@naveenricha@dmbas_@ChiefSecyUP@SarvendraEdu@MahendraKapoor6@abrsmbharat BSA को शायद पता नहीं है कि उनके के कार्यालय से बिना किसी अवकाश के फाइलें और सामान गायब हो जाते हैं वह इसके लिए खुद जिम्मेदार क्यों नहीं होते ?क्या उनसे रिकवरी नहीं होनी चाहिए सिर्फ अध्यापकों से ही रिकवरी की बात की जानी चाहिए।
प्रसूता, बाल्यकाल देखभाल एवं मेडिकल अवकाश BSA संत कबीर नगर द्वारा 15-15 दिन बीत जाने के बाद भी स्वीकृत न किया जाना कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार का द्योतक है जो उ.प्र. सरकार के सुशासन के खिलाफ है।
@DistrictSant
@CMYogiAdityaNat@CMOfficeUP@basicshiksha_up@directorbasicup
संजीवनी से कम नही पुरानी पेंशन को मुख्य मुद्दा बनाकर #Uppss के तेजस्वी संघर्शील अध्यक्ष
@DrDCSHARMAUPPSS ने
विगत कई वर्षों से शिक्षक ,कर्मचारियों को यही समझाया और संघर्ष भी किया कि
संजीवनी से कम नही है पुरानी पेंशन,और नारा दिया कि पेंशन नहीं तो वोट नहीं।
इसमें बेसिक,माध्यमिक,महाविद्यालय,विश्वविद्यालय,संस्कृत,मदरसा आदि का कोई भी शिक्षक शामिल नहीं किया गाया।इसकी सबसे ज़्यादा आवश्यकता अल्प वेतन भोगी संविदाकर्मियों को है उनको भी शामिल नहीं किया गया।
#फ़र्क़_बिल्कुल_साफ़_है