निवेदन है 🙏500 वर्षो बाद यह मंगल दिन आया है, इसलिए एक बार फिर प्रभु श्री राम के स्वागत में हर घर श्री राम दीप जलाकर प्रभु का स्वागत कीजिए 🚩🪔🪔
🙏रमो विघ्नहर्त:🚩
🙏जय जय श्री राम🔱
#बजरंग_दल_अवध_प्रांत🚩 #राम_मंदिर#SKSSNational
सुमन बृष्टि नभ संकुल भवन चले सुखकंद।
चढ़ी अटारिन्ह देखहिं नगर नारि नर बृंद॥🚩
आप व आपके समस्त परिवार को भगवान प्रभु श्री राम मंदिर निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा शुभारंभ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 🚩🔱🙏💐
#राममंदिर@BajrangDalOrg@VHPDigital#VivekSinghSomvanshi
श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान जारी, पांचवें दिन हो रही वास्तु पूजा
अयोध्या, 20 जनवरी । श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान आज पांचवें दिन सुबह नौ बजे से जारी है। आज का पूजा अनुष्ठान शाम तक चलेगा। प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान 16 जनवरी को दोपहर बाद सरयू नदी से प्रारम्भ हुआ था और 17 जनवरी को श्रीरामलला की मूर्ति का मंदिर परिसर में आगमन हुआ था।
प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में श्रीरामलला के विग्रह के अधिवास के साथ आज मुख्यतः वास्तु पूजा चल रही है। इस पूजा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तरफ से अनिल मिश्र सपरिवार और विश्व हिन्दू परिषद के कार्याध्यक्ष आलोक जी एवं अन्य लोग पूजा कर रहे हैं।
प्राण प्रतिष्ठा के लिए श्रीरामलला की मुख्य प्रतिमा गर्भ गृह में विराजमान है और विविध अधिवास में है। आज श्रीरामलला के विग्रह को पहले शर्करा अधिवास और फलाधिवास में रखा गया। इसके बाद 81 कलशों में एकत्रित विविध औषधियुक्त जल से स्नान कराया गया। फिर विग्रह को पुष्पाधिवास में रखकर आज की अधिवास प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कल 21 जनवरी को भी विग्रह के अधिवास की प्रक्रिया जारी रहेगी।
श्रीरामलला का पुराना विग्रह अभी पूर्ववत् विद्यमान है। उचित समय पर उसे पूरे धार्मिक विधि विधान के साथ मंदिर में विराजमान किया जाएगा।
#RamMandirPranPrathistha
आज भोपाल में पांच वंदे भारत ट्रेनों को एक साथ शुरू करने का सौभाग्य मिला। यह दिखाता है कि देशभर में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के तेज विकास को लेकर हमारी सरकार कितनी प्रतिबद्ध है।
मेरे देश वासियो!
...अगर आपको अपने परिवार के बच्चों का भला करना है तो आप वोट भाजपा को दीजिए: आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी
#MeraBoothSabseMazboot
"हमारी कहानी एक उठती हुई कौम की उमंग है, मानवता का एक शान्त किन्तु अर्थपूर्ण जलजला है।"
पूज्य श्री तनसिंह जी (एक स्वयंसेवक को लिखे पत्र से साभार)
#TanSinghJi#ShriKYS
कांवड़ यात्रा मार्ग पर कहीं भी खुले में मांस आदि की खरीद-बिक्री न हो। यात्रा मार्ग पर स्वच्छता-सैनिटाइजेशन की व्यवस्था रहे। स्ट्रीट लाइट की सुविधा हो।
गर्मी तेज है, ऐसे में मार्ग में पीने के पानी की व्यवस्था भी कराई जाए। जहां खाद्य शिविर लगें, वहां खाद्य सामग्री गुणवत्ता की टीम जांच जरूर करे: #UPCM @myogiadityanath
आर्यभट ने शून्य की खोज की तो रामायण में रावण के दस सिर की गणना कैसे की गयी...?
कुछ लोग हिंदू धर्म व "रामायण" "महाभारत" "गीता" को काल्पनिक दिखाने के लिए यह प्रश्न करते है कि जब आर्यभट ने लगभग 6 वीं शताब्दी मे (शून्य/जीरो) की खोज की तो आर्यभट की खोज से लगभग 5000 हजार वर्ष पहले रामायण मे रावण के 10 सिर की गिनती कैसे की गई। और महाभारत मे कौरवो की 100 की संख्या की गिनीती कैसे की गई। जबकि उस समय लोग (जीरो) को जानते ही नही थे, तो लोगो ने गिनती को कैसे गिना!
