उत्तर प्रदेश : सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर के अंदर मौजूद 70 साल से भी ज्यादा पुरानी मस्जिद के निर्माण को जिला प्रशासन ने अवैध माना है !!
ऐसा कहा जाता है कि अंग्रेजों ने कलक्ट्रेट के काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों के लिए यह मस्जिद बनवाई थी। उस वक्त उन्हें नमाज पढ़ने दूर जाना पड़ता था।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के भूमि विवाद में जिला जज की अदालत द्वारा 3 सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश (बेदखली, ध्वस्तीकरण और 6 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति) को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज करने के बाद 4 सितंबर, शुक्रवार को एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट का भारी पुलिस बल के साथ मस्जिद को सील कर आज सुबह 5 बजे अंधेरे में ध्वस्त करने का कार्य न केवल जल्दबाजी में लिया गया कदम है बल्कि मस्जिद पक्ष को उपलब्ध न्यायिक उपचार के अवसर को कमजोर करने और न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण तक पहुंचने से पहले ही कार्रवाई कर देने वाला कदम है।
हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन यह मामला बेहद संवेदनशील है। मस्जिद पक्ष का कहना है कि न्यायालय ने उनके द्वारा प्रस्तुत महत्वपूर्ण साक्ष्यों और ऐतिहासिक दस्तावेजों पर समुचित विचार नहीं किया। उन्होंने पुराने राजस्व अभिलेखों, वक्फ पंजीकरण, 1947 से पहले के अस्तित्व और पूजा स्थल अधिनियम, 1991 से जुड़े प्रावधानों के साथ 1 जनवरी 1911 का बिजली बिल, नगर पालिका परिषद में दर्ज नाम सहित अन्य ऐतिहासिक दस्तावेज अदालत के सामने प्रस्तुत किए हैं।
मस्जिद पक्ष का दावा है कि संबंधित मस्जिद सुन्नी वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है और भूमि वक्फ संपत्ति का हिस्सा है। खेवट नंबर 10/1 का उल्लेख करते हुए यह भी दावा किया गया है कि राजस्व रिकॉर्ड में भूमि वाहिद खान और याकूब खान के नाम दर्ज है तथा संपत्ति 1947 से पहले की है। मस्जिद पक्ष ने जिला अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है।
अब जबकि मस्जिद को ध्वस्त किया जा चुका है, सवाल यह है कि उच्च न्यायालय में कानूनी चुनौती के विकल्प के बावजूद प्रशासन ने इतनी जल्दबाजी में कार्रवाई क्यों की? जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि वे अभी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, इसके बावजूद सुबह 5 बजे इस कार्रवाई को अंजाम देने की क्या आवश्यकता थी? यह कार्रवाई भाजपा सरकार की साम्प्रदायिक राजनीति और अपने समर्थकों के तुष्टीकरण का एक और उदाहरण है।
यह अन्याय याद रखा जाएगा!
बलिया के डीएम ने कहा- हमने बिटिया के घर पर अधिकारी और डॉक्टर भेजे हैं। उसकी रिपोर्ट आज ही आ जाएगी। बच्ची का पैर एक्सीडेंट में टूटा है तो हम उसके इलाज को लेकर भी देख रहे हैं, संभव है कि उसका पैर दोबारा सीधा हो जाए। भविष्य में उसे ऐसे सहारे की जरूरत न पड़े।
बलिया
➡️कक्षा 1 की छात्रा रागिनी ने DM से लगाई गुहार
➡️DM अंकल, मुझे साइकिल दिलवा दीजिए- छात्रा
➡️मैं रोज स्कूल पढ़ने आऊंगी- रागिनी
➡️हादसे में छात्रा का एक पैर हुआ क्षतिग्रस्त
➡️दिव्यांग होने के बावजूद पढ़ाई का जुनून
➡️एक पैर से कूद-कूदकर स्कूल जाती है रागिनी
➡️मनियर के प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में पढ़ती है
➡️रागिनी की मार्मिक अपील सोशल मीडिया पर वायरल
#Ballia #Education #UttarPradesh @dmballia@dayashankar4bjp
