भाजपा सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र में युवाओं को स्थायी रोज़गार देने का वादा किया और अब उन्हें गेस्ट फैकल्टी पर “शिक्षावीर” बनाने का काम कर रही है।
शिक्षा विभाग द्वारा विद्या संबल योजना में भर्ती प्रदेश के बेरोज़गार युवाओं के साथ धोखा है। अकेले शिक्षा विभाग में 1,25,000 से अधिक पद रिक्त हैं और भाजपा सरकार विद्या संबल के नाम पर बेरोज़गारों को गुमराह कर उनके हकों पर डाका डालने का काम कर रही है।
गेस्ट फैकल्टी “शिक्षावीर” के नाम पर सरकार अपने चहेतों को लाभ देने का कार्य कर रही है, जो कि आरक्षित वर्गों के हितों पर कुठाराघात है। इसमें एससी, एसटी, ओबीसी, एमबीसी, ईडब्ल्यूएस और महिला सभी वर्गों के साथ भेदभाव करके अपने चहेतों को बैकडोर से एंट्री देने का सुनियोजित प्लान है।
हम तो बार-बार कह रहे हैं कि सरकार और विशेषकर शिक्षा विभाग “यू-टर्न विभाग” बन चुका है। सरकार को जब आदेश निकालने के बाद उन्हें बार-बार निरस्त करना पड़े, तो ऐसे आदेश निकालते ही क्यों हो ?
मुख्यमंत्री जी, प्रदेश का युवा ऐसी अस्थाई भर्ती का समर्थन नहीं करता, वह स्थायी सरकारी नौकरी चाहता है। विभाग द्वारा जारी किए गए आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए और स्थायी भर्ती कराई जाए l @RajCMO@BhajanlalBjp
जब परिणाम साथ नहीं होता…
सफलता में सब आपकी मेहनत देखते हैं,
लेकिन असफलता में वही लोग आपकी काबिलियत पर सवाल उठाने लगते हैं।
यहाँ तक कि घर वालों को भी लगने लगता है— “शायद इसने ठीक से पढ़ाई नहीं की।”
उस समय कितनी भी सफाई दें, कोई सुनना नहीं चाहता।
तो चुप हो जाइए… थोड़ा खुद को संभालिए।
हर लड़ाई का जवाब शब्दों से देना जरूरी नहीं।
कभी-कभी बस Restart करना होता है।
#रिज़ल्ट
आज इस आवाज में दर्द है...
राजवीर सिंह चलकोई को हम सुनते रहे हैं। उनकी बोली में हमेशा एक खनक रहती है अल्हड़पन झलकता है। मैंने इस पूरे वीडियो में देखा कि वो बात कहीं भी नहीं है। क्यों?
क्योंकि हमारे आत्मसम्मान पर चोट ही हुई है
राज्यपाल महोदय ने एक आदेश जारी कर राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों में मराठी के केंद्र खोलने के लिए कह दिया है। दूसरी तरफ वर्षों से राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे लोग अभी तक राजस्थान के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी के केंद्र नहीं खुलवा पाए हैं। स्कूलों में राजस्थानी की पढ़ाई शुरू नहीं करवा पाए हैं। राजस्थान की राजभाषा नहीं बनवा पाए हैं। पीड़ा तो है। सच्ची है। झलकेगी ही। छलकेगी ही।
राजस्थान वालों के चेहरे पर ऐसा जोरदार झापड़ मारा गया है, जिसका अहसास तो हुआ है लेकिन आत्म गौरव खो चुके लोग यह तय नहीं कर पा रहे कि रिएक्ट क्या करना है और कैसे करना है। इस पीड़ा को सभी सुनें और और सोचें कि हम अभागे लोग कहां खड़े हैं?
वीडियो साभार @republic
@Kapil_Jyani_ प्रिय बीजेपी भक्त
राज्य में सरकार किसकी ??
जोधपुर का सांसद कौन ??
जोधपुर में ज्यादातर विधायक किस पार्टी के ??
कभी निष्पक्ष होकर इस पर भी पोस्ट करनी चाहिए
महिमामंडन के साथ साथ आलोचना आवश्यक है
👍👍
@Kapil_Jyani_ आजकल आप कुछ ज्यादा ही महिमामंडन करने में लगे हो
पार्टी जॉइन कर ली है शायद
पहले तो इस तरह एकतरफा कभी नहीं
हाल के दिनों में कुछ ज्यादा ही 😔