तूने एक गिनवाया है मैं तुझे 11 गिनवाऊंगा....👇
1.मंगल पांडे
2.पंडित रामप्रसाद बिस्मिल
3. चंद्रशेखर आजाद
4.तात्या टोपे
5.वीर सावरकर
6.भगवती चरण
7.राजगुरु
8.सुखदेव
9. लाला लाजपतराय
10. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस
11.डॉक्टर शंकरदयाल शर्मा...!
और ये लिस्ट यही खत्म नहीं है उसके बाद भी बहुत सारे है ।
आज एक समाचार देखा कि इंडिगो के पायलट पर ट्रेनी पायलट ने 'मोदी एक्ट' लगवा दिया क्योंकि उसे 'नॉट फिट टू फ्लाई' कहा गया था। ये तो चलिए बाहर आ रहा है हर दिन, पर एक ज्वालामुखी जो मोदी और भाजपा ने सरकारी कार्यालयों में बो रखा है, उसकी स्थिति और विकट है।
मोदी जी के प्रियजन ना काम करते हैं, हल्ला खूब मचाते हैं, समय से आने-जाने पर भी बहुत अधिक रोक आदि नहीं है, प्रमोशन भी समय से पहले इनका ही हों है, तो उनको बस एक काम ही बचता है: मोदी एक्ट लगा कर अपने विरोधियों (जिसे वो ऐसा मानते हैं) को नौकरी से निकलवाना या सस्पेंड करवा कर प्रताड़ित करना।
जब इंडिगो जैसी घटनाएँ होती हैं, तो स्पष्ट संदेश यह जाता है कि मोदी एक्ट लाभार्थियों को नौकरी पर रखने से पहले १० बार सोचो कि कार्यालय में ये क्या-क्या करेंगे। पौने तीन लाख केस पेंडिंग हैं इस एक्ट में। हज़ारों करोड़ कंपनसेशन दिया जा चुका है।
मोदी अपनी बंसी बजा रहा है:
मोदीया की बंशी पुकारे दलित नाम,
पीड़ित का भी काम करूँ, शोषित का भी काम!
मोदीया की बंशी को बजने से काम
वंचित का भी नाम मैं लूँ, दलित का भी नाम!
इस पर कब मुक़दमा होगा?
सरेआम ऐसे पोस्टर शेयर करने के बाद सभा की जा रही है। @DelhiPolice को यह सब दिखाई नहीं पड़ता क्या?
क्या कभी इससे पहले इतना खुलेआम ब्राह्मणों के विरुद्ध ज़हर फैलाया गया?
खरीदने के लिए पैसा होना चाहिए। वो पैसा भी इनको दूसरों के वेल्थ रीडिस्ट्रीब्यूशन से चाहिए।
इस विचारधारा के चिरकुटों में भिखमंगा सिंड्रोम गजब स्तर का है।
स्मित मच्छार एक वीर भारतीय हिंदू हैं। वो हिंदू धर्म के नागर ब्राह्मण समाज से हैं। देश, समाज, संस्कृति और धर्म की रक्षण में नागर ब्राह्मण समाज का योगदान हमेशा से रहा है:-
गुजरात के नागर ब्राह्मण गुजरात की ऐतिहासिक रूप से सबसे प्रभावशाली, शिक्षित और सामाजिक-राजनीतिक रूप से प्रमुख ब्राह्मण समाज में माने जाते हैं। ऐतिहासिक रूप से वे प्रशासनिक कुशलता, साहित्य के संरक्षण तथा भगवान शिव की भक्ति के लिए जाने जाते रहे हैं।
परंपरागत रूप से नागर ब्राह्मणों का संबंध हाटकेश्वर महादेव से माना जाता है! ये उनके कुलदेवता हैं।MP के खंडवा, खरगोन, सेमली (शाजापुर), उज्जैन, इंदौर, रायपुर (CG), राजस्थान में प्राचीन हाटकेश्वर महादेव के मंदिर हैं।
ये समाज विभिन्न गुजराती राजवंशो के शासन के दौरान सलाहकार, मंत्रियों और विद्वानों के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।
