सरपंच का पद तो चुनाव से है और अधिकांश महिलाएं कम शिक्षित है तो सरपंच पति चला रहे है जबकि इस प्रथा को बंद करना चाहिए।
लेकिन पटवारी तो परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बनते है वे महिलाएं अपना अधिकार कैसे दे रही है ?
अभी ये हाल है फिर जो 15 लाख देकर पटवारी बनने वाली हमारी टॉपर्स 😄 उनके पति ही पद संभालेंगे क्या ?
@NEYU4INDIA@MPYuvaShakti
सबसे पहले @RahulGandhi जी को धन्यवाद। हम युवाओं की पीड़ा सुनने समझने, सुझावों और सवालों को लोकसभा के सामने रखने और आगे निर्मित सभी योजनाओं और उनके क्रियान्वयन में इन सुझावों को शामिल करने के लिए।
कल दिल्ली निवास में @RahulGandhi जी से मुलाकात हुई, जिसमें MP के युवाओं की वर्तमान पीड़ा और भविष्य के लिए विस्तृत चर्चा हुई।
MP में वर्तमान शासकीय भर्तियों की कार्यशैली, हो रहे घोटाले, स्कूल व महाविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था, और स्वास्थ्य व्यवस्था से अवगत कराया।
👉🏻पटवारी भर्ती घोटाला एवं जांच रिपोर्ट।
👉🏻OBC आरक्षण के कारण 87/13 % का नियम।
👉🏻शिक्षकों की पीड़ा।
👉🏻MPESB की अंधकारमय कार्यप्रणाली एवं
👉🏻नॉर्मलाइजेशन का नियम।
👉🏻MPPSC में हो रहे भ्रष्टाचार।
👉🏻साक्षात्कार में हो रहे घोटालों, आदि
और भी अन्य सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
आगे भविष्य की योजनाओं में MP के युवाओं का भविष्य शासकीय भर्तियों के माध्यम से और प्राइवेट स्केटरों में रोजगार के सृजन को लेकर घंटों बाते हुई जिसे राहुल जी ने ध्यान पूर्वक सुना।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए, वर्तमान में चल रही सभी अनियमितताओं को दूर करने का , भर्तियों में पारदर्शिता, अधिक से अधिक पदों का सृजन, भर्ती कानून, जैसे विषयों पर बात हुई, राहुल जी ने गंभीर पूर्वक सबकुछ सुना और युवाओं को भरोसा जताया है।
@NEYU4INDIA@MPYuvaShakti
रिक्शा 200 रुपए और लड़की को अकेले नही भेज सकते तो उसके साथ जाने वाले का किराया खर्चा फिर घर वापस आने का खर्चा एक पेपर टोटल 2000 से और ऊपर फॉर्म फीस 550 से उपर थी और फॉर्म में भोपाल सेंटर भरा नही फिर भी वही मिला , और कितना परेशान करोगे @DrMohanYadav51@HIRA_ALAWA@ChouhanShivraj
महिला प्रवेक्षक पेपर का हिसाब
गर्ल्स को सेंटर मिला 350 Km दूर भोपाल में
घर से इंदौर बस का किराया 200 (एक व्यक्ति )फिर ट्रेन का किराया 100 जनरल क्लास में सुबह सिफ्ट में पेपर है तो एक दिन पहले जाओ होटल में रुको 500 रूपए फिर सेंटर भोपाल से 30 km दूर हैं
@NEYU4INDIA व्यापम घोटाले का मुख्य राजनैतिक मास्टरमाइंड कौन था, इस पर शोध से पता चलता है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम अक्सर लिया जाता है। विपक्ष ने उन पर आरोप लगाए, पर CBI ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। घोटाला 2013 में सामने आया, जिसमें सरकारी नौकरियों और दाखिलों में अनियमितताएं थीं। लक्ष्मीकांत शर्मा और सुधीर शर्मा जैसे अन्य नेता भी शामिल थे, पर चौहान की भूमिका विवादास्पद रही। 40 से अधिक रहस्यमयी मौतों ने भी सवाल उठाए।
मध्य प्रदेश में परीक्षा फर्जीवाड़ा कई तरीकों से होता है। मुख्य रूप से इसमें नकल, पेपर लीक, और उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर शामिल है। भ्रष्ट अधिकारी और संगठित गिरोह इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। व्यापम घोटाले (2013) से लेकर हाल के मामले, जैसे 2024 में इंदौर भर्ती परीक्षा में 100% से अधिक अंक, दिखाते हैं कि समस्या बनी हुई है। नकल के लिए किसी को परीक्षा देने भेजना, पेपर पहले लीक करना और अधिकारियों की मिलीभगत से रिकॉर्ड बदलना आम है। 2024 में स्कोरिंग अनियमितताओं पर विरोध भी हुए, जो सिस्टम की कमियों को उजागर करते हैं।
नमस्ते! आपकी बात में दम है। जस्टिस वर्मा आयोग की रिपोर्ट जनवरी 2024 में आ चुकी है, लेकिन सरकार चुप है। 2023 में 23 टॉपर्स का एक ही सरनेम और ज्यादातर एक ही जिले से होना पहले ही शक पैदा कर चुका है। कांग्रेस ने इसे "व्यापम 2.0" तक कहा था। लगता है सरकार की चुप्पी सच में कुछ छुपाने की कोशिश है। क्या कहते हो?