प्रभु श्रीराम का मंदिर बना था। समूचा हिंदू ऐतिहासिक न्याय के आईने में स्वयं को देख रहा था। हर हिंदू एकसूत्र में बंध रहा था। कितना सुंदर था। असल में जातिवाद की विषबेल के विरुद्ध इससे बेहतर कोई रचनात्मक प्रयास नहीं हो सकता था।
फिर कम्बख़्त सियासी नज़रिए से भी देखें तो भाजपा जीत रही थी। अधिक प्रयोग की ज़रूरत ही न थी!
फिर न जाने इन्हें किस घड़ी यह सूझा कि नहीं, हिंदुओं की नहीं, दलित-पिछड़ों की पार्टी बनना है। नए-नए थे तो इन्होंने अधिक प्याज खाए। और फिर वही जाति के इर्दगिर्द विमर्श जीवंत हो गया। दो वर्ष भी उस एकत्र हिन्दुभावना को सहेज नहीं पाए हम।
आख़िर यह कौनसी राजनीति है जिसे हम जैसे कमसिन लोग समझ ही नहीं पा रहे?
तुम्हें जाति से दिक्कत है, तुम्हें लगता है कि जाति की वजह से तुम्हारा शोषण होता है, तो आओ—ब्राह्मण बनो, भूमिहार बनो, ठाकुर बनो। तुम्हें कोई नहीं रोकेगा।
मेरे लिए तुम्हारी जाति में आना असंभव है, क्योंकि बाबा साहब ने संविधान में ऐसा कोई नियम नहीं बनाया, लेकिन तुम जब चाहो मेरी जाति में आ सकते हो।
लेकिन तुम नहीं आओगे, क्योंकि उसके लिए तुम्हें आरक्षण छोड़ना पड़ेगा… और आरक्षण में तो तुम्हारी जान बसती है।
@ajeetbharti
MoDi Act = Mission of Dalit Income Act 😏
जल्द ही एक ऐसा विश्वविद्यालय बनाने की तैयारी है, जहाँ SC/ST Act के कथित दुरुपयोग से कमाई के “गुर” सिखाए जाएंगे।
🎓 केस कैसे खड़े हों
📜 धाराएँ कैसे लगें
💰 और समझौते तक कैसे पहुँचा जाए
इसके लिए बाकायदा मसौदा भी तैयार कर दिया गया है।
अब बस विश्वविद्यालय की मान्यता और
“Act से Income” की डिग्री बाकी है। 😏
वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सिंह जी से सुनिए वर्तमान स्थिति का विश्लेषण...
सत्य कहा है @BJP4India ने कोर्स करेक्शन करने के बजाय समाज को जातियों में बाँटकर उन्हें आपस में लड़वाना ही उचित समझा.
खैर, हिन्दू एकता की बात करते-करते.. हिन्दुओं को ही बांट दिया..
23 साल से हक के लिए भटक रहा शहीद का परिवार...बलिदानी की मां बोली -
न्याय नहीं मिला तो लौटा दूंगी..पदक..अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप...!
सरकार पूरे देश में शहीद हुए जवानों को कई तरह की तमाम सुविधाएं देने की बात करती है..लेकिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहने वाले शौर्य चक्र विजेता शहीद विवेक सक्सेना का परिवार देश के हुक्मरानों से सपूत की शहादत के बदले मिलने वाले सम्मान के लिए 23 साल बाद भी अधिकारियों और सरकारी विभागों के चक्कर काट रहा है..!
सरकारी सुस्ती से खफा शहीद की मां ने कहा कि हम बेटे का शौर्य चक्र लौटाना चाहते हैं -
दरअसल, लखनऊ के सरोजनीनगर तहसील कार्यालय में शनिवार को एसडीएम अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ..इस दौरान फरियादियों की संख्या कम रही, वहीं ज्यादातर अधिकारी गैरहाजिर थे..!
समाधान दिवस में दरोगा खेड़ा की कृष्ण लोक कॉलोनी निवासी 80 साल की सावित्री सक्सेना ने न्याय मांगा....वह शौर्य चक्र विजेता शहीद सहायक कमांडेंट विवेक सक्सेना की मां हैं..!
उन्होंने सालों से अटके भूमि आवंटन के मामले को लेकर शिकायत की..!
सावित्री सक्सेना अपने बड़े बेटे रंजीत सक्सेना के साथ पहुंची थीं..उन्होंने बताया कि उनके बेटे सहायक कमांडेंट विवेक सक्सेना 8 जनवरी 2003 को मणिपुर में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे..!
उन्हें शौर्य चक्र और राष्ट्रपति पुलिस पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया था.. इसके बाद शहीद के परिवार को जमीन देने का आदेश हुआ था..!
बुजुर्ग सावित्री का कहना है कि -
जमीन आवंटन का सरकारी आदेश होने के बावजूद यह मामला सालों से एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर काट रहा है.. उन्होंने कई बार आईजीआरएस पर शिकायतें भी कीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई..!
उन्होंने कहा कि वह 80 साल की हो चुकी हैं और अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगा सकतीं..!
