आदिवासी जंगल में रहते थे और दलित outcast थे.. ब्राह्मण बनिया संपन्न थे.. शूद्र कोई था नहीं..तो गरीब गुरबा थे कौन? बाकी तो सब असली वैदिक क्षत्रिय थे कोई राम का वंशज कोई कृष्ण का कोई लव कुश का कोई चंद्रगुप्त मौर्य का कोई अशोक का कोई सुहेल देव का.. कोइ मिहिर भोज का. किसी का स्पेशल डीएनए है..सब तो राजा महाराजा भगवानों की औलाद हैं...गरीब गुरबा कमजोर कायर शूद्र तो ठाकुर थे... ये शस्त्र तो योगी की ठाकुर वादी सरकार से मिले हैं ..
#WATCH | Jamnagar: Gujarat Minister Rivaba Jadeja performs traditional Shastra Puja with the Kshatriya community on the auspicious occasion of Dussehra.
Rivaba Jadeja says, "Today, in keeping with the traditions of the Kshatriya community, a grand and magnificent celebration of the festival of Dussehra was organized by the Jamnagar Rajput Yuva Sangh. I had the privilege of participating in this event, which included the traditional 'Shastra Pujan' (worship of weapons)—a long-standing custom of the Kshatriya community... this festival served as an excellent opportunity to engage the youth and highlight our rich traditions, our pride, and our culture... I wish you all a very happy and blessed Dussehra."
गुजरात के राजकोट में शाही परिवार की ओर से पारंपरिक तलवार रास का आयोजन किया गया। इस दौरान तलवारों के साथ रास की प्रस्तुति दी गई, जिसमें गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शौर्य की झलक देखने को मिली।
#Rajkot#Gujarat#SwordRaas#RoyalFamily
#WATCH | Rajkot, Gujarat: Kshatriya Rajput women performed the traditional Sword Raas at Rajvi Palace during Navratri, displaying sword-fighting skills while riding bikes and jeeps. (12.10)
बिहार में SC/ST एक्ट लगाने की सुपारी लेने वाला गैंग एक्टिव है!
दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में पता चला है कि SC/ST एक्ट में झूठे मुकदमे कराने का पैकेज लिया जाता है!
पत्नी शिकायतकर्ता, रिश्तेदार गवाह और पति सुपारी लेता है!
लाखों का पैकेज है, शिकार की फ़ोटो और पहचान दो, ये गैंग उसपर झूठे केस करेगा!
हम तो बोल ही रहे थे कि केस करने पर पैसे देने और भयावह प्रावधानों ने इस एक्ट को सिर्फ दुरूपयोग लायक की छोड़ा है!
@bihar_police
आपलोग सो रहे हैं क्या??
सवर्ण समाज को अपने पर अब ध्यान देना होगा
वर्ना ऐसे ही बैठे रहे लिख के रखो 10 साल बाद
गुलामी का एहसास हो जाएगा
अपने संस्थान खोलो - 60 -40 का ratio रखो
40% अपने समाज के गरीब लोगों के बच्चों को पढ़ाएंगे और 60% जो फीस दे सकते
केवल सवर्ण होंगे उस संस्थान में
ये करना ही पड़ेगा वर्ना ये सरकार सवर्णों को बर्बाद कर देगी
1857 की क्रांति के दौर में बहादुर शाह ज़फ़र के परिवार को भयंकर परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उनकी बेटियों और शाही परिवार के साथ हुई घटनाओं के संदर्भ में Tears of the Begums में कुछ उल्लेख मिलते हैं।
पुस्तक के पृष्ठ 21 और 45 पर दर्ज विवरण के अनुसार:
1. 🥕 महिलाओं द्वारा ज़ेवर
The ilk of Kalyan Bhainsla & Deepak Bangar is precisely what’s wrong with Delhi/Ggn.
These were men who could have been genuinely useful back home, with one managing an actual bhains & the other working on bangar fields. Instead they migrated, discovered cars, gyms, pistols & Instagram. And now, the rest of NCR has to live with the upgrade. 🤦🏻♂️
Name of the body builder driver, living on the "rents" from multiple properties ~
Kalyan Bainsala Gujjar.
For 100s of yrs his ancestors were staying in isolation away from rest of the public of Delhi/NCR . The new development which started in 2000/01 bought them into the mainstream.
During the British colonial era, the community in Haryana, Delhi, and surrounding parts of Punjab and Western UP was officially notified under the infamous Criminal Tribes Act of 1871 ~ notified" meant being legally branded as a "criminal tribe by birth".
जौहर पर बात निकली है तो यह बात भी जानी चाहिए कि जब अलाउद्दीन ने चित्तौड़ पर अधिकार कर लिया था तो 8000 राजपूत स्त्रियों ने जौहर किया
8000 राजपूत लड़कर मर गए
उसके बाद अलाउद्दीन ने चित्तौड़ में लूट मार की निहत्थे बहुजनों पर कत्ले आम किया
30000 से ज्यादा बहुजन उनकी स्त्रियां बच्चे गुलाम बना कर लेकर आया
और इन्हें सेक्स स्लेव बनाकर मुसलमानों में दो टके में बेचा
आज यही बहुजन जिनकी स्त्रियां बच्चे और वो खुद दो टके में बेचे गए राजपूतों को गालियां दे रहे
जिनके जीते जी वो और उनकी स्त्रियां सुरक्षित रही
जिनको इन्हीं राजपूत ने मुसलमानों से बलात्कार से बचाने के लिए अपने किले में शरण दी
जिसके कारण किले में जल्दी राशन खत्म हुआ और हमारी राजपूत माताओं को जल्दी जौहर करना पड़ा
और सबसे गंदी बात यह है कि यह लोग इन्हीं मुसलमानो को बहुजन भाई भी घोषित किए हुए हैं
This is what awaits your English speaking pampered kids on the roads, one billion untermensch well fed and subsidized by the very taxes you paid. They will not thank you for it, they will simply take what they believe is theirs, your space, your security and your future.
क्या धोया है जनरल साहेब ने शोषण की दलाली मांगने वालों को
आज कान्वेंट स्कूल में पढ़ रहे हैं 5000 महीने की फीस दे रहे हैं लेकिन पढ़ाई में आरक्षण इनको इसलिए चाहिए कि इनके अनुसार इनकी अम्मा आदि का कथित 700 साल पहले कथित शोषण हुआ
1989 में दूरदर्शन पर ‘इसी बहाने’ नामक एक सस्पेंस सीरियल प्रसारित होता था। इसमें प्रमुख भूमिकाओं में किरण खेर, सईद जाफ़री, सुष्मिता मुखर्जी और लिलिपुट जैसे कलाकार थे। यह सीरियल काफ़ी लोकप्रिय रहा था।
आइए, इसी सीरियल की एक ख़ूबसूरत ग़ज़ल, ‘हम हैं कुछ अपने लिए, कुछ हैं ज़माने के लिए’ सुनते हैं। इसे चित्रा सिंह ने अपनी आवाज़ दी है जबकि बोल निदा फ़ाज़ली के हैं।
सूर्यवंश की बैस शाखा के कुलदीपक, कन्नौज के अधिपति, दुनिया का पहला गणतंत्र स्थापित करने वाले वैशाली के महादानवीर महाराजाधिराज शिलादित्य हर्षवर्धन जी को उनकी 1436वीं जयंती पर शत् शत् नमन ।
#क्षत्रिय_सम्राट_हर्षवर्धन_बैस#SamratHarshvardhanBais