If students can appear in exam again because of his incompetence, Modi waiting for 45 mins is NO BIG DEAL.
Modi is NOT GOD. He is just a failed and Incompetent PM.
समता आणि विषमता या दोन विचारांमधील मजबूत भिंत म्हणजे राहुल गांधी...
The one who strongly believes and stands for The Idea of India.
Happiest Birthday to my idol, icon, inspiration & leader
#HappyBirthdayRahulGandhi#MyLeaderRahulGandhi#RaGa
🏴 निषेध! धिक्कार! लानत! 🏴
ओमानच्या आखातात अमेरिकन लष्कराच्या हल्ल्यात आपले तीन भारतीय खलाशी ठार झाले आणि देशाचा पंतप्रधान मोदी हा ट्रम्पला पश्चिम आशियात शांतता बहाल केली म्हणून शुभेच्छा देतोय.....😡
ही कायरता नव्हे तर देशद्रोह आहे सर्व भारतीयांचा हा अपमान आहे... 😢
@sanjaynirupam बिग बॉस फेम संजु!....फडणवीस वर चहा घोटाळ्याचा आरोप करून काय मिळवलं की ते देखील आतासारखे बिनबुडाचे आरोप आहेत?
प्रयत्नशील रहा तुम्हाला अथक प्रयत्न करावे लागतील विधान परिषद /राज्यसभे साठी.
बाकी RSS कायद्यापेक्षा कोणाला मोठी वाटत असेन तर त्यांनी तसे जाहीर करावे.
#Savarkar Filed 10 Mercy Petitions Before British, Revolutionaries Like Bhagat Singh Refused To Compromise : Grandnephew Tells Pune Court |
@NarsiBenwal
Satyaki Savarkar deposed in the defamation case filed against #RahulGandhi@RahulGandhi
Read - https://t.co/JIFEr50MwL
"वोटचोरीनंतर आता सीटचोरी!"
झारखंडमध्ये भाजप पुरस्कृत उमेदवाराला अर्जातील त्रुटी दुरुस्त करण्यासाठी मुदत दिली जाते, पण मध्य प्रदेशात काँग्रेसच्या मीनाक्षी नटराजन यांचा उमेदवारी अर्ज थेट बाद केला जातो!
सत्ताधाऱ्यांसाठी नियम वेगळे आणि विरोधकांसाठी वेगळे, हीच आजच्या व्यवस्थेची शोकांतिका आहे. निवडणूक प्रक्रियेची निष्पक्षता धोक्यात आली असून लोकशाही संस्थांवरील विश्वास डळमळीत करण्याचे काम सुरू आहे.
वोटचोरीनंतर आता सीटचोरीचा खेळ सुरू झाला आहे का?
#RajyaSabha
#SeatChori #SaveDemocracy #SaveConstitution
12 वर्षों की गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और compromised विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा कर दिया है जहाँ लाखों गरीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ धकेल दिया गया है।
उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दिया गया। उसपर पिछले 3 महीनों में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम ₹89 बढ़ा दिया गया - मतलब, पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ, गरीबों का चूल्हा बुझाओ।
प्रवासी मजदूरों की जीवनरेखा, 5 किलो का सिलेंडर भी ₹323 महंगा कर दिया - वो कमाएगा क्या, खाएगा क्या, और बचाएगा क्या?
अरबपति मित्रों को लाखों करोड़ों की कर्ज़माफ़ी दिलाना और गरीबों को अपनी नाकामियों का बिल थमाना - ये लूट का मोदी मॉडल है।
मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ गरीब उठाएंगे? क्या आपकी बनाई इस चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत मजदूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?
हमारे प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के सामने विस्तृत रूप से अपने मुद्दे रखे हैं 👇
• मीनाक्षी नटराजन जी के मामले में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) का फैसला विकृत है, कानूनी रूप से गलत है, जिसका समर्थन नहीं किया जा सकता
• रिटर्निंग ऑफिसर ने जिस आधार पर मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द कर दिया, वो आधार कानून में Exist ही नहीं करता। ऐसा कोई क्रिमिनल केस था ही नहीं, जिसका मीनाक्षी जी खुलासा कर सकती थीं
• कोर्ट से एक नोटिस आया, जिसमें मीनाक्षी जी से कहा गया कि आप आकर हमें बताइए कि हम केस का संज्ञान लें या नहीं
• मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेना एक प्राथमिक चरण होता है और उसमें ये फैसला किया जाता है कि ये केस आगे चलना चाहिए या नहीं। बिना संज्ञान के कोई भी क्रिमिनल केस जन्म ही नहीं लेता है
• मजे की बात ये है कि चुनाव आयोग के कानून में स्पष्ट लिखा है कि आपको सिर्फ वो खुलासा करना है, जिसमें अपराध अगर सिद्ध हो तो सजा दो साल से ज्यादा हो और जिसमें charges फ्रेम हो चुके हैं। इसे देखने का उत्तरदायित्व RO का होता है
• इस मामले में मजिस्ट्रेट ने संज्ञान नहीं लिया है। मीनाक्षी जी को सुनने के बाद मजिस्ट्रेट संज्ञान लेंगे, उसके बाद जांच होगी और फिर चार्जशीट तैयार होगी और अगर चार्जशीट बनेगी, तब जाकर charges फ्रेम होंगे
• यानी इस मामले में आगे के तीन चरण बचे हैं। मजिस्ट्रेट ने संज्ञान तक नहीं लिया है, मगर RO ने मान लिया कि ये एक क्रिमिनल केस लंबित है
इसके अलावा, हमने कई और मुद्दे रखे और कहा कि ऐसी बेहूदी गलती के कारण राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन रद्द नहीं किया जा सकता है।
ये गणतंत्र के सिद्धांतों के विरुद्ध है और not a level playing field बनता है। ये संविधान के मूल ढांचे को भी विकृत करता है।
हमने यह भी कहा है कि चुनाव आयोग के पास पूरा अधिकार क्षेत्र है कि वे RO के फैसले को रिवर्स कर दें या आदेश निरस्त कर दें। चुनाव आयोग पहले भी हरियाणा और गुजरात के मामलों में हस्तक्षेप कर चुका है।
यानी- ये नहीं कहा जा सकता है कि चुनाव आयोग हेल्पलेस है।
: AICC Law, RTI & HR Dept. के चेयरपर्सन @DrAMSinghvi जी
📍 दिल्ली
🚩
गुलामगिरीत पिचलेल्या महाराष्ट्रातील जनतेची मने आणि मनगटे स्वतंत्र व स्वराज्याच्या प्रेरणेने जिवंत करीत, अठरा पगड जाती एकत्र करून जुलमी हुकूमशाही राजवट मोडीत काढून रयतेचे सार्वभौम राज्य निर्माण करणारे छत्रपती शिवाजी महाराज यांना शिवराज्याभिषेदिनी शत शत नमन!
