राहुल गांधी के प्रदर्शन में पहुंचे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से जब SIR को लेकर सवाल पूछा गया, तो उनके जवाबों ने कई सवाल खड़े कर दिए। सवालों का सामना करने के बाद दरबारी पत्रकारों के साथ हुए कथित व्यवहार ने भी चर्चा को और तेज कर दिया। इस वीडियो में देखिए पूरा घटनाक्रम, क्या सवाल पूछा गया, कांग्रेसियों ने क्या जवाब दिया और उसके बाद क्या हुआ। @sarkarprabhat28@vickyshukla354
Oh yeah! This is what was needed. This is what I wanted. The ignored castes must come on roads, create their own leaders, ruthless like those from Jatav/Mahar/Paswan communities, and demand their 'jitni abadi utna haq' in their own quota bracket.
Things are changing.
कुछ लोग खुद को journalist बताते हैं, गले में Press Card लगाते हैं और protests में reporting करने पहुँच जाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि ये cards कहाँ से आते हैं? क्या ये किसी registered media organisation, PIB या state accreditation से जुड़े हैं, या फिर सिर्फ एक पहचान बनाने का ज़रिया हैं? Press Card के नाम पर journalism और influencing के बीच की यह बहस अब और तेज़ हो रही है। @SinghRanu18
लास्ट में जितने देशद्रोही लोग होंगे, जय हिंद जरूर बोल देते हैं। राष्ट्रवादी लोग तो बोलते ही हैं, लेकिन वामपंथी जय हिंद बोले ना, तो अपने हरामपने को छुपाने के लिए बोलता है। वंदे मातरम् भी वो केवल उस समय बोलेगा, जब उसको उसकी जरूरत होगी।
शेक्सपियर का एक कथन है, “Devil can cite scriptures for his own purpose.” यानी शैतान भी अपने बचाव के लिए ग्रंथों का हवाला देता है। ये लोग वही हैं, शैतान।
SIR रिवर्स कर दो, बांग्लादेशियों से वोट गिनवा दो, बाहर के लोग यहाँ भी वोट दे रहे हैं, उधर भी वोट दे रहे हैं, मरे हुए लोगों के नाम वोट हो रहा है, सबको वोट दिलवा दो, ताकि इनके हारने का Margin कम हो।
जीतते तो साले ऐसे भी नहीं हैं। SIR था क्या 2024 में? जीते क्या? 2019 में था SIR? नहीं था ना? फिर भी जीते क्या तुम लोग?
इनकी पूरी जद्दोजहद इसको लेकर है कि कुत्ते की तरह नहीं हारना है।
I gave @Nishuazad11 (Nishu Aazad) a clear and polite opportunity to delete the posts that insult Hindu Deities, Bhagwan Shiv, Bhagwan Shri Krishna, Maa Saraswati, and Maa Durga.
She is a minor. That is why I first asked her, and through her, her father, to take the posts down instead of rushing to legal action. Neither she nor her father deleted those posts. The content remains public.
I was left with no option but to file a complaint against her and her father/guardian for this deliberate refusal.
Disagreement with someone’s faith is a personal choice. It does not confer a licence to mock, degrade or insult the Gods and worship of others.
Freedom of speech is not freedom to outrage religious feelings. Those who post such content, and those who allow a minor’s account to keep it online after notice, must be prepared to face the process of law.
अठालवे जी, जाटव जी और पासवान जी का लक्ष्य इस बच्चे तक आरक्षण पहुँचाने से रोकना है। ये किस जाति का है, पता नहीं, पर इसे आरक्षण चाहिए यह इसकी थाली में पानी का होना बताता है।
पहला, UGC रोलबैक होना चाहिए। दूसरा, आपका जो SC/ST कानून है, वो बहुत ज़्यादा विषैला हो गया है समाज के लिए। और तीसरा, सबसे बड़ा है आपका आरक्षण।
क्रीमी लेयर को इसमें से हटा दीजिए। ये आरक्षण अंतिम पायदान तक पहुँचना चाहिए। मल्लिकार्जुन खड़गे को क्या आवश्यकता है? चंद्रशेखर रावण को क्या आवश्यकता है? बहनजी तीन-चार बार मुख्यमंत्री रही हैं, उन्हें क्या आवश्यकता है? ऐसे कितने नामी IAS हैं, जिनका पूरा परिवार IAS है, वो आरक्षण का क्या करेंगे?
ये आरक्षण ऊपर ही ऊपर वालों को मिलता जा रहा है और नीचे वाला बेचारा कुछ भी नहीं पा रहा।
हमारा आह्वान 150 करोड़ भारतवासियों के लिए है। अगर असमानता है तो समानता लाइए, सबको बराबर करिए।
देश के विभिन्न स्थानों से लोग आरक्षण के विरोध में अपनी बात रखने जंतर-मंतर पहुंचे हैं। कुछ लोग खाली हाथ हैं, जबकि कई प्रदर्शनकारी बड़े-बड़े पोस्टर लेकर पहुंचे और “सियावर रामचंद्र की जय” के नारे लगाए।