ख़ुद मौत के मुंह में और दुआ हमारे लिए कर गयी
सदमा यूँ कि हर याद पे आँसू की आदत पड़ गयी
दिन भी रात लगे,ये जिंदगी बिना रूह की रह गयी
माँ क्या बिछड़ गयी, हमारी दुनिया ही उजड़ गयी
-आनंद राज जैन 🙏🙏
क्यूँ अश्क बहाए जो हो गया सो हो गया
आँसू जो रोक दिया वो कोहिनूर हो गया
दिल इस क़दर टूटा कि पत्थर हो गया
उसे मगर ऐसा तराशा कि मंदिर हो गया
-आनंद राज जैन