#शिवराज्याभिषेक
निवडणुकीत "काँग्रेस तुमचे मंगळसूत्र हिरावून घेईल" अशी भीती दाखवणाऱ्या मोदींनी या मे महिन्यात देशाचे जवळपास १ लाख कोटी रुपयांचे २०० टन सोने छुप्या मार्गाने विकून टाकले आहे…सर्व भारतीयांचे अभिनंदन!💐
सांसद अभिषेक बनर्जी जी पर सोनारपुर में हुआ हमला बेहद निंदनीय है।
एक सांसद पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं - यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है।
यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते।
केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार - दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे।
अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएँ आपके और आपके परिवार के साथ हैं। आप जल्द स्वस्थ हों।
Strongly condemn the shocking attack on MP Shri Abhishek Banerjee in Sonarpur, as he went to meet the families affected by post-poll violence in the state.
The deliberate lack of adequate police protection for a prominent Opposition leader speaks volumes about the BJP’s politics of vendetta and persecution
The Government of West Bengal and the Union Government must ensure security for all Opposition leaders and take immediate steps to prevent such attacks. Political differences can never justify any kind of violence.
@abhishekaitc
NEET छात्रों से मुलाक़ात में एक बात बिल्कुल साफ़ हो गई - भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता।
उन्होंने मुझे बताया - पेपर WhatsApp और Telegram पर खुलेआम बिक रहे हैं। किस कीमत पर बिक रहे हैं, कौन ख़रीद रहा है, माफ़िया कैसे काम कर रहे हैं - यह सब इन बच्चों को पता है।
उनका एक ही सवाल था - जो हमें पता है, वो सरकार और संस्थाओं को क्यों नहीं? सच यह है ये बच्चे सरकार से बेहतर जानते हैं कि इस सड़ी हुई व्यवस्था को कैसे ठीक किया जा सकता है।
और दूसरी ओर कितनी शर्मनाक बात है कि जिस सेना का काम दुश्मनों से देश की रक्षा करना है, आज उसे मोदी सरकार के अपने भ्रष्टाचार से बच्चों के पेपर बचाने भेजा जा रहा है।
टुकड़ों के सुधार से अब काम नहीं चलेगा। छात्रों, शिक्षकों और Experts के साथ मिलकर पूरी परीक्षा व्यवस्था नए सिरे से बनानी होगी।
हम और बच्चे नहीं खो सकते। और एक भी पीढ़ी का भविष्य इस भ्रष्ट तंत्र के हवाले नहीं कर सकते।
Read this story. Carefully.
CBSE called for OSM tenders thrice. Zero bids the first time. No qualified bidder the second time. And finally, the technical bar was lowered until COEMPT could clear it.
Scanning resolution cut. Robotic scanner requirement dropped. CMMI certification lowered from Level 5 to Level 3. Penalties for errors in answer sheets removed.
TCS, India’s biggest IT services company, qualified in the third round too. TCS lost. COEMPT - a company with a spectacular track record of failure - won.
And what are CBSE students complaining about today? Badly scanned answer sheets. Missing pages. A broken evaluation portal.
Teachers had warned CBSE that the OSM system needed at least a year or two for further preparation before nationwide implementation, yet it was rushed through.
So I ask again - who wanted COEMPT to win? Who lowered the bar, step by step, until this company could clear it?
Pradhan ji and CBSE say “due process was followed.” That is not an answer, that is not accountability. The question is whether the contract was honestly awarded to the best company which could do the job correctly.
The futures of 18.5 lakh children were handed to a company that could only qualify after the rules were bent for it.
To the BJP Ministers attacking me for asking questions - I have, from day one, demanded an independent judicial probe. Expand it from CBSE to every contract awarded to COEMPT. Our youth deserve the truth.
And Modi ji, your silence on the CBSE debacle and inaction against the Education Minister tells the country what you actually care about - not the futures of lakhs of students, only the survival of your own government.
'बहुत हुई महंगाई की मार अब की बार......'
असे शब्द लोकांवर फेकून सत्तेत आलेल्या मोदीशा सरकारचा कारनामा.....
काय गरज होती इजराईल सोबतच्या अजेंड्याची?
#petrol#PetrolDieselPrice#PetrolPriceHike
महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला।
पेट्रोल-डीज़ल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं - ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे।
मैं महीनों से आर्थिक तूफान आने की बात कह रहा था। पर मोदी जी तब हमेशा की तरह चुनाव में व्यस्त थे - और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल ₹8 महंगा कर दिया।
और, ये बढ़त होती ही जाएगी।
महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है - चुनाव में वादे, और बाक़ी समय जनता की जेब पर वार।