हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न - हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।
सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। पिछले 4 महीनों में सैदुलाजाब में ऐसी त्रासदी में 6 लोगों की मौत हुई, हौज़ रानी में आग ने 22 जानें ले लीं। हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं - और हर बार कार्रवाई गायब रहती है।
और जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको “दिमागी नक्सल, नाराज़ फूफा” जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं - मकसद, सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करो, बदनाम करो और चुप करा दो।
12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की। दिल्ली में "ट्रिपल इंजन" सरकार है, तो अब किस बात से लाचार है?
लाचारी है नीयत की - क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती।
There Is No Accountability.
#TINA
Sc मनीष कुमार
लिखित परीक्षा अंक=89.93
इंटरव्यू अंक=6
सुदामा कोटे वाला कौशल राजपूत
लिखित परीक्षा अंक=74.5
इंटरव्यू अंक=13
यह जातीय आतंक आधारित बहुजन विरोधी इंटरव्यू प्रणाली समाप्त होनी ही चाहिए
विकसित भारत में मरने के 10 तरीके
यहां मरने के लिए बीमारी होना भी जरूरी नहीं है…
1. स्कूल की जर्जर बिल्डिंग गिर जाए, तो जान जा सकती है।
2. हॉस्टल या PG की इमारत ढह जाए, तो भी जिंदगी खत्म हो सकती है।
3. कार खुले नाले में गिर जाए और समय पर रेस्क्यू न मिले, तो डूबकर मर सकते हैं।
4. पैदल चलते हुए खुले नाले में गिर जाएं, तो भी जान जा सकती है।
5. बारिश में सड़क पर चलते हुए बिजली के पोल से करंट लग जाए, तो मौत हो सकती है।
6. होटल में आग लग जाए और इमरजेंसी एग्जिट न मिले, तो बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिल सकता।
7. पुलिस एनकाउंटर में मारे जा सकते हैं।
8. पुलिस लॉकअप में बिना एनकाउंटर के भी जान जा सकती है।
9. रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रक से टक्कर हो जाए, तो जिंदगी खत्म हो सकती है।
10. सड़क के बीचों-बीच खुदे गड्ढे में बाइक गिर जाए, तो भी मौत हो सकती है।
जानलेवा बीमारी नहीं हुई है, फिर भी, अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज की बारी का इंतजार करते-करते जान जा सकती है।
“चौ चरण सिंह ने हर मीटिंग में एक बात कहीं थी, उसने कहा था किसानों तुम मेरे से नाराज़ हो, मुझे वोट मत दियों, कम्युनिस्टों को दे दियों, लेकिन BJP को मत दे दियों| BJP देश को खा जायेगी और किसानों को बर्बाद कर देंगी, आज वो ही हो रहा है"