One of demands of Harsh Dubey👇
-Asking for economic reservation in private universities.
This is what happens when someone with no clue about reservation, becomes a self appointed leader!!!
We absolutely reject this idiotic demand.
आरक्षण जातिवाद की वजह से है-ये कहने से पहले डेटा जांच लें!
सबसे ज़्यादा जातिवाद आरक्षण लेने वाले लोग करते हैं!
आरक्षण प्रतिनिधित्व के लिए है-ये khne वाले डेटा जांच लें!
हर कैटेगरी में चंद जातियाँ आबादी से ज़्यादा प्रतिनिधित्व ले चुकीं हैं!
तो इसलिए डेटा ज़रूरी है-
क्योंकि ये आपके झूठे दावे की पोल खोलता है!
डेटा ज़रूरी है क्योंकि कोर्ट में केस डेटा पर लड़ा जाता है! डेटा दिखाकर ही आरक्षण दिया जाता है और डेटा दिखाकर ही आरक्षण में बदलाव भी होगा!
बातें कितनी भी हो जाएं, काम अंत में डेटा ही आता है🙏
Ambedkar & B N Rau: Twin Anti-Hindu Architects
It is an undeniable truth, as certain as the sun rising in the east, that India's Constitution is anti-Hindu in both letter and spirit.
The initial draft was crafted by Constitutional Advisor B.N. Rau, Nehru's trusted aide, who largely paraphrased it from the colonial Government of India Act, 1935.
Ambedkar, as Chairman of the Committee to Scrutinise the Draft Constitution, merely edited Rau's work, incorporating reports from committees chaired by Nehru, Patel, and others—not authoring it himself.
Hindus must confront this stark reality: Shattering the falsehood of Ambedkar as the Constitution's sole creator and instead exalting B.N. Rau achieves nothing.
As a Brahman, B N Rau bore substantial responsibility for embedding a structure that subjugates Hindus and Hindu religion.
But the gravest harm stemmed from Sardar Patel, a fellow upper-caste leader, who presided over the Advisory Committee on Fundamental Rights, Minorities, and Tribal & Excluded Areas. His panel's decisions entrenched special privileges for minorities, denied #EqualRightsForHindus, and splintered Hindu society via the Fifth and Sixth Schedules, paving the way for vanvasi isolation and rampant conversions that erode our civilisational core.
Upper-caste activists who rightly dismantle the Ambedkar drafter myth while glorifying B N Rau betray their own ignorance, shortsightedness, or duplicity. They simply exchange one perpetrator of this anti-Hindu edifice for another, vaulting from the frying pan into the fire.
No more paeans to B N Rau or these flawed figures of the Constituent Assembly, irrespective of caste, region, or language—all of them are responsible for inflicting this anti-Hindu Constitution on us.
Hindus, of all castes, regions, and languages, must unite and insist on a new Constituent Assembly to enact a fresh Constitution anchored in our ancient civilisational ethos, reclaiming true equality, sanctity, and sovereignty.
JP नड्डा जी कोई फर्जी डेलीगेशन स्वीकार नहीं।
हमने लाठी डंडे खाए है। लहू बहाया है।
@JPNadda जी तानाशाही मनमानी गंदी राजनीत बर्दाश्त नहीं आप नहीं माने तो अपने रक्त से लोकसभा की सड़कें लाल कर देंगे।
पूरा देश देखेगा @BJP4India के कारण देश बंटा आपकी राजनीत का अंतिम समय होगा।
अभी का आंदोलन GC के survival के लिए है, इसको हमने शुरू किया है!
हमारी बात सुने बिना आंदोलन ना खत्म होगा, ना लोग चुप होंगे!
आंदोलन किसी चेहरे का नहीं, मांगों का है!
और GC को पूरा हक है आरक्षण में वर्गीकरण, आरक्षित वर्गों में जातिवाद और क्रीमी लेयर वगैरह की बात करने का!
क्योंकि आरक्षण में सुधार नहीं होता है और सारा बोझ GC पर फेंका जाता है!
जब कुछ जातियाँ आबादी से अधिक प्रतिनिधित्व ले चुकीं हैं, तो किस मुंह से तुम आरक्षण बढ़ा रहे हो, उनको बाहर क्यों नहीं निकालते?
तो GC क्यों नहीं बोलेंगे?
जब आरक्षित वर्ग के लोग सबसे ज़्यादा जातिवाद करते हैं तो किस मुंह से जातिवाद की कहानियां सुना कर GC को guilt trip में डालते हो? तो GC इस hypocrisy पर क्यों न बोले?
अमीर लोग आरक्षण लें, और फ़ोटो तुम सीवर साफ करने वाले की दिखाओ! और GC को नीचा दिखाओ कि वो सामाजिक न्याय के खिलाफ हैं!
तो GC क्यों नहीं इस ड्रामेबाजी पर बोलें?
तो आरक्षण में सुधार लाओ, अपनी कमियां हमपर थोपना बंद करो!
