कोरोना काल से लेकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर तालाबंदी तक। जब-जब संकट के बादल छाये तब-तब भारत ने दुनिया को राह दिखाई। संकट कैसा भी हो PM मोदी की लीडरशिप में भारत आगे ही बढ़ता रहा है। यही असली और मजबूत लीडर की पहचान होती है।
राहुल गांधी का आज का बयान ब���ुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और उनकी अराजकतावादी मानसिकता को दिखाता है।
मैं यह मानत��� हूं कि भारतीय राजनीति में जहां सुचिता, सामाजिकता और एक-दूसरे को सम्मान देने की प्रक्रिया है, उसमें उनका यह बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं मानता हूं कि लगातार हो रही हार और निराशा उनके स्वभाव और चरित्र में दिख रही है। मैं पूछना चाहता हूं, राहुल गांधी जी, आपके पूर्वजों ने इस देश की जमीन और जमीर को हमेशा गिरवी रखने का काम किया। कभी हमारे सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने का काम नहीं किया।
लेकिन हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इस देश की जमीन भी सुरक्षित हुई और देश के लोगों का ज़मीर भी मजबूत हुआ।
आपके शासनकाल में, जब-जब आपके लोगों ने इस देश में राज किया, करप्शन में आकंठ आपकी पूरी सरकार डूबी रही।
आज हम करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हैं। आज हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आतंकवाद जैसी चीजों पर पूर्ण रूप से लगाम लगाने का काम किया गया है और हमारे पड़ोसी भी आज हमारी इस नीति से नतमस्तक नजर आते हैं।
राहुल गांधी जी, आपका बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। आपने केवल नरेन्द्र मोदी जी का ही अपमान नहीं, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता का भी अपमान किया है।
- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin
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‘नंगेपन कांड’ को लेकर 3 सवाल।
1) देश को शर्मिंदा और ख़ुद आधा नंगा करने का हासिल क्या हुआ ?
2) ये शर्टलेस ‘बब्बर शेर’ भाग क्यों रहे थे ?
3) ‘टॉपलेस’ प्रदर्शन के लिए उ��साने वाले ‘टॉप’ नेता ख़ुद क्यों नहीं करते ऐसा प्रदर्शन ?
ये आश्चर्य की बात है कि युवा कांग्रेस की जिस हरकत पर कांग्रेस को शर्मिंदगी होनी चाहिए थी, राहुल गांधी उसे बहादुरी बता रहे हैं. सवाल प्रोटेस्ट पर नहीं है. सवाल ये है कि कांग्रेस ने प्रोटेस्ट के लिए गलत जगह क्यों चुनी? AI पर अन्तरराष्ट्रीय समिट के venue के अंदर जाकर प्रोटेस्ट क्यों किया?
प्रश्न ये नहीं कि सरकार का विरोध किया. प्रश्न ये है कि AI Summit में बहन बेटिय���ं के सामने कपड़े उतारकर युवा कांग्रेस के नेता क्या साबित करना चाहते थे? https://t.co/BvWjp4Kk43
ये हैं, उज़्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री।
राज कपूर की ऐतिहासिक फ़िल्म आवारा का अजर-अमर गीत ‘आवारा हूँ..’ गा रहे हैं।
अद्भुत ! पूर�� स्वर में हैं।अभिव्यक्ति और अंदाज़ भी परफ़ेक्ट है।
उनके गीत पर होले-हौले झूम रहे उज़्बेक श्रोता भी महफ़िल में चार चाँद लगा रहे हैं।
#AwaraHoon
#Uzbekistan
𝐑𝐀𝐇𝐔𝐋’𝐒 ‘𝐕𝐎𝐓𝐄 𝐓𝐇𝐄𝐅𝐓’ 𝐋𝐈𝐄𝐒 𝐄𝐗𝐏𝐎𝐒𝐄𝐃 𝐁𝐘 𝐊𝐀𝐑𝐍𝐀𝐓𝐀𝐊𝐀 𝐆𝐎𝐕𝐓’𝐒 𝐒𝐔𝐑𝐕𝐄𝐘!🚨
𝐀𝐟𝐭𝐞𝐫 𝐚 𝟑𝟏-𝐦𝐢𝐧𝐮𝐭𝐞 𝐩𝐫𝐞𝐬𝐞𝐧𝐭𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧, 𝐞𝐧𝐝𝐥𝐞𝐬𝐬 𝐩𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐜𝐨𝐧𝐟𝐞𝐫𝐞𝐧𝐜𝐞𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐝𝐚𝐢𝐥𝐲 𝐬𝐨𝐮𝐧𝐝𝐛𝐢𝐭𝐞𝐬, 𝐑𝐚𝐡𝐮𝐥 𝐆𝐚𝐧𝐝𝐡𝐢 𝐤𝐞𝐞𝐩𝐬 𝐫𝐞𝐩𝐞𝐚𝐭𝐢𝐧𝐠 𝐨𝐧𝐞 𝐥𝐢𝐞: “𝐕𝐨𝐭𝐞 𝐭𝐡𝐞𝐟𝐭.” ⏱️❌
He questions the Election Commission, casts doubt on EVMs and attempts to erode public faith in India’s democratic institutions without providing a single piece of evidence.
