Hello @DGPWestBengal@WBPolice past 2 hours & your police is watching the fun & not dispersing the mob. They want me to flee & they will pelt eggs /stones while I enter my car. Please do your job. Disperse the mob. Am in NH Dhaba Plassey.
🚨🇺🇸🇲🇲THROWBACK: CIA Fueling Myanmar Civil War
It’s no coincidence that Myanmar militants are fighting with American rifles.
The US wants to destabilise the country to disrupt strategic infrastructure projects by India and China in Southeast Asia, @RealPepeEscobar told Sputnik India👇
'उन्होंने हमें जवाब देने के लिए 15 मिनट दिए थे, वरना वे हमें मार देते...'. वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने दावा किया है कि जब देश के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सैनिकों ने पकड़ लिया तो उन्हें और उनके सहयोगियों को जान से मारने की धमकी दी गई थी.
पूरी खबर: https://t.co/9u9CNlqQYu
#VenezuelaCrisis #DelcyRodriguez
#NicolasMaduro #USVenezuela
@journoaas इसके अब्बा को कुछ मत कह देना वरना तुम्हरी सात पुस्तो को भी इतनी गालिया देगा की याद रखोगे। 😅
दूर के ढोल सुहावने लगते है।
ये क्या है ओखला वाले आपसे बेहतर जानते है
@SachinGuptaUP मिलावट वाली चीजो से बेहतर है की फर्मी अंडो को सिर्फ देसी बनाया है।
Paneer दूध और दूसरी चीजो तो केमिकल से बनाई जा रही है उनकी धरपकड़ होंनी जरूरी है
मां है या जल्लाद...!
केरल पुलिस ने एक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जो अपने 15 वर्षीय बेटे को आतंकी संगठन ISIS में शामिल कराने की कोशिश कर रही थी. पुलिस ने एफआईआर में मां को अपने ही बेटे को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश में सक्रिय भागीदार बताया गया है, जो ब्रिटेन स्थित एक ISIS आतंकी के साथ मिलकर काम कर रही थी. NDTV को मिले दस्तावेज़ में विस्तार से बताया गया है कि कैसे नाबालिग को कथित तौर पर ISIS के दुष्प्रचार के संपर्क में लाया गया, दूसरे धर्मों से नफरत करने की तालीम दी गई और आतंकवादी समूह की विचारधारा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया.
#Kerala
इस तस्वीर को देखें और आने वाले कल के भारत की तस्वीर को ज़हन में रखें,,, मुसलमानों पर गज़वाए हिंद के लगाए जाने वाले इल्ज़ाम को ज़हन में रखें,,,
नहीं मुझे इस वक़्त बहुत ज़्यादा नहीं लिखना है लेकिन बहुत ज़्यादा कहना है। शायद इन चंद लफ्जों में आप आने वाले कल की तस्वीर देख सकें। आने वाले कल के हालात को समझ सकें।
अब रहा सवाल बिहार विधानसभा चुनाव का तो,,,
Aimim ने 5 मुसलमानों को हरा कर 5 मुसलमानों को जिताया। क्या वो मुसलमान मुसलमान नहीं थे जिन्हें हराया।आपने दर्जनों मुसलमानों को हरा कर 5 मुसलमानों को जिताया ये है आपकी कामयाबी,,,
ना जाने हिंदुस्तान का मुसलमान कब समझेगा कि ये सियासी हथकंडे मुसलमानों की क़यादत के लिए नहीं ओवैसी की क़यादत के लिए और हिन्दुत्व की क़यादत को तस्लीम करने के लिए है। जिसे समझना होगा।
Aimim के सियासी हथकंडे ने बिहार में जीतने वाले मुसलमानों की तादाद लगभग आधी कर दी। मुसलमानों की हिस्सेदारी बढ़ी या घाटी, ये है आपकी कामयाबी,,,
BJP ने लगभग 95% सीटें जीत कर एक तारीख़ रकम की तो बिहार विधानसभा में मुस्लिम हिस्सेदारी घट कर पहले से लगभग आधी हो गई। ये है आपकी कामयाबी।
हिंदुस्तान की ताक़त और खूबसूरती यहां की गंगा जमुनी तहज़ीब यानि हिंदू मुस्लिम एकता थी जिसे ख़त्म कर आपने 1947 की याद ताज़ा कर दी ये है आपकी कामयाबी ,,,
आपने चुनाव को चुनाव नहीं रहने दिया। हिंदू मुस्लिम के बीच धर्म युद्ध बना दिया जिसका असर सिर्फ़ बिहार चुनाव पर नहीं हुआ बल्कि सारे हिंदुस्तान पर हुआ और हो रहा है। आपने चुनाव नतीजों के फ़ौरन बाद की प्रैस कॉन्फ्रेंस में जो बैनर लगाया उसमें खाना ए काबा की तस्वीर और एक तरफ़ अल्लाह और एक तरफ़ मोहम्मद लिखा है। ये कोई मज़हबी जलसा नहीं एक सियासी मंच था,,,
आने वाले कल में आप राजनीतिक मंच पर राम मंदिर और जय श्री राम के नारों की ज़मीन तैयार कर रहे हैं आप चुनाव को लोकतंत्र के लिए धार्मिक बंटवारे के लिए लड़ रहे हैं। यही सूरते हाल 1947 में थी जो जिन्ना ने पैदा की थी और जिसका नतीजा आज तक मुसलमान भुगत रहा है। वहीं आप पैदा कर रहे हैं। जिसका नतीजा आने वाली नस्लों को भुगतना होगा।
जरा सोचें उन मुसलमानों के बारे में जो घनी हिंदू आबादी के बीच रहते हैं सांस घुटती होगी उनकी इन नफ़रत की दीवारों के माहौल में,,,
Via- Aziz burney
Badruddin साहब कांग्रेस के साथ गठबंधन करेंगे। ओवैसी साहब का नाम लेकर कांग्रेस को चिढ़ा रहे है। वैसे कांग्रेस ने इनको पहले भी धोका दिया था और आगे भी देंगे।
कांग्रेस से सावधान रहिये
ब्रेकिंग न्यूज़: असम विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ी राजनीतिक हलचल!
