आज की मीटिंग में सयोनी घोष काफी खुश नजर आ रही थीं. इंसान कितना जल्दी बदल जाता है.
नेता लोग का कोई ज़मीर नहीं होता , बोले तो ये लोग बिन पेंदी के लोटा होते हैं
जिधर पैसा का भार ज्यादा होता है उधर लुढ़क जाते हैं
यह सयोनि घोष है
मैं चढ्ढा नहीं जो चढ्ढी हो जाऊं " यह इनका कथन चुनाव के पहले
का था
आज ये TMC से बगावत करके किसी NCPI पार्टी में चली गई इनका ज़मीर बिक गया और अब ये चढ्ढा से चढ्ढी बन गई...
आज का दिन भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिये बहुत बड़ा दिन है । बड़े बड़े सुपरस्टार और महान कलाकार देश के लिये बड़े बड़े बयान देंगे, लोकतंत्र बचाने के लिये सब कुछ का त्याग करेंगे ।।।
इतने कमजोर नहीं है ये लोग ।
किस ग़लतफ़हमी में है आप लोग ?
पीडीए की माँग है कि जो ‘महिला आरक्षण’ समस्त विपक्ष ने मिलकर संसद में सहर्ष पास किया है उसे 2027 के उप्र विधानसभा चुनाव में लागू करने की घोषणा भाजपा सरकार तत्काल करे या कह दे कि पुरुषवादी भाजपाई और उनके सामंती संगी-साथी महिलाओं को आरक्षण के ख़िलाफ़ हैं।
जब तक ये घोषणा नहीं होगी तब तक हम ये बात हर हफ़्ते जगह-जगह उठाते रहेंगे।