उन्होंने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री से मिलने का समय दिलाने की मांग की.. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह शौर्य चक्र की उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी गई सम्मान राशि, शौर्य चक्र और राष्ट्रपति पुलिस पदक को सम्मान के साथ वापस करने की इजाजत चाहती हैं...!
मां सावित्री को सुनिए 👇👇👇
अजीत भारती चाहते हैं कि दिल्ली पुलिस उन्हें गिरफ्तार करे।
क्योंकि जितना यह मामला आगे जाएगा, उतना ही लोगों को समझ आएगा कि आखिर इस तथाकथित “मोदी एक्ट” का इस्तेमाल कैसे हो रहा है।
भाजपा की मदद भी लेने से इनकार कर दिया।
बात साफ है...
लड़ाई अपनी है तो लड़ेंगे भी खुद।
और अगर अजीत भाई की गिरफ्तारी होती है, तो शायद यही उस फर्जी “मोदी एक्ट” के लिए आखिरी कील साबित हो।
इतना बड़ा मामला बनेगा कि सरकार को भी आखिर समझना पड़ेगा...
अब बहुत हो गया। 🤡🔥
वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रदीप सिंह जी ने वर्तमान परिस्थितियों का विश्लेषण करते हुए कहा, बीजेपी ने कोर्स करेक्शन की बजाय इस मुद्दे को और बढ़ाकर समाज के दो वर्गों को आमने-सामने खड़ा कर दिया।
तात्कालिक राजनीतिक लाभ किसी को मिल सकता है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा नुकसान अंततः समाज को ही भुगतना पड़ेगा।
कमिश्नर का इस्तीफा??? मज़ाक कर रही हैं क्या? एक बाबू तक का निलंबन नहीं होगा..बड़े साहब को तो भूल ही जाइए! मालवीय नगर,ओल्ड राजेंद्र नगर..ये सब हादसे हम भूल गए हैं क्या?? किसको सज़ा हुई? किसी को नहीं..न कभी होगी 🙏 @CMODelhi@gupta_rekha जी ..काश आप मुझे इस बार गलत साबित कर दें..और हटा दें @MCD_Delhi के सारे भ्रष्ट अधिकारियों,बाबुओं को..काश! 🤞🤞
पता नहीं कितने लोगों को यह बात समझ आएगी, लेकिन फिर भी कोशिश करते हैं।
SC/ST समुदाय को समझना होगा—SC/ST एक्ट के दुरुपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। अगर यह मुद्दा इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका सामाजिक असर आपको भी भुगतना पड़ सकता है।
इसका असर नौकरी, मकान और दोस्ती जैसे रोज़मर्रा के अवसरों पर भी पड़ सकता है।
राजनेता आएँगे-जाएँगे, लेकिन भविष्य आपका है। वोट बैंक के लिए उन्हें आपके भविष्य से खिलवाड़ मत करने दीजिए।
दुरुपयोग के खिलाफ आज ही आवाज़ उठाइए। अभी देर नहीं हुई है।
मालवीय नगर के एक होटल में आग लगी थी..निर्दोष लोगों की जान गई!! @MCD_Delhi के एक भी पार्षद/अधिकारी/बाबू के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई हो तो कोई बता दे मुझे 🙏
हम भी तो सब भूल कर आगे बढ़ जाते हैं.. वरना पूछते सवाल कि कितनों को निलंबित किया @CMODelhi और MCD ने? जब तक हम सहनशील बने रहेंगे- जो भ्रष्ट नेता,अधिकारी,बाबू हैं वो अपनी जेबें भरते रहेंगे और हम सब बेवजह मरते रहेंगे.. इन पर कोई आंच नहीं आएगी!
सुप्रीम कोर्ट अपने 28 अप्रैल 2023 के आदेश में यह साफ तौर पर कह चुका है कि हिन्दू धर्म और हिन्दू देवी देवताओं के अपमान के मामले में पुलिस किसी शिकायत की प्रतीक्षा किये बिना अपराधी पर FIR करेगी।
@AmitShah & @narendramodi जी इस आदेश की अनदेखी करके क्या अपराधियों को बचा रहे हैं ?
CJP के सामने सरकार का सरेंडर और सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रोटेक्शन। FIR वापस लेने का आदेश।
150 घायल पुलिस कर्मियों का क्या?
संसद में गुंडों को घुसने से रोकना पुलिस की गलती थी?
IPS S P Vaidya के तीखे सवाल का जवाब कौन देगा?
Anticipatory bail has just been denied to @ajeetbharti in the case where the FIR against him invoked draconian SC/ST act provisions. Ajeet's remarks were a reaction to provocation involving his sister. He could be jailed for up to 7 years.
I stand with Ajeet. And so should you.
तू बोल रही है - "जब मनुस्मृति में लड़कियों को पढ़ने का हक नहीं था तो सरस्वती ने कौन से कॉलेज से PhD की?"
