SAMDISH SHOWS HOW POLICE BRUTALITY CRUSHED DISSENT 🚨
Students came to Jantar Mantar asking questions on education, paper leaks and accountability. What followed was pure police brutality.
A woman was beaten by male officers. Students were pushed, chased and hit. Samdish himself took lathis while recording what was happening.
Even after being hit, he kept saying: this is not about media privilege. No citizen should be beaten like this in their own city.
This was the state crushing dissent in full public view.
Jantar Mantar became the place where students asked for dialogue and power answered with lathis.
Message from Sonam :
20th JULY
आज़ादी का दूसरा आन्दोलन
भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत
Freedom from injustice (Like paper leaks)
Freedom from Fear (my illegal detention)
India’s 2nd FREEDOM MOVEMENT
March to the Parliament
Please make it a big success
Sent through Gitanjali
from my illegal detention at Safdarjung
जो सोनम वांगचुक सर को ले जाने से रोकने की कोशिश कर रहा था उसको इन्होंने मारा पीटा,
आप मुझे देख सकते है।
: प्रदर्शनकारी छात्र
क्या ये तानाशाही नहीं है??🤔
छुट्टी का अर्थ क्या है?
विदेश यात्राएँ भी, मंदिर दर्शन भी, लक्षद्वीप के समुद्र तट भी देखे गए, समुद्र के भीतर की तस्वीरें भी आईं।
अगर विदेश यात्रा, धार्मिक यात्रा, समुद्र तट पर जाना, प्रकृति के बीच समय बिताना, अच्छा भोजन करना और आराम करना भी छुट्टी नहीं है,
तो फिर मुझे लगता है इस देश में कोई भी छुट्टी नहीं ले रहा।
हर आदमी काम ही कर रहा है - कोई मनाली में काम कर रहा है, कोई गोवा में, कोई परिवार के साथ, कोई दोस्तों के साथ।
2014 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हुए। असली बहस यह है कि इन दौरों से भारत को कितना निवेश मिला, कितने रोजगार बने और व्यापार हितों को कितना लाभ हुआ?
देश का आम आदमी नहीं देखता कि नेता ने कितने घंटे काम किया, वह देखता है कि उसके जीवन में क्या बदला।
जिस युवा का पेपर लीक हो गया, जिस किसान को फसल का दाम नहीं मिला, जिस मरीज को अस्पताल में बेड नहीं मिला, जिस परिवार की नौकरी चली गई - उसे 18 घंटे और 20 घंटे के से क्या फर्क पड़ता है?
18 घंटे काम करने का काम का परिणाम क्या निकला? शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, न्याय और नागरिक सुरक्षा के मोर्चे पर देश कहाँ पहुँचा।
युवा पूछ रहा है कि डिग्री के बाद नौकरी कब मिलेगी?
आम आदमी भी अपनी नौकरी में भी 12-14 घंटे खटता है, मजदूर धूप में पूरा दिन काम करता है, किसान बिना रविवार के खेत में उतरता है।
सवाल यह नहीं कि किसने कितने घंटे काम किया। सवाल यह है कि उस काम का परिणाम क्या निकला।
अगर काम का पैमाना सिर्फ घंटे हैं, तो इस देश का सबसे बड़ा कर्मयोगी शायद वह मजदूर है जो रोज़ दो वक्त की रोटी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देता है।
@arvindchotia तुम खुद सरकार की चाटने वाले हो तो रहने दो कोई विरोध करार रहा है ये अच्छी बात है
सरकार आज रेपिस्टों को बाहर निकाल रही है तब तुम जैसे लोग चुप चाप देखते हो
विश्वगुरु के देश में गुरुओं की पीठ पर लाठी चटकाई जा रही है। मर्दानगी सिखाई जा रही है,बस एक परीक्षा ढंग से नहीं कराई जा रही है। धिक्कार है ऐसी मर्दानगी पर!!
#SSC_System_Sudharo#SSCReforms#SSCVendorFailure
#RAS_MAINS का जल्दी करना ओर पिछली #भर्ती का #result न देना कही पिछली भर्ती की कोई दांधली को छिपाने का काम तो नहीं
ओर फिर आज #RAS भर्ती मैं एक रूम एक विद्यार्थी
#rajasthan