जब एक अहंकार और और दूसरा लालच और तीसरा उदासीनता की दरारों से जर्जर हो चुका होगा तो कब तक खड़ा रहेगा चोथा खंभा अपनी बिक चुकी खबरों की सीमेंट और पहले से तय प्रश्नों के उत्तर की ईंटों को लेकर।
पहले शायद जब ढहेगा वहीं #ihimanshudubey#WorldPressFreedomDay