अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं, हमारी साँसों की ढाल है स्वार्थ और खनन ने इसे कमजोर किया है।
अब चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें माफ़ नहीं करेंगी..!!
अरावली खत्म तो जीवन खत्म..!
अपने हक और अधिकार के लिए सभी को आगे आना बहुत जरूरी है..!!
राजस्थान की आन बान शान #अरावली को बचाना हमारी स्वयं की जिम्मेदारी बनती है..!!
अरावली बचाओ, जीवन बचाओ
स्वार्थ छोड़ो, अरावली बचाओ .!!! 🙏😌
#अरावली_बचाओ #SaveAravaliHills
#अरावली_पर्वतमाला_बचाओ #SaveAravalli
#अरावली_बचाओ
“100 मीटर नहीं, 100 पीढ़ियों का सवाल है अरावली।”
आज प्रकृति हारी तो कल इंसान हारेगा।
अरावली कोई आँकड़ा नहीं, यह पानी, हवा और जीवन की ढाल है।
#SaveAravali#SaveAravaliHills#अरावली_बचाओ
आज मैं अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदलकर #SaveAravalli अभियान का हिस्सा बन रहा हूँ। यह सिर्फ एक फोटो नहीं, एक विरोध है उस नई परिभाषा के खिलाफ जिसके तहत 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को 'अरावली' मानने से इंकार किया जा रहा है। मेरा आपसे अनुरोध है कि अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलकर इस अभियान से जुड़ें:
अरावली के संरक्षण को लेकर आए इन बदलावों ने उत्तर भारत के भविष्य पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह निर्णय हमारे अस्तित्व के लिए खतरनाक है क्योंकि:
1️⃣ मरुस्थल एवं लू के खिलाफ दीवार: अरावली कोई मामूली पहाड़ नहीं, बल्कि कुदरत की बनाई 'ग्रीन वॉल' (Green Wall) है। यह थार रेगिस्तान की रेत और गर्म हवाओं (लू) को दिल्ली, हरियाणा और यूपी के उपजाऊ मैदानों की ओर बढ़ने से रोकती है। अगर छोटी पहाड़ियाँ (Gaping Areas) खनन के लिए खुल गईं, तो रेगिस्तान हमारे दरवाज़े तक आ जाएगा और गर्म हवाएं तापमान को बढ़ा देंगी।
2️⃣ प्रदूषण से रक्षा: ये पहाड़ियाँ और यहाँ के जंगल NCR और आसपास के शहरों के 'फेफड़ों' (Lungs) की तरह काम करते हैं। ये धूल भरी आंधियों (Dust Storms) को रोकते हैं और जानलेवा प्रदूषण को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। दिल्ली और आसपास के इलाके में अरावली के बावजूद इतनी गंभीर स्थिति है तो अरावली के बिना कैसी स्थिति होगी, उसकी कल्पना करना भी वीभत्स है।
3️⃣ भूजल (Groundwater): अरावली हमारे लिए पानी का मुख्य रिचार्ज ज़ोन है। अरावली की चट्टानें बारिश के पानी को ज़मीन के भीतर भेजकर भूजल रिचार्ज करती हैं। अगर पहाड़ खत्म हुए, तो भविष्य में पीने के पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा,जिससे वन्यजीव लुप्त होने की कगार पर आ जाएंगे तथा इकोलॉजी को खतरा होगा।
वैज्ञानिक सच यह है कि अरावली एक निरंतर शृंखला (Continuous Chain) है। इसकी छोटी पहाड़ियाँ भी उतनी ही अहम हैं जितनी बड़ी चोटियाँ। अगर दीवार में एक भी ईंट कम हुई, तो सुरक्षा टूट जाएगी।
📢 हमारी अपील:
हम केंद्र सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन करते हैं कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस परिभाषा पर पुनर्विचार (Reconsider) करें। अरावली को 'फीते' या 'ऊंचाई' से नहीं, बल्कि इसके 'पर्यावरणीय योगदान' (Ecological Impact) से आंका जाए।
#SaveAravalli
राजस्थान सरकार बेरोजगारों की मांग को सुने आपकी सरकार की 5 साल, बेरोजगारों के जीवन के 5 साल होते हैं जो जीवन का बहुत बड़ा अंतराल है, आपकी सरकार को 2 वर्ष पूर्ण होने को है अब आपसे उम्मीद है कि जल्द ही आप युवा बेरोजगारों की मांग सुनेंगे l @DIPRRajasthan@BhajanlalBjp@RajCMO@GajendraKhimsar #anuragnehra
@MeRajGovt@DIPRRajasthan 1/2 भविष्य में अगर कोई पैरामेडिकल के खिलाफ अनैतिक खबर फैलाएगा तो उस पर पैरामेडिकल यूनियन कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी l
#anuragnehra
नमस्कार साथियों कुछ लोगों द्वारा भ्रामक खबर फैला रखी है कि लैब टेक्नीशियन की योग्यता में बदलाव करके DMLT की जगह BSC MLT करी जाए यह तर्कहीन खबर है ऐसा कभी नहीं होगा और ना ही होने देंगे, उच्च अधिकारियों से वार्तालाप हुई है, जिन्होंने इसका खंडन किया है !
