25 मई 2026 को धार कलेक्टर कार्यालय पर आयोजित धरना प्रदर्शन आदिवासी समाज, ग्राम सभाओं और पेसा कानून की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण जनआंदोलन है। पेसा मोबिलाइज़र्स की सेवाएं अचानक समाप्त करना हजारों युवाओं की आजीविका पर सीधा प्रहार है और इससे आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा सशक्तिकरण का कार्य प्रभावित होगा।
में मप्र सरकार से मांग करता हूं कि सेवा समाप्ति आदेश तत्काल निरस्त कर सभी पेसा मोबिलाइज़र्स को पुनः बहाल किया जाए। यह धरना केवल रोजगार बचाने का नहीं, बल्कि संविधान की पांचवीं अनुसूची, आदिवासी अधिकारों और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की लड़ाई है। सभी साथी अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी एकजुटता दर्ज करें।
पैसा मोबिलाइजर जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है पैसा मोबिलाइजर को वापस उनकी जॉब पर लिया जाए उनके सेवा समाप्ति का आदेश वापिस लिया जाए
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan ने जनसेवा मित्रों और पेसा मोबलाईजर्स से बड़े-बड़े वादे किए थे। युवाओं को भरोसा दिलाया गया था कि उनकी सेवाओं को सम्मान मिलेगा और भविष्य सुरक्षित किया जाएगा। लेकिन चुनाव खत्म होते ही हकीकत सामने आ गई।
पहले करीब 9300 जनसेवा मित्रों को सेवामुक्त किया गया और अब पंचायत राज संचालनालय के आदेश से पेसा मोबलाईजर्स को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिन युवाओं ने गांव-गांव जाकर पंचायत, ग्रामसभा और पेसा कानून को मजबूत करने का काम किया, आज वही युवा बेरोजगारी और असुरक्षा के संकट में धकेल दिए गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या युवाओं का उपयोग सिर्फ चुनावी प्रचार और राजनीतिक लाभ के लिए किया गया था? यदि योजनाएं समाप्त हो रही थीं तो इन युवाओं के पुनर्वास, नियमितीकरण या वैकल्पिक रोजगार की कोई नीति क्यों नहीं बनाई गई?
यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में लोकतांत्रिक भागीदारी और युवाओं के भरोसे का भी सवाल है। सरकार को तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए पेसा मोबलाईजर्स और जनसेवा मित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस निर्णय लेना चाहिए।
@JansamparkMP@RahulGandhi@INCMP
@DrMohanYadav51@KrVijayShah@bjpdilipahirwar माननीय CM महोदय @DrMohanYadav51 जी से निवदेन है की मोबिलाइजर के प्रति भी रहम करे मात्र 4000 के अति अल्प वेतन मे भी सरकार की सभी योजनाओं और पंचायत एवं पेसा एक्ट का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर कर रहे है लेकिन 8000 हजार वेतन बढ़ाने का आश्वाशन दिया गया था उसका आदेश अभी तक नहीं हुवा
माननीय मुख्यमंत्री जी पेसा मोबाइलाइजर्स का मानदेय बढ़ाने की कृपा करें 4000 से 8000वेतन की घोषणा की थी आज दिनांक तक आदेश नहीं आया है 85% भर्ती मातृशक्ति की है महोदय एक सम्मान जनक वेतन दिया जाए जिससे मोबाइलाइजर साथी उनके परिवार का पालन पोषण कर सके @1307Singh@CMMadhyaPradesh@drm
देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धा आदिवासी नायक स्वतंत्रता सेनानी अबुआ दिसुम अबुआ राज यानी (हमारे देश मै हमारा राज ) की लेखनी क़ायम करने वाले क्रांतिसूर्य धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा जी की 150 वी जन्म जयंती पर उन्हें सादर कोटि कोटि जोहार नमन💐🙏🏻
सरकार का एक और संकल्प पूर्ण...
जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय ₹4000 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹8000 प्रतिमाह करने का सरकार ने निर्णय लिया है। आप सभी पेसा मोबिलाइजर्स को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हम जनजातीय वर्ग के कल्याण हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्यरत हैं।
#pesa_mobilizer की क्या स्थिति हो गयी एक तो इतना कम मानदेय मिलता है मजदूरों से भी कम सिर्फ 4000 हजार रुपए माह और ग्राम पंचायत मे जमीनी लेवल पर #pesa_mobilizer ही काम कर रहे है और सरकार की सारी योजनाओं का लाभ ग्रामीण जनता को दिलवा रहे है फिर भी चार चार माह से वेतन नहीं मिलता है