I expressed my heartfelt condolences to the family of Neha Hiremath, who was murdered by Fayaz yesterday. Offered my support to her family to help them navigate through this difficult period.
500 ವರ್ಷಗಳ ನಂತರ ನನ್ನ ರಾಮನ ಆಗಮನದ ಮೇಲೆ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ರಜೆ ಘೋಷಿಸಬೇಕು. ಗೌರವಾನ್ವಿತ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ @narendramodi ಜೀ ಯವರಿಗೆ ನಮ್ಮ ಏಕೈಕ ಬೇಡಿಕೆ. ನಿಮ್ಮದಾಗಿದೆ, ನಾವು ಒಂದೇ ಒಂದು ದಿನವನ್ನು ನಾವು ಶ್ರೀರಾಮಚಂದ್ರ ನಿಗೋಸ್ಕರ ನೀಡಬಹುದಲ್ಲವೇ? #22ಜನವರಿ_ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ_ರಜಾದಿನ.
#22जनवरी_राष्ट्रीय_छुट्टी
ಇಂದು ಕೋಟಿ ಕೋಟಿ ಭಕ್ತರ ಕನಸಿನ ಹಾದಿ ಸುಗಮವಾಗಿದೆ.
ಪ್ರೀತಿಯ ಮಾರುಕಟ್ಟೆಯಲ್ಲಿ ದ್ವೇಷದ ಅಂಗಡಿ ತೆಗೆದ @INCIndia ಮುನಿಸಿನ ಹಾದಿ ತುಳಿದಿದೆ.
ಅಧರ್ಮ ಬಂತೆಂದು ಧರ್ಮ ತನ್ನ ಮಾರ್ಗ ಬದಲಿಸುವುದಿಲ್ಲ.
ಧರ್ಮ-ಅಧರ್ಮಗಳ ಸಂಘರ್ಷದಲ್ಲಿ ಧರ್ಮಕ್ಕೆ ಸದಾ ಗೆಲುವು!
#RamaVirodhiCongress
कन्याकुमारी से क्षीर भवानी तक,
कोटेश्वर से कामाख्या तक,
जगन्नाथ से केदारनाथ तक,
सोमनाथ से काशी विश्वनाथ तक,
सम्मेद शिखर से श्रवणबेलगोला तक,
बोधगया से सारनाथ तक,
अमृतसर से पटना साहिब तक,
अंडमान से अजमेर तक,
लक्षद्वीप से लेह तक,
आज पूरा भारत राममय है।
राम मंदिर के निर्माण की यह प्रक्रिया राष्ट्र को जोड़ने का उपक्रम है।
यह महोत्सव है-
विश्वास को विद्यमान से जोड़ने का,
नर को नारायण से जोड़ने का,
लोक को आस्था से जोड़ने का,
वर्तमान को अतीत से जोड़ने का
और स्व को संस्कार से जोड़ने का।
जीवन का ऐसा कोई पहलू नहीं है, जहां हमारे राम प्रेरणा न देते हों।
भारत की ऐसी कोई भावना नहीं है, जिसमें प्रभु राम झलकते न हों।
भारत की आस्था में राम हैं, आदर्शों में राम हैं।
भारत की दिव्यता में राम हैं, दर्शन में राम हैं।
राम भारत की ‘अनेकता में एकता’ के सूत्र हैं।
दुनिया में न जाने कितने देश हैं, जहां की आस्था में या अतीत में, राम किसी न किसी रूप में रचे-बसे हैं।
मुझे विश्वास है कि आज इन देशों में भी करोड़ों लोगों को राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू होने से बहुत सुखद अनुभूति हो रही होगी।
राम समय, स्थान और परिस्थितियों के हिसाब से बोलते हैं, सोचते हैं, करते हैं। राम हमें समय के साथ बढ़ना सिखाते हैं, चलना सिखाते हैं।
राम परिवर्तन के पक्षधर हैं, राम आधुनिकता के पक्षधर हैं। उनकी इन्हीं प्रेरणाओं और आदर्शों के साथ भारत आज आगे बढ़ रहा है।