Social Activist, &, General Secretary Janta Dal United (Bihar) सदस्य - बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड, विधि विभाग बिहार सरकार, उपराज्य मंत्री मंत्रिमंडल विभाग
उनके लिए राजनीति का मतलब ही खुद के परिवार का विकास है, नीतीश जी के लिए पूरा बिहार ही परिवार है।
यही भाव नीतीश जी को विशिष्ट जनसेवक बनाती है।
#JansevakNitish
न परिवारवाद को आगे बढ़ाया, न किसी के प्रति कोई पूर्वाग्रह रखा।
नीतीश जी ने निस्वार्थ भाव से बिहारवासियों की सेवा की है। वे हर परिवार के अभिमान हैं।
#JansevakNitish
जनता के विश्वास से चलने वाली सरकार, नीतीश जी की सेवा भावना से प्रेरित है। उनकी जनसेवा और बिहार के प्रति निष्ठा हम सबके लिए एक आदर्श है।
#JansevakNitish
मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर क्रांतिकारी आंदोलन को नई दिशा देने वाले शौर्य और पराक्रम के अद्वितीय प्रतीक महान देशभक्त सरदार भगत सिंह जी की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन 💐#भगतसिंह#BhagatsinghJayanti
वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्द्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम्॥
शक्ति की उपासना के महापर्व शारदीय नवरात्रि की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं माँ दुर्गा के प्रथम स्वरुप "माँ शैलपुत्री" के चरणों में वंदन।
मां दुर्गा सभी का कल्याण करें।
#माँ_शैलपुत्री
न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग तक सरकार की विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में विकास मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए बिहार महादलित विकास मिशन के अन्तर्गत कार्यरत प्रत्येक विकास मित्र को टैबलेट क्रय हेतु एकमुश्त 25 हजार रूपए की राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है ताकि उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों के डाटा संधारण एवं अन्य कामकाज में सुविधा हो सके। इसके साथ ही विकास मित्रों का परिवहन भत्ता 1900 रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 2500 रूपए प्रतिमाह एवं स्टेशनरी भत्ता 900 रूपए से बढ़ाकर 1500 रूपए किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे उन्हें क्षेत्र भ्रमण के साथ-साथ दस्तावेजों के संग्रहण में सुविधा होगी।
साथ ही महादलित, दलित, अल्पसंख्यक एवं अति पिछड़ा वर्ग के बच्चों तक शिक्षा का लाभ तथा अक्षर आंचल योजना के अधीन महिलाओं को साक्षर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे शिक्षा सेवकों (तालिमी मरकज सहित) को डिजिटल गतिविधियों के संपादन हेतु स्मार्ट फोन क्रय करने के लिए 10-10 हजार रूपए की राशि दिए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही शिक्षण सामग्री मद में भुगतान की जा रही राशि को 3405 रूपए से बढ़ाकर 6 हजार रूपए प्रति केन्द्र प्रतिवर्ष किए जाने का निर्णय लिया गया है।
इससे विकास मित्रों एवं शिक्षा सेवकों के मनोबल में वृद्धि होगी और वे अधिक उत्साह एवं लगन से अपने कार्यों का निष्पादन करेंगे।
बिहार की बदलती तस्वीर ही नीतीश कुमार जी के सुशासन की पहचान है।
2005-06 में जहाँ राज्य का बजट केवल ₹28,000 करोड़ था, आज बढ़कर ₹3,16,000 करोड़ से अधिक हो चुका है।
ये केवल आँकड़े नहीं, बल्कि विकास, जनकल्याण और तरक़्क़ी की तेज़ रफ़्तार का प्रमाण हैं।
#25se30firsenitish#JDU
नवम्बर 2005 में नई सरकार बनने के बाद से ही अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देना तथा उन्हें सशक्त और सक्षम बनाना हमलोगों की प्राथमिकता रही है। आप अवगत हैं कि अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आने वाले समय में सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नौकरी एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे नौकरी/रोजगार प्राप्त कर सकें।
मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि राज्य सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम अन्तर्गत पूर्व से संचालित मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार किया गया है। इसके अन्तर्गत इंटर उत्तीर्ण युवक/युवतियों को पहले से दी जा रही स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ अब कला, विज्ञान एवं वाणिज्य उत्तीर्ण स्नातक बेरोजगार युवक/युवतियों को भी दिए जाने का निर्णय लिया गया है। 20-25 आयु वर्ग के वैसे स्नातक उत्तीर्ण युवक/युवतियां जो कहीं अध्ययनरत नहीं हैं तथा नौकरी/रोजगार हेतु प्रयास कर रहे हैं, उनका कोई स्वरोजगार नहीं है अथवा सरकारी, निजी, गैर सरकारी नियोजन प्राप्त नहीं है, को भी 1000 रूपए प्रतिमाह की दर से अधिकतम दो वर्षों तक मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया जाएगा। मुझे उम्मीद है कि इस सहायता भत्ता का उपयोग युवक/युवतियां आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारियों में करेंगे ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
राज्य सरकार की इस दूरदर्शी पहल का उद्देश्य है कि राज्य के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिले। यहां के शिक्षित युवा आत्मनिर्भर, दक्ष और रोजगारोन्मुखी बनें और देश एवं राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
जैसे एक पिता अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए हर कठिनाई उठाने को तैयार रहता है, वैसे ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने बिहार के युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए कदम बढ़ाया है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना उसी संकल्प का प्रतीक है, जिसने हज़ारों छात्रों को आर्थिक चिंताओं से मुक्त...
कर उच्च शिक्षा और प्रोफ़ेशनल कोर्स की राह दिखाई है। यह योजना केवल पढ़ाई का साधन नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य को संवारने की मजबूत नींव है। आज नीतीश कुमार जी सिर्फ एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि पिता-तुल्य नेता के रूप में हर छात्र के साथ खड़े हैं ताकि बिहार का हर बेटा-बेटी अपने सपनों
माननीय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी ने आज 1, अणे मार्ग स्थित अपने आवास पर भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा-अर्चना की।
उन्होंने राज्य के आम लोगों, श्रमिकों, कारीगरों व उद्योग-धंधों में कार्यरत सभी लोगों की सुख-समृद्धि, उन्नति एवं कल्याण की कामना की।
#VishwakarmaPuja
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर राज्य के सभी श्रमिक भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं। यह सृजन के प्रणेता भगवान विश्वकर्मा की आराधना का दिवस है। आज राज्य जिस प्रकार विभिन्न क्षेत्रों में तरक्की के नए आयामों को छू रहा है उसमें हमारे श्रमिक भाई-बहनों का अतुलनीय योगदान है। मैं आशा करता हूं कि सभी श्रमिक बंधु एवं श्रम संगठन राज्य के औद्योगिक विकास एवं उत्पादकता में वृद्धि हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। मेरा विश्वास है कि सभी श्रमिक भाई-बहनों के सहयोग से राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।
बिहार में 07 निश्चय योजना के अंतर्गत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण छात्र जो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं उनके लिए 02 अक्टूबर 2016 से बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना लागू है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अधिकतम 04 लाख रुपए का शिक्षा ऋण सामान्य आवेदक को 04 प्रतिशत ब्याज दर पर तथा महिला, दिव्यांग एवं ट्रांसजेन्डर आवेदक को मात्र 01 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जाता है।
मुझे यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि अब स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले शिक्षा ऋण की राशि सभी आवेदकों के लिए ब्याज रहित होगी।
साथ ही 02 लाख रुपए तक के शिक्षा ऋण को 60 मासिक किस्तों (05 वर्ष) में वापस करने का प्रावधान था, जिसे अब बढ़ाकर अधिकतम 84 मासिक किस्तों (07 वर्ष) में तथा 02 लाख से ऊपर ऋण राशि को 84 मासिक (07 वर्ष) किस्तों से बढ़ाकर अधिकतम 120 मासिक (10 वर्ष) किस्तों में वापस करने का प्रावधान किया गया है।
हमलोगों का उद्देश्य है कि राज्य के अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। उच्च शिक्षा के लिए प्रदान की जाने वाली शिक्षा ऋण में दी जाने वाली इन सुविधाओं से छात्रों के मनोबल में वृद्धि होगी और वे अधिक उत्साह एवं लगन से उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य के साथ-साथ राज्य एवं देश का भविष्य भी संवार सकेंगे।