अभी जानकारी मिली है कि वेदांत नाम का स्टूडेंट वास्तव में एक छात्र है। हालांकि उसके ट्वीट की लोकेशन भारत से बाहर की क्यों दिखाई जा रही है इसकी पर्याय जानकारी अभी भी नहीं मिली है। लेकिन @vineetJindal19 जी मेरे मित्र हैं और विश्वसनीय व्यक्ति हैं इसलिए उनकी जानकारी गलत नहीं होगी। सही जानकारी मिलते ही मै अपना पुराना ट्वीट डिलीट कर रहा हूं और वेदांत और उनके परिवार के बारे में जो गलत जानकारी फैलाई गई उसके लिए मै उनसे माफी भी मांगता हूं। लेकिन अभी भी उम्मीद करता हूं कि अकाउंट के लोकेशन की सही जानकारी मिले तो मामला और ज्यादा स्पष्ट होगा।
@uprvup सर सिंगल प्वाइंट कनेक्शन को मल्टीपॉइंट कनेक्शन में करने के लिए भी एक बार पुनः विचार किया जाए। 2018 से अब तक हमारे यहां बिल्डर और PVVNL ने इस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की। 2024 के बाद UPERC ने भी कोई मीटिंग/ऑर्डर पास नहीं किया। इस विषय को भी प्लीज़ उठाया जाय मेहरबानी होगी।
ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी संवैधानिक समिति ‘राज्य सलाहकार समिति’ की बैठक कल
बिजली दरों में कमी, स्मार्ट प्रीपेड मीटर और उपभोक्ता हितों के मुद्दों पर परिषद रखेगी मजबूत पक्ष वही पावर कॉरपोरेशन चोर दरवाजे धारों में बढ़ोतरी की करेगा साजिश।
उपभोक्ता परिषद उत्तर प्रदेश सरकार से उठाई मांग कहां प्रदेश में अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए लगभग 35 लाख विद्युत उपभोक्ता जो अपनी घरों में छोटी-मोटी दुकान चलाते हैं उन्हें घरेलू विद्या में दी जाए छूट के मुद्दे पर सरकार उठाए सकारात्मक कदम।
ऊर्जा क्षेत्र की संवैधानिक राज्य सलाहकार समिति की बैठक अब 18 मई के स्थान पर 20 मई को होगी बिजली दरों में कमी और गरीब उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के मुद्दे पर उपभोक्ता परिषद पूरी तैयारी के साथ रखेगी पक्ष।
उपभोक्ता परिषद के विरोध में उतरने के बाद अभी रात 10:30 बजे पावर कारपोरेशन ने अपना आदेश बदला कहां सिक्योरिटी जो पुरानी थी वही लागू नई दर पर सिक्योरिटी नहीं चार्ज होगी इसे कहते हैं कानून की ताकत।
@uprvup अवधेश जी मल्टीपॉइंट कनेक्शन की सुविधा uperc ने 2018 से mandatory की हुई है मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स में। लेकिन धरातल पर इसका कोई खास असर नहीं है बिल्डर आज भी मनमानी करते हैं इस पर भी थोड़ा ध्यान दीजिएगा उपभोक्ताओं को लूटा जा रहा है बिजली के नाम पर
उपभोक्ता परिषद प्रदेश के उपभोक्ताओं के हित में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मामले पर सभी कार्यवाहियों पर लिखित में कार्यालय आदेश जारी करiने के पक्ष में जिससे भविष्य में उपभोक्ताओं के साथ कोई भी चiल ना हो पाए उपभोक्ता परिषद हर मुद्दे पर न्याय के लिए चौकन्ना
उपभोक्ता परिषद ने लंबी लड़ाई लड़ी पूरे प्रदेश में उपभोक्ताओं ने साथ दिया और अंततः उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन को बैक फुट पर ला दिया और दिखा दिया कि कानून के सामने सब को झुकना पड़ेगा प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं का आभार मा मुख्यमंत्री जी और नियामक आयोग का बहुत-बहुत आभार ।
प्रीपेड नाम की व्यवस्था समाप्त सभी 75 लाख विद्युत उपभोक्ताओं के प्रीपेड मोड़ के कनेक्शन पोस्टपेड में होंगे आगे के फैसले पर मंथन के बाद उपभोक्ताओं को दूंगा सूचना
उत्तर प्रदेश में अप्रभावी अधिसूचना के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मामले में पावर कॉरपोरेशन पर लटकी अवमानना की तलवार— प्रदेश में बिजली कंपनियों के खिलाफ बढ़ा आक्रोश, कई जिलों में धरना-प्रदर्शन। जिसकी पूरी जिम्मेदारी कार्पोरेशन प्रबंधन की।
उपभोक्ता भाइयों यह संवैधानिक लड़ाई है इसमें जीत उपभोक्ता परिषद की ही होगी यह हम आप सभी को वचन देते हैं थोड़ा संयम रखिए मैं चुप नहीं बैठा हूं हर कानूनी पहलुओं पर नजर है और उसी के आधार पर आगे बढ़ रहा हूं।
इस देश के कुछ पत्रकारों ने इस समय का फायदा उठाकर अरविंद केजरीवाल पर अपना भड़ास निकाल रहे हैं। वे घंटों लंबे शो कर रहे हैं, अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार को लड़ाई में घसीट रहे हैं। वे उनकी पार्टी के खत्म होने की भविष्यवाणी कर रहे हैं। मैं ऐसे सभी पत्रकारों और दलालों से कहना चाहता हूं: अरविंद केजरीवाल के पिता किसी पॉलिटिकल पार्टी के लीडर नहीं थे। अरविंद केजरीवाल ने अपनी मेहनत, समझदारी और ज्ञान से इस पार्टी को बनाया और इसे नेशनल लेवल पर पहुंचाया। अरविंद केजरीवाल की मां किसी पॉलिटिकल परिवार से नहीं थीं। उन्होंने आम आदमी पार्टी बनाने के लिए अपनी मेहनत, पसीना और समझदारी का इस्तेमाल किया। दूसरी बात, अरविंद केजरीवाल जहां भी रहे हैं, उन्होंने अपनी दिमागी काबिलियत के दम पर ही कामयाबी हासिल की है। वह एक IITian हैं, एक IRS ऑफिसर हैं, और अपनी लीडरशिप के लिए उन्हें मैग्सेसे अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। RTI लागू करने में उनकी भूमिका पूरी दुनिया ने देखी है।अरविंद केजरीवाल ने कई साल झुग्गी झोपड़ी में रहकर अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी |इस देश के राजनीतिक डिस्कोर्स में शिक्षा स्वास्थ्य जैसे बेसिक मुद्दों को अरविंद केजरीवाल ने खड़ा किया है। इसलिए अरविंद केजरीवाल पर ज्ञान देना इतना आसान नहीं है। अरविंद केजरीवाल को समझने के लिए आपको बहुत अध्ययन की जरूरत है। सिर्फ लाइक और व्यू के लिए दलाली करने से नहीं होगा।