और हमको पूरा हक है कि हम सबकी बात उठायें! और जिनको भी आरक्षण सुधार चाहिए, उनका पूरा स्वागत है! लेकिन आंदोलन शुरू जिन्होंने किया है उनकी बात ज़रूर सुनी जाएगी, बिना उसके आंदोलन खत्म नहीं होने वाला🙏
सवर्ण समाज की और से करणी सेना ने राजस्थान नगर निकाय चुनाव व पंचायतीराज चुनावो में BJP का बहिष्कार किया व हराने का प्रण लिया
- महिपाल सिंह मकराना
#mahipalsinghmakrana#UGCRollBack
नवनियुक्त IT सेल ने पिछले दो दिनों में दो योजनाओं का क्रियान्वयन किया है:
1. RW के कुछ लोगों को पैसे दे कर 'टूलकिट', 'धर्म के गद्दार', 'मोदी-योगी को हटाने के षड्यंत्रकर्ता' जैसे शब्दों के साथ RHA के लोगों को परोक्ष रूप से निशाना बनाना
2. भाजपा प्रायोजित हर्ष दूबे और नड्डा जी की मीटिंग की बात पर प्रश्न उठाने वाले वास्तविक लोगों को यह कह कर डिसक्रेडिट करना कि 'इनकी दुकान बंद हो जाएगी'
बात यह है कि दोनों ही नहीं चलने वाले! पुराने स्क्रीनशॉट्स निकाल कर मुझे कर पाए डिसक्रेडिट? सात महीने से %₹ घिस लिए, मेरी #@ उखाड़ पाए तुम सब मिल कर? तुम्हें सच में लगता है कि हर्ष दुबे ने यह सब खड़ा किया है? दो लाइन बोल पता है आरक्षण पर ठीक से? उसे तुमने ही प्लांट किया, तुम ही समझौते कर रहे हो।
और हास्यास्पद बात यह है कि ये सब बकलोली करते हुए हम पर ही आक्षेप कि हमारी दुकान बंद हो जाएगी। ठीक है, तुम खेलो मीटिंग-मीटिंग, देखते हैं कहाँ पहुँचते हो इस ग़ज़ब की तकनीक से, जो इतनी बात प्रयुक्त हो चुकी हैं कि अब आश्चर्य भी नहीं होता।
अगर आपको लगता है कि एक बच्चे को पकड़कर, उससे अपनी बात कहलवाकर इस आंदोलन को रोक देंगे, तो ऐसा नहीं होने वाला। इसमें कोई एक चेहरा हर्ष दुबे नहीं था, बल्कि लाखों लोग शामिल थे और यह उनकी लड़ाई है।
इसीलिए RHA Reforms की माँगें जब तक पूरी नहीं होंगी, यह आंदोलन चलता रहेगा।
पैरों में जंजीर बांधने के बाद भी मीणा जी ST में 4.5% होने के बावजूद 48% सीट लेकर बैठे हैं!
मतलब ये कैसी जंजीर कि आबादी से 10 गुना प्रतिनिधित्व लेकर बैठे हो?
हमको भी चाहिए ऐसी जंजीर!!😂😂
कृपया मुझे इस बात पर भावनात्मक ब्लैकमेल न करें कि मोदी जाएगा तो राहुल आ जाएगा, योगी जाएगा तो अखिलेश आ जाएगा। इस दोनों परिस्थिति की चिंता भाजपा को करनी चाहिए कि इनके आने से इनका क्या होगा। इन नेताओं और पार्टी पर ऐसे लोग कैसे-कैसे प्रतिबंध डालेंगे।
मैं इन बातों का लोड नहीं लेता क्योंकि मेरे लोड लेने, या ना लेने, से कोई अंतर नहीं पड़ता। मैं सामान्य वर्ग के अधिकारों के लिए लड़ता रहूँगा। कल को कोई ऐसी पार्टी आई जो, आप जैसा कह रहे हैं की बदतर बना देगी, तो उस से सड़कों पर निपट लेंगे। उनको वैसे भी सड़कों की क्रांति पर ऑर्गैज़म आ जाता है।
आपसे तो केवल शब्दों से लड़ रहे हैं। यदि किसी को यह भ्रम है कि सवर्णों का रक्त रंगहीन जल बन चुका है, और उस से वीरता का वाष्पीकरण हो चुका है, तो हम वहीं हैं जिन्होंने लहू से सने जनेऊ मनों में तुलवाया था धर्म रक्षा हेतु। हम वही हैं जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में फाँसियाँ झेलीं। हम वही हैं जो अंग्रेजों के विरोध में बिगुल फेंका। और हम वही हैं जिन्होंने मुगलों के होते हुए भी धर्म की रक्षा की।
जो लोग शब्दों से समझ सकते हैं वो समझें। हम बिकाऊ राजनेताओं के राजनैतिक समीकरणों के वेरिएबल्स नहीं हैं कि जब इच्छा हुई, जो मन में आया वो कर लिया। हमने आशा दिखाई कि आपके पास विज़न है, और आप 'विकसित भारत' के नाम पर एक जातिवादी समाज देश पर थोप रहे हो जहाँ प्रतिभा को आगे बढ़ने के लिए हर मार्ग पर आपने गड्ढे बना रखे हैं!