@MeRajGovt@DIPRRajasthan
पूर्व राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
कुछ दिन पूर्व दिल्ली में आरएमएल अस्पताल में मैं उनसे कुशलक्षेम पूछने गया भी था। वो पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे तथा सभी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे।
सार्वजनिक क्षेत्र में वो लगातार सक्रिय रहे, अनेक पदों पर रहे, उनका संघर्ष करने का जज़्बा सदैव याद आएगा।
(File Pic)
मैं डोल का बाड़ हूँ। जयपुर की ज़मीन पर फैला एक शांत, हरा-भरा जंगल। शताब्दियों से मैं यहाँ हूँ, तुम्हारे साथ, तुम्हारे बीच। जब शहर की गर्म सड़कें तपती थीं, मैंने तुम्हें छांव दी। जब हवा ज़हरीली हो गई, मैंने तुम्हारी साँसों को साफ किया। जब पक्षियों ने अपना बसेरा ढूंढा, मैंने उन्हें घर दिया। एक नीलगाय परिवार भी मुझमें सुरक्षित जीवन जीता रहा।
लेकिन अब, मैं डर में हूँ। सरकार मेरे भीतर 2,500 पेड़ काटने जा रही है। मुझे मिटाकर वहाँ एक मॉल बनाना चाहती है। क्या तुम सच में चाहते हो कि जयपुर की आखिरी हरियाली यूँ मिटा दी जाए? क्या तुम जानते हो, इससे तुम्हारा AQI 50 से 100 पॉइंट तक बिगड़ जाएगा? तुम्हारा शहर 1–2 डिग्री ज्यादा तपेगा। वो 80 तरह के पक्षी जिनकी चहचहाहट तुम्हें सुबह जगाती है, वे बेघर हो जाएंगे। वो नीलगाय का परिवार जिसने मुझे अपना घर समझा कहाँ जाएगा?
मैं सिर्फ पेड़ों का झुंड नहीं हूँ। मैं तुम्हारे बच्चों की साँस हूँ। मैं हर उस बुज़ुर्ग की छांव हूँ जिसने दोपहर में मुझसे राहत पाई। मैं वो चुप्पी हूँ, जो भागती दुनिया में थोड़ा सुकून देती है। मैं पूछता हूँ क्या मॉल जरूरी है, या साँसें? क्या संस्कृति बिना प्रकृति के बच सकती है? मुझे मत काटो। मुझे जीने दो। क्योंकि जब मैं रहूंगा, तभी तुम भी राहत से रह पाओगे।।
#SaveDolKaBadh
@pantlp रणथंम्भोर में शाम को 5 बजे बाद वीआईपीयों को अंदर पार्टी करवाते हैं और गणेश मंदिर पर दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को शाम 4 बजे बाद अंदर तक नहीं जाने देते हैं। रणथंम्भोर सेंचुरी पहले जहां साल में सर्दी व गर्मी के समय कुछ दिनों के लिए खुला करती थी, अब 12 महिने ही खुली रहती है
शर्म आनी चाहिए बीजेपी मंत्री को!
"ऑपरेशन सिन्दूर का नेतृत्व करने वाली भारत की बेटी सोफिया कुरैशी को बीजेपी के मंत्री विजय सिंह आतंकवादियों की बहन बता रहे हैं।"क्या यही है आपकी देशभक्ति का चेहरा
कर्नल सोफिया कुरैशी भारत की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने विदेश में सैन्य दल का नेतृत्व किया। वह हर भारतीय की प्रेरणा हैं। उनका रिश्ता आतंकवादियों से जोड़ना निंदनीय है। हम इसका कड़ा विरोध करते हैं- सत्यपाल मलिक (पूर्व गवर्नर) #SatyapalMalik
भविष्य में अगर भारत पर कोई आतंकी हमला होता है,
तो उसे युद्ध की कार्रवाई (Act of War) माना जाएगा,
और उसका हमले का उसी भाषा में जवाब भी दिया जाएगा।
: भारत सरकार
प्रदेश के 8 करोड़ जनमानस की जांच करने वाले मात्र 6हजार #लैबटेक्निशिशंस है
उनके साथ मारपीट, हिंसक घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण है
कोविड हो या टीबी मुक्त भारत अभियान!
यही लैबटेक्निशिशंस जांच करते है|
दोषिओं के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्यवाही हो, ताकि चिकित्साकर्मी भयमुक्त होकर सेवाएं सकें