“राहुल गांधी को हिंदी में बोलना चाहिए था?”
सुबह से लोग यही बोल रहे हैं…
पर बात समझिए —
हर भाषण की अपनी ऑडियंस होती है।
कल गौरव गोगोई और दीपेंद्र हुड्डा ने
धारदार हिंदी में बोला — क्योंकि वो
राजनीतिक हलकों के लिए था।
प्रियंका गांधी का भाषण
भावना, इतिहास और देशभक्ति से भरा —
सीधे जनता के ज़मीर पर वार था
खड़गे जी ने वहीं चोट की
जहाँ बीजेपी को सबसे ज़्यादा दर्द होता है।
और राहुल गांधी?
वो Leader of Opposition हैं।
जब वो चुनाव सुधारो, लोकतंत्र, और
संस्थानों की एंट्रीगिटी पर बोलते हैं —
तो सिर्फ भारत नहीं, दुनिया सुनती है।
दक्षिण से पूर्वोत्तर,
महाराष्ट्र से मेट्रो शहरों तक —
अंग्रेज़ी युवा, मीडिया, डिप्लोमैट्स और शहरी भारत की भाषा है।
उनका संदेश सिर्फ संसद के लिए नहीं था —
ये गया
टॉप 20 शहरों,
अंतरराष्ट्रीय मीडिया,
विदेशी मिशनों
और प्रवासी भारतीयों तक — रीयल टाइम में।
जो लोग चिल्ला रहे हैं “हिंदी में बोलते!”
उन्हें समझना चाहिए —
ये सिर्फ भाषण नहीं था,
ये था रणनीतिक संदेश।
एक वैश्विक एड्रेस।
डेमोक्रेसी की मास्टरक्लास।
ये भाषण
दिल्ली से लेकर डीसी (वॉशिंगटन) तक
महसूस किया गया।
#घोरकलजुग
#RahulGandhi
कल 18 सितंबर, सुबह 10 बजे इंदिरा भवन ऑडिटोरियम में नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे।
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वोट चोरों के खिलाफ हुंकार है।
आज @RahulGandhi जी के बब्बर शेरों के साथ दिल्ली में हम भाजपा चोर आयोग के दफ्तर की ओर कूच कर रहे है,
@AnilChopra_@SachinPilot
आज जिस तरह से BJP के लोगों ने पटना के कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में हमला किया है।
यह BJP के डर को दर्शाता है।
अगर यह लोग हिंसा के जरिए विपक्ष की आवाज दबाना चाहते हैं, तो यह कभी संभव नहीं हो सकता।
: बिहार कांग्रेस कार्यालय में हुए BJP के कायराना हमले पर कांग्रेस महासचिव @SachinPilot जी
📍 बिहार
૧૮ ઓગસ્ટ નવાવાડજ વોર્ડના મહાદેવનગર ના રહીશો દ્વારા AMC ડૉ. રમણભાઈ પટેલ ભવન ખાતે AMC ના એસ્ટેટ વિભાગના વડા ને ડ્રેનેજ, પીવાનું ગંદુ પાણી લઈને છેલ્લા કેટલા મહિના થી ત્યાના લોકો તાહિમામ પોકારી રહ્યાં હોય ત્યારે કોંગ્રેસ દ્વારા આજે રજૂઆત કરવામાં આવી
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चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में साफ कहा-
⦁ हम बिहार के उन 65 लाख लोगों के नाम नहीं बताएंगे, जिन्हें वोटर लिस्ट से हटा दिया गया
⦁ ये भी कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है, जिसके तहत नाम काटने का कारण बताया जाए या ऐसी जानकारी दी जाए
साफ है-
चुनाव आयोग पूरी तरह से अपनी मनमर्जी चला रहा है- SIR के नाम पर की गई धांधली छिपाने के लिए सारी हदें पार कर रहा है।