राजस्थान के आदिवासी समाज की अस्मिता और निजता से जुड़ा यह मामला अत्यंत गंभीर है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बिना अनुमति भील, मीणा, गरासिया, डामोर, काठोड़ी व सहरिया जनजातियों के आनुवंशिक (DNA) डेटा को विदेशों तक पहुँचाया गया।यदि यह सत्य है, तो यह केवल डेटा लीक नहीं बल्कि हमारे
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मैं राज्य सरकार से मांग करता हूँ:
✔ उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए
✔ दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो
✔ जनजातीय डेटा सुरक्षा हेतु स्पष्ट नीति बनाई जाए
✔ प्रभावित समुदायों को पारदर्शी जानकारी दी जाए
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“I am poor and naked but I am the chief of a nation.
We do not want riches but we do want to train our children right. Riches would do us no good. We could not take them with us to the other world. We do not want riches. We want peace and love.”
~ Red Cloud, Maȟpíya Lúta, Oglala Lakota, 1822-1909
देश के सबसे पुराने कबीले भीलो के सभी क्षेत्र में आज भी सभी जगह यह परम्परा जारी है चाहे mp राज. महाराष्ट्र गुजरात जहां भी भील निवास करते हैं
फसल पहले चढ़ाया जाता है फिर ही खाने के लिए उपयोग किया जाता है
#झाबुआ#आदिवासी#भीलप्रदेश#भील@ChetanMB_
देश के सबसे पुराने कबीले भीलो के सभी क्षेत्र में आज भी सभी जगह यह परम्परा जारी है चाहे mp राज. महाराष्ट्र गुजरात जहां भी भील निवास करते हैं
फसल पहले चढ़ाया जाता है फिर ही खाने के लिए उपयोग किया जाता है
#झाबुआ#आदिवासी#भीलप्रदेश#भील@ChetanMB_