दिन वो हुआ जो पहले कभी नहीं हुआ था. पाकिस्तान की बदनाम ख़ुफ़िया एजेंसी ISI को भारत की सरज़मीं पर पहली बार आने की अनुमति दो गई. पाकिस्तान से 5 सदस्यीय टीम जिसमें ISI, मिलिट्री इंटेलिजेंस और पाक पुलिस के लोग शामिल थे - भारत के पठानकोट जाँच के लिए पहुंची. याद रहे, जनवरी में पंजाब हवाई अड्डे पर आतंकी हमला हुआ था - और उसकी मिलकर जाँच करने का फ़ैसला लिया गया था
2025
22 अप्रैल की दोपहर थी, पर्यटक पहलगाम की ख़ूबसूरती को निहार रहे थे, मौसम का लुत्फ उठा रहे थे. तभी 3 आतंकियों ने सरहद के 200 किलोमीटर अंदर घुस कर 26 मासूम लोगों की निर्मम हत्या कर दी
2025
7 मई को सूरज की पहली किरण से पहले भारत की शूरवीर और पराक्रमी सेना ने Operation Sindoor लांच करके पाकिस्तान में आतंकी कैंपों को ध्वस्त कर डाला. लेकिन मोदी जी के मंत्री जयशंकर ने एक सनसनीखेज़ खुलासे में बताया कि उन्होंने पाकिस्तान को कार्यवाही की अग्रिम सूचना दे दी थी. इस स्वीकृति से बहुत सारे सवाल खड़े हो गए हैं - पाकिस्तान पर इतना भरोसा?
2025
11 मई के दिन, भारतीय सेना आक्रामक कार्यवाही करके पाकिस्तान को दिन में तारे दिखा रही थी और पाकिस्तान पूरी तरह से बौखला गया था, तभी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच ceasefire की घोषणा की. जिसका श्रेय वो पिछले कुछ दिनों में सात बार ले चुके हैं और बार बार कहते हैं कि उन्होंने व्यापार की धमकी देकर ये ceasefire कराया है. यही नहीं उन्होंने कश्मीर में हस्तक्षेप करने का और भारत पाक के प्रधानमंत्रियों को एक साथ डिनर पर भेजने के भी दावे ठोक डाले हैं. लेकिन मोदी जी के मुँह से इस पर एक शब्द नहीं निकला है. यह सीधे सीधे हमारी संप्रभुता पर प्रहार है
दरअसल ये मिली-जुली कुश्ती है. पाकिस्तान का जन्म ही BJP वाली विचारधारा से हुआ है. उस देश की परिकल्पना ही इन लोगों ने की
और भारत में जब-जब इनकी सरकार आती है, पाकिस्तान के मज़े ही मज़े रहते हैं. दुनिया को थोड़ी सी नूराकुश्ती दिखाते हैं और उधर पाकिस्तान दुनिया में भीख मांगने निकल पड़ता है, और इधर BJP वाले वोट मांगने
लेकिन सच कहाँ छुपाए छुपता है? सच की तो समस्या ही यह है कि उसे सात तालों में बंद कर लीजिये, वो एक न एक दिन बाहर आ ही जाता है
20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 19 साल के साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला किया।
साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है मगर परिवार को सहारा देने के लिए वो पार्ट-टाइम कार भी चलाता है। वो खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है। अब उसे डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दिया है और फिर से पेपर लीक हो जाएगा।
इंसाफ़ और बेहतर भविष्य की मांग के साथ वह प्रदर्शन में शामिल हुआ था। आज हालत ये है कि उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा है।
ये सज़ा मिलती है हमारे छात्रों को सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने की।
हम साहिल के साथ हैं। हम जवाबदेही मांग रहे हर छात्र के साथ हैं।
मोदी जी, देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफ़ी मांगिए, इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कीजिए और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कीजिए।
"The Modi government has not just degraded India’s education landscape but has also made a habit of acting with utter impunity, supreme self-delusion, and abject insensitivity. India’s students have called the Modi regime’s bluff. It is our moral, political, and constitutional duty to stand with them and safeguard their future."
~ Smt. Sonia Gandhi ji, CPP Chairperson
पत्रकार: आपके हाथों में क्या है?
छात्र: ये मोदी की उपलब्धियाँ हैं
पत्रकार: लेकिन ये तो खाली कागज़ है, मुझे तो कुछ दिख नहीं रहा
छात्र: आप नहीं दिख रहा क्योंकि आपने अंधभक्त वाला चश्मा नहीं लगाया है!
👌🔥😂
चर्चा तब होगी जब छात्रों की 3 मांगें मानी जायेंगी
1) भ्रष्ट शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा
2) जिन्होंने छात्रों के साथ बर्बरता की उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही
3) प्रधानमंत्री की माफ़ी