Now comes the ultimate embarrassment for Rahul Gandhi.
𝐇𝐢𝐬 𝐨𝐰𝐧 𝐩𝐚𝐫𝐭𝐲-𝐫𝐮𝐥𝐞 𝐒𝐭𝐚𝐭𝐞 𝐡𝐚𝐬 𝐞𝐱𝐩𝐨𝐬𝐞𝐝 𝐡𝐢𝐦. 📊
A survey published by the Congress-ruled Karnataka government reveals:
--> 𝟗𝟏.𝟑𝟏% citizens say elections in India are 𝐟𝐫𝐞𝐞, 𝐟𝐚𝐢𝐫 𝐚𝐧𝐝 𝐭𝐫𝐚𝐧𝐬𝐩𝐚𝐫𝐞𝐧𝐭 🇮🇳
--> 𝟔𝟗.𝟑𝟗% 𝐚𝐠𝐫𝐞𝐞 and 𝟏𝟒.𝟐𝟐% 𝐬𝐭𝐫𝐨𝐧𝐠𝐥𝐲 𝐚𝐠𝐫𝐞𝐞 that EVMs give accurate results
--> 𝐊𝐚𝐥𝐚𝐛𝐮𝐫𝐚𝐠𝐢, which Congress tried to use to create confusion, shows the 𝐡𝐢𝐠𝐡𝐞𝐬𝐭 𝐜𝐨𝐧𝐟𝐢𝐝𝐞𝐧𝐜𝐞 in India’s electoral process ✅
𝐅𝐚𝐜𝐭𝐬 𝐝𝐨𝐧’𝐭 𝐥𝐢𝐞.
𝐏𝐞𝐨𝐩𝐥𝐞 𝐝𝐨𝐧’𝐭 𝐟𝐚𝐥𝐥 𝐟𝐨𝐫 𝐥𝐢𝐞𝐬.
𝐖𝐡𝐞𝐧 𝐂𝐨𝐧𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐬𝐩𝐫𝐞𝐚𝐝𝐬 𝐝𝐨𝐮𝐛𝐭, 𝐊𝐚𝐫𝐧𝐚𝐭𝐚𝐤𝐚’𝐬 𝐨𝐰𝐧 𝐝𝐚𝐭𝐚 𝐞𝐱𝐩𝐨𝐬𝐞𝐬 𝐭𝐡𝐞 𝐭𝐫𝐮𝐭𝐡 🔍
This isn’t BJP’s claim.
This is the Congress-ruled State’s own report burying Rahul’s lie!
Sa lo se sirf bakchodi kar rahe ho, besharam, nirachar, patal chor sa- le
Agar tumhare tatahakathit Daddy me daam hai tho uska naam bataao, sirf jhuth ka hawa bana rahe ho,
अजीत डोभाल सच जानते थे...
उन्होंने तब तक इंतज़ार किया, जब तक भारत के पक्ष में एक सरकार सत्ता में नहीं आ गई 🔥
> पाकिस्तान करोड़ों रुपये का नकली इंडियन करेंसी रैकेट चला रहा था।
> बेसमेंट में नहीं छपी... बल्कि असली इंडियन करेंसी प्लेट्स का इस्तेमाल कर रही थी।
> और सबसे बड़ा झटका?
