#EWS_सरलीकरण EWS सरलीकरण यात्रा हम सभी की साझा लड़ाई है।
इस अभियान को मजबूती देने और अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने के लिए आप सभी की सहभागिता बेहद जरूरी है।
#आइए, एकजुट✊ होकर इस जनआंदोलन का हिस्सा बनें और अपने अधिकारों की लड़ाई को नई ताकत दें।
#EWS_सरलीकरण
रात्रि में संसदीय क्षेत्र के बालोतरा स्थित द जूरी रिसोर्ट में श्री प्रवीण जी ढेलारिया एवं परिवारजनों द्वारा आयोजित ‘द रॉयल नवरात्रि गरबा’ महोत्सव में सम्मिलित होकर उपस्थित जनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की।
नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति और सामाजिक सौहार्द को सुदृढ़ करने के साथ ही समाज में उत्साह एवं उल्लास का संचार करते हैं।
इस भव्य एवं मंगलमय आयोजन के लिए श्री प्रवीण जी ढेलारिया एवं समस्त परिवारजनों को साधुवाद।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी के नेतृत्व में गठित 'आजाद हिंद फौज' ने भारत की स्वाधीनता के संकल्प को नई दृढ़ता प्रदान कर राष्ट्र के लिए त्याग, साहस एवं समर्पण की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की थी।
आजाद हिंद फौज के स्थापना दिवस पर माँ भारती की स्वतंत्रता हेतु संघर्ष करने वाले सभी वीर सेनानियों के अदम्य साहस और राष्ट्रनिष्ठा को कोटि-कोटि नमन।
उनका गौरवशाली योगदान राष्ट्र के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।
जय हिंद 🇮🇳
रात्रि में संसदीय क्षेत्र के बालोतरा स्थित किंग्स विला रिसोर्ट में आयोजित ‘रास रंगत डांडिया नाइट’ कार्यक्रम में सम्मिलित होकर उपस्थित जनों को इस भव्य एवं सांस्कृतिक आयोजन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की।
हमारी संस्कृति, परंपरा और लोक उत्सवों की यह रंगत समाज में उमंग, उल्लास एवं आपसी सौहार्द की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करती है।
इस भव्य आयोजन हेतु आयोजको को साधुवाद!
देश में शांति, सद्भाव और देशवासियों की सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले पुलिस के वीर जवानों को ‘पुलिस स्मृति दिवस’ पर कोटिशः नमन।
आपका साहस, समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
विजयादशमी के पावन अवसर पर आज बाड़मेर में आयोजित ‘पथ प्रेरणा यात्रा’ कार्यक्रम में शामिल होकर परम पूज्य संत-महात्माओं का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।
हमारी सनातन संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और समृद्ध विरासत का प्रतीक यह यात्रा धर्म, सत्य, साहस एवं राष्ट्रभक्ति के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को सशक्त करने के साथ समाज में संस्कार, समरसता और सद्भाव की भावना को भी प्रगाढ़ करते हैं।
धर्म की विजय, संस्कारों का गौरव और संस्कृति का संरक्षण ही हमारी सच्ची पहचान है।