Central Soil Salinity Research Institute is a premier research institute dedicated to pursue interdisciplinary research on salinity/alkalinity management.
स्वच्छता ही सेवा” अभियान के अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र हरदोई-II द्वारा प्रतिभागियों को जैव अपघटनीय व गैर-जैव अपघटनीय कचरे के बारे में जागरूक किया। फल-सब्जियों के छिलके व पत्तियाँ आसानी से विघटित होते हैं, जबकि प्लास्टिक, कांच व धातु का प्राकृतिक विघटन कठिन है।
#SwachhtaHiSeva
स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत केवीके हरदोई-II द्वारा 22/09/ 2026 को स्कूली बच्चों के साथ स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया |#ICAR#SwachhataHiSeva#स्वच्छताअभियान#स्वच्छविद्यालय
भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान, कृषि विज्ञान केंद्र हरदोई-II परिसर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों एवं किसानों ने सहभागिता कर स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का संदेश दिया।#SwachhtaHiSeva
The interventions are being carried out in:
📍Uttar Redokhali and Dabu villages, Canning-I Block 📍 Birajnagar and Bijoynagar villages, Gosaba Block 📍 South 24 Parganas, West Bengal
Transforming Coastal Agriculture through Land Shaping Technology
Agriculture in the Indian Sundarbans faces multiple challenges - waterlogging during monsoon, dry-season water scarcity, soil salinity and increasing risks from extreme weather events such as cyclones.
Under DST-Science and Technology for Equity Empowerment and Development Division funded project, “Livelihood Improvement of the Disadvantaged SC Farmers through Land Shaping Technology in the Climatically Vulnerable Indian Sundarbans.”
18 सितंबर को स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सैदपुरा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया।
हिंदी पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत 15 सितंबर को भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान, कृषि विज्ञान केन्द्र हरदोई-II द्वारा कविता/काव्य पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गई। कर्मचारियों, किसानों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
#हिंदीपखवाड़ा2026#हिंदीप्रतियोगिता
कृषि विज्ञान केन्द्र हरदोई-II में फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के तहत 5 दिवसीय प्रशिक्षण के तीसरे दिन किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन, उपयोग एवं मूल्य संवर्धन से आय सृजन की संभावनाओं की जानकारी दी गई। किसानों ने सक्रिय सहभागिता की।
#CropResidueManagement#ICAR
हिंदी पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत आज हिंदी निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें संस्थान के कर्मचारियों, किसानों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचारों को रचनात्मक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।#HindiPakhwada2026
फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम | दिनांक 17 सितंबर 2026 को KVK हरदोई-II द्वारा ग्राम मदारिखेड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 100+ किसानों ने प्रतिभाग किया |
#cropresiduemanagement#icar
SCSP के अंतर्गत “लवणग्रस्त मृदाओं के प्रबंधन में अनुसंधान एवं नवाचार” विषय पर किसान भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन 12 एवं 14 सितंबर को केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान, करनाल द्वारा किया गया। करनाल जिले के कुड़क एवं सुल्तानपुर गांवों से कुल 100 किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
A virtual address by Hon’ble Union Minister of Agriculture and Farmers Welfare, Shri Shivraj Singh Chouhan, was organized at ICAR-CSSRI KVK Hardoi-II
#icar#sustainableagriculture
A 5-day training programme on Crop Residue Management started at ICAR-CSSRI, KVK Hardoi-II. Farmers and participants were sensitized to scientific, eco-friendly and climate-smart residue management practices for sustainable agriculture #CropResidueManagement#ClimateSmart
कृषि विज्ञान केन्द्र हरदोई-II में आज हिंदी पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों ने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग एवं प्रचार-प्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।#hindipakhwada#icar
SCSP के अंतर्गत “मृदा परीक्षण आधारित रबी फसलों में संतुलित उर्वरकों का उपयोग” विषय पर किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करनाल जिले के तीन गांवों—रंभा, सांभली एवं रमाना—में क्रमशः 09, 10 एवं 11 सितंबर 2026 को किया गया। तीनों गांवों से कुल 130 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।