> वे प्लेट्स भारत के अंदर से बेची जा रही थीं... सत्ता में बैठे एक सीनियर मंत्री द्वारा।
> जब अजीत डोभाल को इसका पता चला, तो उन्होंने कहा:
“कभी कोई सरकार आएगी जिसको देश की चिंता होगी… तब कुछ करेंगे।”
> क्योंकि उस राज में, काम करने क�� मतलब पॉलिटिकल सुसाइड था।
> इसलिए उन्होंने इंतज़ार किया... साल बीत गए।
> नेटवर्क भारत में नकली नोट भेजता रहा।
> टेरर फंडिंग फली-फूली... ब्लैक मनी बढ़ी।
> और पाकिस्तान हंसा।
📌 फिर 2014 आया।
> एक राष्ट्रवादी सरकार सत्ता में आई।
> और 2016 में, एक फैसले ने पूरे ��कोसिस्टम को तोड़ दिया। > नोटबंदी का टारगेट सिर्फ़ ब्लैक मनी नहीं था।
> इसने रातों-रात पाकिस्तान के नकली करेंसी नेटवर्क पर रोक लगा दी।
> बेकार नोटों के गोदाम... टेरर फंडिंग खत्म हो गई।
> हवाला चेन खत्म हो गईं।
> पाकिस्तान की अंडरग्राउंड इकॉनमी को सीधा झटका लगा।
यह कोई अचानक लिया गया इकॉनमिक कदम नहीं था...
यह नेशनल सिक्योरिटी पर हमला था... बिना गोली चलाए।
जो लोग चिल्लाते हैं “असुविधा का क्या?”, वे कभी नहीं पूछते:
👉 दशकों तक इस रैकेट को किसने बचाया?
👉 प्लेटें किसने बेचीं?
👉 चुप्पी से किसे फ़ायदा हुआ?
उन लोगों को कभी मत भूलना, जिन्होंने इस फ़ैसले का विरोध किया..✋
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी , आरजेडी, या कोई भी क्षेत्रीय पार्टी जो सभी वंशवादी हो चुके है ��सा निर्णय लेकर दिखाए जो भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनकर दिखाया है ।
@nishikant_dubey हमारे बिहार में तुम जैसे लोग को थू थूर कहते हैं, जाली डिग्री वाले सिर्फ अपनी जवाबदेही से बचने के लिए सब में नेहरू जिम्मेदार है, 11 बरसों से सिर्फ घास छील रहे हो, डर फैलाना बंद करो,वि��्ञान से बात करो सत्ता में हैं तो जवाबदेही लो,देश को अफवाह नहीं, तथ्य और समाधान
भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरु जी ने 1964 में तथा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा जी ने 1967,1969 में अमेरिका के CIA से मिलकर न्यूक्लियर जासूसी उपकरण चीन के लिए हिमालयन नंदा देवी में स्थापित करवाया ।सभी उपकरण वहीं छोड़कर अमेरिकी भाग गए ।आज गंगा किनारे रहने वाले लोगों को उत्तराखंड से लेकर बंगाल तक कैंसर की बीमारी बढ़ने का यही कारण तो नहीं है? हिमालयन क्षेत्रों में ग्लेशियर का पिघलना,बादल फटना,मकानों में दरार आना क्या यही वजह है? लोकसभा में 1978 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई जी ने यह स्वीकार किया था ।अभी अमेरिका के प्रसिद्ध अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है ।समय है अपने बच्चों को बचाने का
In the last 30 months, Chief Minister Siddaramaiah’s travel by special aircraft and helicopters has cost taxpayers ₹47.38 crore.
At a time when Karnataka is still grappling with challenges in infrastructure, rural development, healthcare, and education, such heavy spending on VIP air travel raises serious questions:
•Is this the best use of public money?
•Do frequent helicopter trips, including short-distance routes, reflect responsible governance?
•Shouldn’t fiscal discipline start from the top?
With so many urgent public needs waiting for attention in Karnataka, it’s fair for citizens to ask whether the Congress government’s priorities are truly aligned with the people’s.