#Jaipur : अशोक गहलोत सरकार का पांचवा बजट कल
नए जिलों के गठन को लेकर ही रही चर्चा
चार से ज्यादा नए जिले बनाने के जताए जा रहे आसार
लेकिन नए जिलों के गठन पर बनी है रामलुभाया कमेटी
@ashokgehlot51@shashimohan_s#RajasthanWithZee
अंधता के मामले में राजस्थान 1 नम्बर हैं,
क्योकीं नैत्र जांच के लिए मात्र 295 ��ेत्र सहायक ही नियुक्त है, जो 8 करोड़ की आबादी पर पर्याप्त नहीं है। प्रशिक्षित 600 #बेरोजगार_नेत्र_सहायक_राजस्थान वर��ग सड़कों पर बिना रोजगार के घूम रहा है
@ashokgehlot51
@plmeenaINC
@TheUpenYadav
ब्लैक फंगस का ईलाज झोला छाप कर रहे हैं जिससे जनता को अपनी आखों से हाथ धोना पड़ रहा है ऐसे में राज सरकार को नेत्र सहायक की भर्ती करनी चाहिए जिससे से इनकी आंखे बचाई जा सके। (295 मात्र नेत्र सहायक है राजस्थान में) #बेरोजगार_नेत्र_सहायक_राजस्थान@HimanshuSBJYM
@RaghusharmaINC बिना नेत्र सहायको�� के कैसे संभव है।
प्रदेश में 500 से अधिक पैरामेडिकल कैडर के नेत्र सहायक, आवश्यकता के बावजूद बेरोजगारी और अनदेखी से परेशान है। महोदय से निवेदन है कि नेत्र सहायक की भर्ती करवाई जाए।
#बेरोजगार_नेत्र_सहायक_राजस्थान
@ashokgehlot51 ji Thousands of students are placing their demands in front of the government by tweeting daily.But there is no one to listen to them.Government should provide employment to the unemployed by taking out new eye assistant recruitment
#बेरोजगार_नेत्र_सहायक_राजस्थान
धन्यवाद @indianewsraj1 मीडिया के माध्यम से हमारी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए
साथियों मैं हर वह प्रयास करूंगा जिससे कोविड-19 महामारी में आप अपना योगदान दे I
नेत्र सहायक व ओटी टेक्नीशियन की कमी को पूरा करने के लिए @RajGovOfficial उचित कदम उठाने होंगे I
चिकित्सा विभाग की गंभीर चूक।
कोरोना के कारण नेत्र ज्योति से हाथ धो रही है मासूम गावं की जनता
बेरोजगार_नेत्र_सहायक भर्ती पूरी करे
बेरोजगार_नेत्र_सहायक की जो भर्ती निकालना भूल गई सरकार
भर्तियां निकली होती तो लोगों को मिलता बड़ा फायदा
@ashokgehlot51@RaghusharmaINC@1stIndiaNews
राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के संक्रमण की स्थिति के मद्देनजर इस वर्ष प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं नहीं कराने का निर्णय लिया है।
निवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।