She seems to be a level headed sensible girl who came from Haryana to join the protest but was pretty disillusioned looking at the scenario where Hindu deities, Hindus, RSS and BJP were being targeted by the leftist minds, getting rowdy and abusive. She tried to reason with a few but they would start heckling her and not debate or reason with her.
Many like her have been shocked to see what’s happening there.
Credit : NMF News.
2020 में पिज्जा लंगर और रिहाना के ट्वीट... और आज जंतर-मंतर पर ब्रेड-पकौड़ा और पूनम पांडे की एंट्री!
क्या FCRA के चलते आंदोलनजीवियों की सेलिब्रेटी लिस्ट में आई कमी? क्या टूलकिट का बजट खतरे में है?
@SP_Pratibha
छिपकर नहीं, खुलेआम कैमरों के सामने पत्थर फेंके जा रहे हैं।
इसके बावजूद प्रदर्शन में शामिल लोग बेखौफ दिखाई देते हैं, मानो उन्हें भरोसा हो कि उन्हें अब भी “मासूम छात्रों” के रूप में ही पेश किया जाएगा।
अपनी जान बचाने के लिए खुद ही लगाने लगा पेड़ पर फांसी,
सिर पर चोटी देख कर कॉकरोच मार डालना चाहते थे आदित्य आनंद झा को..
DU का यह छात्र पहुँचा था सोनम वांगचुक का समर्थन करने..
हिंदू और पंडित बोल कर उन्मादी तिलचट्टों की भीड़ ने रची थी हत्या की साजिश.
#cjp_पार्टी#Delhi@DelhiPolice
हिंदुओं अब भी बोलोगे यह CJP का प्रोटेस्ट NEET के बच्चों के लिए हो रहा है।🥹
मुंबई में श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि पर इस क़ब्ज़ादार मुग़ल औरंग के पोस्टर लेकर घूम रहे है यह लोग।🧐
औरंग का NEET के प्रोटेस्ट से क्या लेना देना है CJP वाले उठाईगीरो?🥹
ये हैं हाजी अफ़ज़ल सीलमपुर से है हिस्ट्रीशीटर हैं मकोका के अंदर कनविक्ट हुए और पत्नी आम आदमी पार्टी को काउन्सलर हैं
कल के धरने में पत्थरबाजी में ये भी शामिल थे 👇
दिल्ली में काक्रोच पार्टी के प्रदर्शन के समय ये महिला दिल्ली की संसद के पास रोड पर छात्रों को सड़क पर धरना देने के लिए उकसा रही थी ।
इसके साथ 50 छात्रों की टोली थी जिन्हें ये प्रदर्शन में लेकर आई थी
कई कोचिंग सेंटर और कालेज की प्रोफेसर इस काम में लगी थी
@narendramodi@CPDelhi@LtGovDelhi@DelhiPolice
जो तुम्हारी कथा दोहराए वो स्वतंत्र…जो ज़मीन का सच दिखाए, वो “गोदी”
आंदोलन तब तक ही जनांदोलन रहता है, जब तक वह असहमति और स्वतंत्र पत्रकारिता…दोनों का सम्मान करता है। जिस दिन कैमरे से डर लगने लगे, उस दिन आत्ममंथन आंदोलन को करना चाहिए, पत्रकार को नहीं….
आज मेरी सहयोगी के साथ जो हुआ, वह केवल एक पत्रकार के साथ अभद्रता नहीं है वह उस लोकतांत्रिक संस्कृति पर हमला है जिसमें पत्रकार का काम घटनास्थल से सच दिखाना होता है न कि किसी पहले से निर्धारित पटकथा का हिस्सा बनना।
यह वामपंथियों में ग़लत ट्रेंड शुरू किया है। मीडिया के लिए यह विष बोने वाले और इन हरकतों पर इतराने वाले कान खोलकर सुन लो, सड़क पर तुम भी निकलते हो, घर से बाहर तुम भी पाए जाते हो और इस तरफ़ तुमसे बड़ी भीड़ है। यह याद रखो!
ये कौन सा युवा है जो अपने देश की सबसे बेहतरीन उपलबद्धि पर पत्थरबाजी करता है 😡
दो दिन पहले Inaugurate हुई हाइड्रोजन ट्रेन PM मोदी की नहीं बल्कि देश की संपत्ति है-
इन्ही ट्रेन को ध्वस्त करोगे और फिर वीडियो बनाकर कहोगे की ट्रेन में सुविधाएं नहीं है?
सुविधा के लायक भी बनना पड़ता है लाड़लो।
दिल्ली पुलिस ढूंढ कर निकालिए ऐसे प्रोटेस्ट करने वाले को सुधार की आवश्यकता है
बताओ देश के प्रधानमंत्री को ऐसे गाली दे रहा है डॉक्टर क्या किसी सरकारी नौकरी में चपरासी ना बने ऐसे लोग
तथाकथित स्टूडेंट भले ही इनकी अम्मी पड़ोसियों को अपनी गांव देकर इनके खाने की व्यवस्था करती हो मगर प्रोटेस्ट में देखो कैसे खुद बड़े वाले शहंशाह समझ रहे है
बेटा चिंता न करो अब तुम्हारी अम्मियों को आगे पीछे दोनों तरफ से देनी पड़ेगी क्योंकि इन वीडियो के आने बाद सारा खर्चा तुम लोगो से ही दिल्ली पुलिस वसूलेगी 😅😅