असम की प्रमुख राजनीतिक पार्टी AIUDF के मुखिया मौलाना बदरुद्दीन अजमल साहब AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी साहब के साथ गठबंधन करने जा रहे हैं।
स्वयं मौलाना बदरुद्दीन अजमल साहब ने अपने बयान में इसकी पुष्टि की है।
#BadruddinAzmal
#Aimim
#Assam
जब लालू जेल मे जा सकता है और केजरीवाल की पूरी देल्ही कैबिनेट जेल मे चली गई तो अखिलेश यादव और उसके खानदान वालो पर एक भी कैस कैसे नही हुआ।
न की केस हुआ
ना कोई ED Na कोई CBI
आख़िर आज़म खान ही क्यु??
एक बात ज़रा कोई बताने की हिम्मत करेगा?
की अखिलेश मोदी सरकार के 10 साल में कितनी बार जेल गए? कितनी बार किसी केस में गिरफ़्तार हुए? कितनी बार CBI–ED ने दरवाज़ा खटखटाया?
अगर एक बार भी नहीं गए, तो सवाल बहुत सीधा है,
क्यों नहीं? किस वजह से?किस “फायदे” में हैं?
किस खेल का हिस्सा हैं?
एक बात ज़रा कोई बताने की हिम्मत करेगा?
की अखिलेश मोदी सरकार के 10 साल में कितनी बार जेल गए? कितनी बार किसी केस में गिरफ़्तार हुए? कितनी बार CBI–ED ने दरवाज़ा खटखटाया?
अगर एक बार भी नहीं गए, तो सवाल बहुत सीधा है,
क्यों नहीं? किस वजह से?किस “फायदे” में हैं?
किस खेल का हिस्सा हैं?
क्यों आजम साहब को परेशान किया जा रहा और अखिलेश को खुली छूट ?
आज फिर आज़म खान साहब को कोर्ट ने 7 साल की सज़ा सुनाई।
देश का हर सेक्युलर नेता ये खबर देखकर समझ जाता है कि कानून का डंडा किस दिशा में चलता है।
क्यों आजम साहब को परेशान किया जा रहा और अखिलेश को खुली छूट ?
आज फिर आज़म खान साहब को कोर्ट ने 7 साल की सज़ा सुनाई।
देश का हर सेक्युलर नेता ये खबर देखकर समझ जाता है कि कानून का डंडा किस दिशा में चलता है।
क्यों आजम साहब को परेशान किया जा रहा और ओवैसी खुली छूट ?
आज फिर आज़म खान साहब को कोर्ट ने 7 साल की सज़ा सुनाई।
देश का हर सेक्युलर नेता ये खबर देखकर समझ जाता है कि कानून का डंडा किस दिशा में चलता है।
लेकिन एक बात ज़रा कोई बताने की हिम्मत करेगा?
हैदराबाद वाले चचा और उनके भाई साहब—
मोदी सरकार के 10 साल में कितनी बार जेल गए?
कितनी बार किसी केस में गिरफ़्तार हुए?
कितनी बार CBI–ED ने दरवाज़ा खटखटाया?
अगर एक बार भी नहीं गए,
तो सवाल बहुत सीधा है—
क्यों नहीं? किस वजह से?
किस “फायदे” में हैं?
किस खेल का हिस्सा हैं?
जब सेक्युलर बोलने वालों पर सैकड़ों मुकदमे,
और ध्रुवीकरण करने वालों पर शून्य कार्रवाई,
तो समझिए—
न्याय नहीं, राजनीति चल रही है।
शुक्रिया बाद में करियेगा पहले ये बताइए के
बूथ लेवल एजेंट बनायें हम, वोट बचाएं हम, वोटर के नाम जोड़ें हम, नागरिकता बचाएं हम, ज़मीन पर मेहनत करें हम, सरकार से लड़ें हम, मुक़दमें लदवायें हम,
आख़िर में मज़ा करे आपकी भगवा डोर से बँधी पतंग ?