स्कन्द पुराण, विशेष रूप से उसके नागर खंड के अनुसार अनर्त के राजा चमत्कार किसी त्वचा संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। स्थानीय तपस्वियों/ब्राह्मणों ने औषधीय जड़ी-बूटियों की सहायता से उनका उपचार किया। इससे प्रसन्न होकर राजा ने उन्हें भूमि दान में देने की पेशकश की।
कई पारंपरिक ब्राह्मण समुदाय जिनकी मुख्य भूमिका पुरोहिताई और धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित थी वहीं नागर ब्राह्मणों ने स्वयं को विद्वान, राजनेता, प्रशासक और राजनयिक के रूप में भी स्थापित किया।
आज मित मच्छार ने भी अपने कुल, परम्परा, समाज, धर्म और राष्ट्र का नाम विश्व पटल पर ऊंचा कर दिया है। जिन्हें अमेरिका से लेकर इजराइल तक के राष्ट्राध्यक्ष सैल्यूट 🫡 कर रहे हैं।
ये किसी एक परिवार या समाज के नहीं बल्कि पूरे देश के नायक हैं। आज पूरी दुनिया इन्हें हीरो मान रही रही।
आज एक बात पता चली कि DU में जो प्राध्यापकों को केबिन मिलता है, वह वरीयता के आधार पर नहीं, जाति के आधार पर मिलता है। वहाँ भी आरक्षण किया है सरकार बहादुर ने।
यानी, आप वरिष्ठ हैं, पर यदि कोई दलीत-पीड़ीत-शोषीत भाई है, तो उसे कनिष्ठ होने पर भी केबिन मिल जाएगा। आप बाहर टहलते रहिए और केतली से खौलती लाल चाय को प्लास्टिक के कप में बर्फ के टुकड़ों पर डाल कर ‘आइस टी’ मानते हुए कलेजे को ठंढा करिए।
सुधिजनों से अनुरोध है कि इस शंका का भी समाधान करें कि प्रोफेसरों में वर्ष भर के अनुभव वाले सहायक प्रोफेसर आदि से ऊपर वालों को EWS का आरक्षण कैसे मिलेगा? एड-हॉक वाले भी आठ लाख से अधिक कमाते हैं, तो कैसे भरती होंगी ये सीटें?
मैं तो यह सोच कर सिहर जाता हूँ कि अगर वह को-पायलट अपने मंसूबे में कामयाब हो जाता तो कैप्टन स्मित के बारे में क्या जहरीला दुष्प्रचार चल रहा होता। जिनके मुंह में अभी दही जमा है, वह आग उगल रहे होते।
गाड़ी की रूफ में चढ़के किसी जिले के CO से तू तड़ाक करने जाते नगीना सांसद चंद्रशेखर रावण जी
अगर किसी ने मोटर वाहन अधिनियम की बात की तो इतनी धाराओं में मुक़दमा दर्ज होगा कि जीवन कचहरी में ही बीतेगा।
कितने कमाल की बात है कि भर दुनिया को पता चल चुका है कि प्लेन बचाने वाला भारतीय पायलट था लेकिन इतनी देर बाद भी इस बात पर सन्नाटा है कि प्लेन गिराने की कोशिश करने वाला पायलट कौन था।
अभी तक की खबरों के मुताबिक हमलावर को-पायलट ओमान का था।
सोचिए अगर हीरो और विलेन अगर इंटरचेंज हो जाते तब देखते कि कैसे पूरा इकोसिस्टम घोड़े खोल देता माहौल बनाने के लिए।
इंदिरा साहनी जजमेंट ने पायलट में आरक्षण मना कर दिया था
इसलिए इस्लामिक आतंकवादियों का सामना ब्राह्मण कैप्टन स्मित मच्छार से हुआ,आतंकवादियों ने उनको चाकू मार कर घायल कर दिया
फिर भी वो लड़ते हुए जहाज बचा लिये
आरक्षण होता तो कोई डरपोक मिलता फिर...
#sawarn#BrahamanGene👇👇