अतः, यह धर्म की लड़ाई है, समाज की लड़ाई है और देश की लड़ाई है। प्रतिभा को कूड़ेदान में रखने वाला राष्ट्र कभी भी विकसित नहीं हो सकता। ऐसे राष्ट्र में रेवड़ियाँ बाँटी जाती रहेंगी और वह अंततः वेनेजुएला बन जाएगा। इसलिए, समय रहते या तो हम इनसे तंत्र को ठीक करवाएँगे या अपने जीवन की परवाह किए बिना इस समर में कूदेंगे।
मैं नेता नहीं हूँ। मैं कुछ भी नहीं हूँ। मैं कल को रहूँ या ना रहूँ, यह विषय ही समाज का नेतृत्व करेगा। और जब समाज का हर व्यक्ति अपनी चिंता, अपने बच्चों से जोड़ कर करने लगेगा, तब सत्ता को भयाक्रांत होना चाहिए।
मेरी योजना ओपन-सोर्स है। मुझे किसी पुस्तक की आवश्यकता नहीं है। मैं छुप कर अचानक से कुछ नहीं करूँगा। मैं जो करूँगा, मैंने वह कई बार लिखा है और वही करता हूँ। मैं सचेत करने के प्रयास करता हूँ, मैं प्रॉपर चैनलों से आप तक बात भी पहुँचाता हूँ परंतु यदि तुम नहीं मानते, तो मेरा क्या दोष!
संसद में सामान्य वर्ग की बात करने वाला एक भी व्यक्ति क्यों नहीं है? OBC के क्रीमी लेयर और EWS की क्वालिफिकेशन में इतनी असमानताएँ क्यों हैं? सवर्णों के टैक्स के पैसे से SC/ST/OBC की योजनाएँ फाइनेंस होती रहेंगी और हमारे बच्चे लोन के लिए मरते रहें जो उन्हें मिलता नहीं?
उनके पिता ६०% के ब्याज दर पर पैसे ले कर उसे हर महीने भेजते रहें और तुम घनघोर अयोग्य लोगों को कोचिंग दो, फिर मेरिट में छूट दो, फिर वो क्लास में कुछ ना उखाड़ पाए तो आगे PG में फिर से छूट दो, फिर नौकरी में छूट, प्रमोशन में छूट... ये अनंत काल तक चलता रहेगा?
दिस हैज टू बी फकिंग स्टॉप्ड! एंड वी विल नोट कॉम्प्रोमाइज एन इंच नाउ!
SC/ST Act की FIR से पीड़ित हैं? चुप मत बैठिए।
अगर आपको लगता है कि आपके खिलाफ झूठी या फर्जी FIR दर्ज की गई है, तो अपनी बात और दस्तावेज़ों के साथ हमसे संपर्क करें।
📞 8882002222
आपकी आवाज़ सुनी जाएगी।
शेयर कीजिए—हर पीड़ित तक पहुँचना है।
#StopMisuseOfSCSTAct
मैंने आरक्षण और झूठे जातिवाद पर ये पॉडकास्ट किया है।
आसान भाषा में लोगों को जानकारी देने का प्रयास किया है।
एक सैंपल इस वीडियो में देख सकते हैं।
पूरे पॉडकास्ट का लिंक कमेंट सेक्शन में👇
ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर कीजिए।
जागरूकता फैलाने में मदद करें🙏
UGC रोल बैक, आरक्षण खत्म आंदोलन में ये मासूम बेटा भाई देवेंद्र सिंह पलाड़ा शहीद हो गए😭
इनका संघर्ष ब्यर्थ नही जाना चाहिए मित्रो😭😭
देवेंद्र की आत्मा को प्रभु अपने चरणों मे स्थान दे🙏😭😭😭😭
No Ex-Chief Minister is mentoring
No political party is funding
No mainstream media is covering
This is a movement born out of public anger & feedback.
Keep supporting and we will WIN!
National Commission for General Category, which will work towards:
1. Reducing caste-based reservation over time and shifting towards income-based reservation.
2. Ensuring equal criteria for EWS as for reserved categories across all government schemes and policies.
3. Including GCs in government welfare schemes.
4. The Commission will also serve as a dedicated platform to address discrimination, grievances, and policy concerns affecting EWS and General Category communities.
These are preliminary demands. More detailed demands will follow.
पहली आहुति है अभी, यज्ञ चलने दो,
दो हवा, देश की आज जरा जलने दो।
जब हृदय-हृदय पावक से भर जायेगा,
भारत का पूरा पाप उतर जायेगा;
देखोगे, कैसा प्रलय चण्ड होता है !
असिवन्त हिन्द कितना प्रचण्ड होता है !
-दिनकर (परशुराम की प्रतीक्षा, १९६२-६३)