यूपी का एक युवा अंकित यादव अपने गांव में सड़क और जल जमाव के लिए धरने पर है।
इसी बीच यूपी पुलिस देखिए कैसे धमकी दे रही है बोल रही फर्जी आंदोलन करते हो।
युवा बोला सामने पानी है निकलवा दीजिए बस।
जनसुनवाई में कार्यालय पहुंचे लोगों की समस्याओं को सुना, संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का तत्परता से निस्तारण किए जाने हेतु निर्देशित किया।
@CMOfficeUP@UPGovt@ChiefSecyUP@InfoDeptUP
*मुजफ्फराबाद ब्लॉक की सड़क गड्ढों में तब्दील:* दर्जनों ग्राम पंचायतों को मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क बदहाल
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@SaharanpurDm@PWDUTTARPRADESH@CMOfficeUP
“ये स्कूटी एक्सीडेंट है?” दिग्विजय भाटी मोहित जाटव को SSP आफिस SOG आफिस में बुरी तरह पीटा गया. करीब 12 घंटे बंधक बनाकर थर्ड डिग्री दी गयी. मामला खुला तो पुलिस ने बताया कि दोनों स्कूटी से गिर गये थे. तभी कुछ तस्वीरें सामने आयी.. ऐसी तस्वीरें जो रूह कंपा दे। सबूत देख लीजिए-
📍मेरठ
लखनऊ के गोमतीनगर में दिनदहाड़े ICICI बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या मिश्रा की गो*ली मारकर ह*त्या! 😱
दिव्या मिश्रा पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं।
पति मानस बाजपेई पर ह*त्या का आरोप है।
मुख्यमंत्री जी अपराधी तो सब प्रदेश छोड़ कर भाग गए हैं फिर ये दिनदहाड़े धड़ाधड़ गो*ली कौन चला रहा।
चालान की बहस के बाद लड़के ने वही दरोगा जी को वर्दी में बीयर लेते देख लिया… कैमरा ऑन होते ही मामला ‘चखना मिशन’ बन गया।
कुछ दिन पहले एक लड़के से चालान को लेकर दरोगा जी से छोटी-सी बहस हुई थी। कुछ दिन बाद वही लड़का बाजार में निकला तो नजर पड़ी – वही दरोगा जी वर्दी में बीयर की दुकान पर खड़े हैं।
लड़के ने कैमरा ऑन किया और पीछे लग गया। दरोगा जी ने 4-5 बीयर कैन और चखना लिया, फिर जीप में जाकर बैठ गए। लड़के ने कैमरा अंदर घुमाया तो सब चेहरा छिपाने लगे, रुमाल से मुंह ढकने लगे।
दरोगा जी बोले – वीडियो बंद करो! धमकी दी और मोबाइल छीनने की कोशिश भी की। वीडियो वायरल होने के बाद दरोगा जी समेत तीन कांस्टेबल सस्पेंड हो गए।
गोंडा में 15 अगस्त को नॉलेज बीम एकेडमी में हिंदू लड़कियों ने बुर्का पहन कर डांस किया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया था।
विवाद के बाद प्रशासन ने स्कूल को सील कर दिया है । जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अमित कुमार सिंह के निर्देश पर जांच की गई, जिसमें स्कूल बिना मान्यता के चलता पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने स्कूल के गेट और दफ्तरों पर ताला लगाकर उसे सील कर दिया है
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील बेहट में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस समस्त अधिकारीगण प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण किया जाना सुनिश्चित करेंगे।
@CMOfficeUP@UPGovt@ChiefSecyUP@InfoDeptUP@SaharanpurCdo
मेरे साथ कुछ भी घटना घटती हैं तो उसके जिम्मेदारी इनकी होगी यह कोई बड़ा षड्यंत्र या झूठा केस में ना फसा दे @Higcourt@uppolice@SaharanpurDm @ChifJusticeup
01, में अब्दुलबारी स्थानीय पत्रकार मुजफ्फराबाद पूर्व में मेरे द्वारा मुजफ्फराबाद चौकी क्षेत्र में हुई कई घटनाओं की खबरों को प्रकाशित किया गया था जिसमें अब चौकी इंचार्ज बबलू कुमार, कॉस्टेबल धनुज कुमार, कॉस्टेबल ललित कुमार मेरे बारे लोगो यह बोल रहे हैं इसका इंतजाम होने वाला है