झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत है।
छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है।
झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
The use of force against students protesting in Jharkhand is wrong.
Students have a right to peaceful protest, and only dialogue can yield solutions.
The Jharkhand government must continue to hear these students out and resolve their issues immediately.
पैलेट गन, कील लगी लाठियां और आंसू गैस के गोले - शांतिपूर्ण तरीके से सिर्फ़ अपने भविष्य के बारे में सवाल पूछ रहे छात्रों पर इनसे हमला किया गया।
पुलिस ने लड़कियों को पीटा, कई के प्राइवेट पार्ट्स पर चोटें आईं। नाबालिगों की हड्डियां टूट गई। मोदी सरकार सवालों का जवाब ऐसी बर्बरता से देती है।
और गृह मंत्री? लगभग 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अमित शाह इस मामले पर जवाब देने के लिए संसद तक नहीं आए। चर्चा के लिए विपक्ष के हर प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया है।
उनकी चुप्पी सिर्फ अनदेखी या चूक नहीं - यह हिंसा को मंज़ूरी है। वो या तो गुनहगार हैं या फिर नाकाबिल।
हम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करते हैं। और जब तक उन्हें जवाबदेह नहीं ठहराया जाता, ये लड़ाई नहीं रुकेगी।
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Pellet guns, Nail-studded lathis, tear gas fired at students who were peacefully asking questions about their own future.
Young women beaten by policemen, many injured on their private parts. Minors with broken bones. This is how the Modi government answers a question.
And the Home Minister? Nearly 20 days and Amit Shah has not come to Parliament to answer for it. Every Opposition motion for a discussion has been rejected.
His silence is not an oversight - it is approval of the violence. He is either culpable or incompetent.
We demand a Supreme Court monitored inquiry. And we will not stop fighting until he is held accountable.
देश के इतिहास में मप्र के कॉलेज ने रिकॉर्ड तोड़ दिया।
उज्जैन की यूनिवर्सिटी के रिजल्ट एक छात्र को कुल 1600 में से 1604 अंक मिले हैं।
100.25% रिजल्ट आया है छात्र का।
राहुल गांधी सही बोलते हैं इस देश का एजुकेशन सिस्टम बुरी तरह से सड़ चुका है।
राहुल गांधी ने एक चक्रव्यूह की बात की है। क्या है वो चक्रव्यूह जिसमें हिंदुस्तान का युवा फंसा हुआ है:-
1. महंगी शिक्षा हासिल करो
2. डिग्री मिलेगी, डिग्री से रोज़गार नहीं मिलेगा
3. बेरोज़गार रहो, खूब रील्स देखो, डेटा क्रिएट करो
4. सरकार में बैठा एक सौदागर आपके इस डेटा का सौदा करेगा
5. सौदागर के दोस्त करोड़ों अरबों कमाएंगे, सौदागर को सत्ता में बैठे रहने के लिए मदद करेंगे
6. आपके हिस्से क्या आया? ब्लिंकिट, स्विगी, उबर, ओला जैसी कंपनियों में बंधुआ मज़दूरी और बेशुमार रील्स
#ChhatronKiGoonj
प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस ने राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी सांसदों और नेताओं को हिरासत में लेकर बस में बैठाया, तो वहां का एक बेहद दिलचस्प नजारा अब चर्चा में आ गया है। देश में चाहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों, गृह मंत्री अमित शाह, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी हों या योगी आदित्यनाथ किसी भी बड़े और दिग्गज नेता को कभी अपने PA (पर्सनल असिस्टेंट) को अपने ठीक बगल में इस तरह बैठाते नहीं देखा गया। लेकिन हिरासत में लिए जाने के दौरान राहुल गांधी के ठीक बगल में उनके PA भी बस की सीट पर साथ बैठे नजर आए। राहुल गांधी के इस अलग अंदाज और उनके लोकतांत्रिक व्यवहार पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
चर्चा - @neeraj_jhaa OR @AadeshRawal
पूरी वीडियो Molitics के YouTube चैनल पर देखें।
लिंक - https://t.co/kGJNJF3yaw
#RahulGandhi #PMResidenceProtest #DetainedInBus #OppositionProtest #ViralVideo
देश के छात्रों ने system के फैलाए अंधेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
प्रयागराज एयरपोर्ट पर नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी का कांग्रेस नेताओं ने आत्मीय स्वागत किया। 🇮🇳
आज #ChhatronKiGoonj में युवाओं से करेंगे सीधा संवाद। ✊
📍 प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
रिजिजू जी, संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते आपसे बेहतर यह कौन जानता होगा - महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, कांग्रेस के पूर्ण समर्थन के साथ।
सवाल यह है कि तीन साल बाद भी वह लागू क्यों नहीं हुआ और अब आप उसे परिसीमन से बेवजह क्यों जोड़ना चाहते हैं?
2023 का क़ानून लागू कीजिए। बिना किसी शर्त के।