आईये जानते हैं इसके पीछे का सत्य 👇
आर्यभट से पहले संसार 0(शुन्य) को नही जानता था। आर्यभट ने ही (शुन्य / जीरो) की खोज की, यह एक सत्य है। लेकिन आर्यभट ने "0(जीरो) की खोज 'अंको मे' की थी, 'शब्दों' में खोज नहीं की थी, उससे पहले 0 (अंक को) शब्दो मे शुन्य कहा जाता था। उस समय मे भी हिन्दू धर्म ग्रंथो मे जैसे शिव पुराण, स्कन्द पुराण आदि मे आकाश को "शुन्य" कहा गया है। यहाँ पे "शुन्य" का मतलब अनंत से होता है। लेकिन रामायण व महाभारत काल मे गिनती अंको मे न होकर शब्दो मे होता थी और वह भी "संस्कृत" मे।
उस समय "1,2,3,4,5,6,7,8, 9,10" अंक के स्थान पे 'शब्दो' का प्रयोग होता था वह भी 'संस्कृत' के शव्दो का प्रयोग होता था।
जैसे:1 = प्रथम 2 = द्वितीय 3 = तृतीय" 4 = चतुर्थ 5 = पंचम"" 6 = षष्टं" 7 = सप्तम"" 8 = अष्टम, 9 = नवंम"" 10 = दशम। "दशम = दस" यानी दशम मे "दस" तो आ गया,
लेकिन अंक का 0 (जीरो/शुन्य) नही आया, रावण को दशानन कहा जाता है। 'दशानन मतलब दश+आनन = दश सिर वाला' अब देखो रावण के दस सिर की गिनती तो हो गई। लेकिन अंको का 0 (जीरो) नही आया।
इसी प्रकार महाभारत काल मे "संस्कृत" शब्द मे "कौरवो" की सौ की संख्या को "शत-शतम" बताया गया। 'शत्' एक संस्कृत का "शब्द है, जिसका हिन्दी मे अर्थ सौ (100) होता है। सौ(100) को संस्कृत मे शत् कहते है। शत = सौ इस प्रकार महाभारत काल मे कौरवो की संख्या गिनने मे सौ हो गई। लेकिन इस गिनती मे भी "अंक का 00(डबल जीरो)" नही आया,और गिनती भी पूरी हो गई। महाभारत धर्मग्रंथ में कौरव की संख्या शत बताया गया है।
रोमन में भी 1-2-3-4-5-6-7-8-9-10 की जगह पे (¡), (¡¡), (¡¡¡) पाँच को V कहा जाता है। दस को x कहा जाता है। X= दस इस रोमन x मे अंक का (जीरो/0) नही आया। और हम" दश पढ़ "भी लिए और" गिनती पूरी हो गई! इस प्रकार रोमन word मे "कही 0 (जीरो) "नही आता है। और आप भी" रोमन मे" एक से लेकर "सौ की गिनती "पढ लिख सकते है। आपको 0 या 00 लिखने की जरूरत भी नही पड़ती है। पहले के जमाने मे गिनती को शब्दो मे लिखा जाता था। उस समय अंको का ज्ञान नही था। जैसे गीता, रामायण मे 1"2"3"4"5"6 या बाकी पाठो को इस प्रकार पढा जाता है। जैसे (प्रथम अध्याय, द्वितीय अध्याय, पंचम अध्याय,दशम अध्याय... आदि!) इनके दशम अध्याय ' मतलब दशवा पाठ (10 lesson) होता है। दशम अध्याय= दसवा पाठ इसमे 'दश' शब्द तो आ गया। लेकिन इस दश मे 'अंको का 0' (जीरो)" का प्रयोग नही हुआ। बिना 0 आए पाठो (lesson) की गिनती दश हो गई।
हिंदु विरोधी और नास्तिक लोग सिर्फ अपने गलत कुतर्क द्वारा हिंदू धर्म व हिन्दू धर्मग्रंथो को काल्पनिक साबित करना चाहते है।
जिससे हिंदुओं के मन मे हिंदू धर्म के प्रति नफरत भरकर और हिन्दू धर्म को काल्पनिक साबित करके, हिंदू समाज को अन्य धर्मों में परिवर्तित किया जाए। लेकिन आज का हिंदू समाज अपने धार्मिक शिक्षा को ग्रहण ना करने के कारण इन लोगो के झुठ को सही मान बैठता है। यह हमारे धर्म व संस्कृत के लिए हानि कारक है। अपनी सभ्यता पहचानें, गर्व करें की "हम सनातनी हैं", "हम हिंदू है।
सत्य सनातन धर्म की जय 🚩 जय श्री राम 🙏
जय श्री हनुमान 🙏 जय सनातन संस्कृति
ओडिशा के बालासोर में ट्रेन दुर्घटना में घायल लोगों के बचाव हेतु अभाविप कार्यकर्ता निरंतर प्रशासन का यथासंभव सहयोग कर रहे हैं। रक्तदान, भोजन, पानी सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाने हेतु अभाविप कार्यकर्ता दुर्घटना के बाद से ही सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।