The Plurals Party is the way forward.
Politics and patience go together, those opportunists who jump ship are only looking for their own self interest, they are not concerned about our state and our people.
पिता के देहावसान की पहली बरसी पर मिथिला की अपनी वाजसनेयी श्राद्ध परंपरा का पालन करते हुए कर्ता के रूप में सभी कर्मकांड को पूरा करने का धर्म निभाया। जो लोग वैदिक दर्शन समझते हैं वो जानते होंगे कि मृतात्मा को भोजन पिंड अर्पित करने का निहितार्थ यह है कि स्वर्ग में उन्हें भोजन मिले, वहाँ उनकी पुनर्मृत्यु न हो और फिर पृथ्वी पर पुनर्जन्म न लेना पड़े। पिता बहुत सीधे इंसान थे, उनके मोक्ष की कामना करने का सौभाग्य मिला।
पिता के अंतिम संस्कार के बाद कर्ता के रूप में एक वर्ष तक चली विधियों का 3 अगस्त को समापन है। उस दिन एक निजी ऋण से मुक्त होऊँगी और फिर से सार्वजनिक जीवन-धर्म का निर्वहन करूँगी। प्लुरल्स के सभी कार्यकर्ताओं-समर्थकों को यह मेरा व्य���्तिगत निमंत्रण है।
पुष्पम प्रिया चौधरी जी - “पिता के अंतिम संस्कार के बाद कर्ता के रूप में एक वर्ष तक चली विधियों का 3 अगस्त को समापन है। उस दिन एक निजी ऋण से मुक्त होऊँगी और फिर से सार्वजनिक जीवन-धर्म का निर्वहन करूँगी। प्लुरल्स के सभी कार्यकर्ताओं-समर्थकों को यह मेरा व्यक्तिगत निमंत्रण है।”
पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए संपर्क :-
श्री आदर्श चौधरी, 8477996219
श्री राकेश कुमार, 9771543676
समन्वय के लिए सभी कार्यकर्ता दरभंगा ज़िला अध्यक्ष श्री विक्रम कुमार और प्रदेश संयुक्त सचिव सदस्यता आदर्श चौधरी व संयुक्त सचिव संचालन राकेश कुशवाहा से संपर्क ���रें.
फूल से कोमल एक लड़की जबसे बज्र से कठोर राजनीति का ब्रत धारण कर बिहार के राजनीति गलियारे में कदम रखी है तबसे बिहार के सारे नकली नेताओ के दिल मे हलचल पैदा हो गया है। उसे रोकने के लिए अब नकली नेता केवल षड्यंत्र में लिप्त है लेकिन रोक पाना असंभव हैं।
@pushpampc13@pluralsbharat
John Maxwell said - " Leaders become great not because of their power but , because of their ability to empower others" which is same as #सबकाशासन
Happy birthday Bihar's future Chief minister @pushpampc13
Happy Birthday @sumananupam13 Bihar needs people like you
आज सोशल मीडिया ही लोकतंत्र का असली चौथा स्तंभ हैं, मुख्यधारा मीडिया है। बाकियों ने तो कुर्सी पकड़ ली है। यही हाल राजनीति में भी होगा। लोग ऊपर से थोपे गए परिवारवाद से ऊब गए हैं। बस नये लोगों को मज़बूत होने की ज़रूरत है। मीड���या में भी, राजनीति में भी। #selfmade
देख रहे हैं ना @narendramodi जी ये जो पटना आज चका चक पटना का तगमा लिए हुए हैं उसका श्रेय @sumananupam13 को ही जाता हैं. @NitishKumar तो इस जन्म में भूलने से रहें इनको!आज भी @cityofpatna क��� लोग इनके काम को पूजते हैं। नरक निगम को नगर निगम बनाए.
अब बिहार की बारी!
का���ग्रेस मेनिफेस्टो में क्या लिखा है, इस पर बहुत बहस हुई. पर बिहारियों के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें आंध्रप्रदेश को तो “विशेष राज्य” दर्जा देने की बात है (पृष्ठ 36), पर बिहार को नहीं. बिहार को “न्याय” देने में इन्हें इतनी दिक़्क़त क्यों है? बिहारी बस देश की चाकरी करे? ये सब एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं. @INCIndia @BJP4India @RJDforIndia @Jduonline
प्रधानमंत्री जी ने अब परिवारवाद पर बोलना बंद कर दिया है। 10 साल तक प्रचंड बहुमत के बावजूद अगर आप अपने दल और गठबंधन में परिवारवाद के सामने मजबूर नज़र आए तो यह भारतीय राजनीति का दुर्भाग्य है। अब नतीजा यह हुआ कि सभी दल अपने बाल-बच्चों को “लॉंच” करने में बेशर्म हो गए। @narendramodi
बिहार में एक है साँपनाथ और एक नागनाथ. एक को मदर ड���यरी ने और दूसरे को अमूल डेयरी ने दूध पिला-पिला कर अजगर बनाया है - 30 साल से डसने, जकड़ कर रखने के लिए. इन चारों ने मिलकर बिहार की राजनीति को सँपेरों का खेल बना दिया है. बिहार की जनता जल्दी ही इनका फन कुचलेगी.