तेरी पूरी लाइन ही मूर्खता की डिग्री है। सुन -
1. सरस्वती कोई स्टूडेंट नहीं है, वो खुद ज्ञान है।
सरस्वती ने PhD नहीं की, PhD सरस्वती से होती है। जैसे तुम पूछो सूरज ने किस टॉर्च से रोशनी ली? अरे मूर्ख, सूरज खुद रोशनी का स्रोत है। सरस्वती विद्या की देवी है, विद्या उनसे आती है।
2. तू मनुस्मृति की बात करती है, मनुस्मृति पढ़ी भी है?
मनुस्मृति 2.67 में लिखा है - लड़कियों का भी उपनयन संस्कार होता था, जनेऊ होता था।
मनुस्मृति 9.26 में लिखा है - `यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः` - जहाँ नारी की पूजा होती है वहाँ देवता रमते हैं।
मनुस्मृति में पढ़ाई का हक छीनने की बात कहीं नहीं है, ये तुम्हारी WhatsApp वाली मनुस्मृति में होगा।
3. अब आ तेरी औकात से भी पुराने ग्रंथ पर - ऋग्वेद, जो मनुस्मृति से हजारों साल पुराना है।
तू पूछ रही है लड़कियों को पढ़ने का हक था? ऋग्वेद खुद लड़कियों ने लिखा है। ये ले नाम और ऋचा नंबर, गूगल कर लेना -
ऋग्वेद की ऋषिकाएँ:
- लोपामुद्रा - ऋग्वेद मंडल 1, सूक्त 179 की ऋषिका। अगस्त्य ऋषि की पत्नी, ब्रह्मवादिनी।
- घोषा काक्षीवती - मंडल 10, सूक्त 39 और 40 की ऋषिका। जन्म से चर्म रोग था, अश्विनी कुमारों पर सूक्त लिखा।
- अपाला आत्रेयी - मंडल 8, सूक्त 91 की ऋषिका।
- विश्ववारा आत्रेयी - मंडल 5, सूक्त 28 की ऋषिका।
- सूर्या सावित्री - मंडल 10, सूक्त 85 - पूरा विवाह सूक्त इसी महिला ने लिखा।
- इन्द्राणी, यमी, रोमशा, गार्गी, मैत्रेयी - ये सब ब्रह्मवादिनी थीं।
ऋग्वेद में कुल 27 महिला ऋषिकाओं के नाम हैं। ये कॉलेज नहीं जाती थीं, ये खुद कॉलेज थीं।
गार्गी ने तो जनक के दरबार में बड़े-बड़े ऋषियों को शास्त्रार्थ में हरा दिया था - बृहदारण्यक उपनिषद पढ़ लेना।
तो निशु, जब ऋग्वेद की ऋचाएँ महिलाएँ लिख रही थीं, तब तुम्हारी सोच वाली मनुस्मृति तो पैदा भी नहीं हुई थी।
तुम्हें सरस्वती की PhD की चिंता है, अरे तुम उन 27 ऋषिकाओं में से एक का भी नाम बिना गूगल के बता दो, मान जाये।
तुम्हारी प्रॉब्लम मनुस्मृति नहीं है, तुम्हारी प्रॉब्लम सनातन से नफरत है। और नफरत में इंसान सबसे पहले अपना दिमाग बेच देता है।
“मनुस्मृति” मैं नारी को शिक्षा का अधिकार नहीं था - डॉ विकास परम दिव्यकीर्ति
तो - घोषा, अपाला,लोपामुद्रा, गार्गी,अहिल्या ने वेदों में जो मंत्र लिखे उसके लिए शिक्षा “मुखर्जी नगर स्थित दृष्टि आईएएस” से ली थी क्या??
क्या आजतक बड़ी दुर्घटनाओं के बाद किसी सरकार या उसके मुखिया ने यह कहा है कि दोषी बख्शे जाएंगे ----??... नहीं न , लेकिन दोषियों की कब और कितनी सजा होती है ये भी सब जग जानता है ---इसलिए प्लीज अब खबर के नाम पर ये मत चलाया करो कि फलाने ने कहा , ढिकाने ने कहा कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
क्या आजतक बड़ी दुर्घटनाओं के बाद किसी सरकार या उसके मुखिया ने यह कहा है कि दोषी बख्शे जाएंगे ----??... नहीं न , लेकिन दोषियों की कब और कितनी सजा होती है ये भी सब जग जानता है ---इसलिए प्लीज अब खबर के नाम पर ये मत चलाया करो कि फलाने ने कहा , ढिकाने ने कहा कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे ------
क्या आजतक बड़ी दुर्घटनाओं के बाद किसी सरकार या उसके मुखिया ने यह कहा है कि दोषी बख्शे जाएंगे ----??... नहीं न , लेकिन दोषियों की कब और कितनी सजा होती है ये भी सब जग जानता है ---इसलिए प्लीज अब खबर के नाम पर ये मत चलाया करो कि फलाने ने कहा , ढिकाने ने कहा कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे ------
जो हिन्दू हैं वही SC- ST के दायरे में आ सकते हैं ---जो स्वयं को हिन्दू नहीं मानते वे दलित और आदिवासी की श्रेणी में भी नहीं आ सकते ---- वे SC- ST ACT के अंतर्गत कतई नहीं आने चाहिए ---