एमपी की रॉय सेना जेल में बंद अपराधी नीलेश ने जेलर पर मिर्च पाउडर डालकर मारी गोली भगाने के प्रयास में लेकिन वो कामयाब नहीं हो पाया यहाँ सोचने वाली बात है जेल में हथियार कैसे पहुंचा वीडियो 9 दिन पुराना है वायरल अब हुआ है
Heavy Metal Forging Industry में एक अंधेरे कोने में लोहे का वह चौकोर ब्लॉक अपनी सख्त किस्मत पर इठला रहा था...
उसे लगा था, कि उसकी कठोरता को कोई तोड़ नहीं पाएगा..
तभी भट्टी के दरवाज़े खुले और 1,000° C की आग ने उसे अपनी लपटों में समेट लिया
जब वह दहकता हुआ बाहर निकला, तो उसका अहंकार पिघल चुका था और वह लाल-तप्त होकर थरथरा रहा था... जैसे किसी इंसान का अहंकार चूर चूर होता है
इससे पहले कि वह संभल पाता, ऊपर से भारी पॉवर हैमर (Power Hammer) की पहली चोट पड़ी
धड़ाम! लोहे के शरीर से चिंगारियां छिटककर दूर जा गिरीं.. एक के बाद एक भीषण प्रहार होते रहे
कभी उसकी पीठ चपटी की जाती, तो कभी उसे गोल घुमाकर दबाया जाता..
वह आकार बदलने लगा.. चौकोर से गोल, और गोल से एक सुडौल चक्र... हर चोट के साथ उसकी पुरानी पहचान मिट रही थी
जब आखिरी पंच पड़ा और उसके बीचों-बीच एक सटीक छेद बना, तो वह एक बेढंग टुकड़े से बदलकर एक बेहद मजबूत, चमकदार रिंग ब्लैंक (Ring Blank) बन चुका था... जैसे इंसान सुधरने के शांत और संयमित होता है
ठंडा होने के बाद जब उसे एक विशाल मशीन के मुख्य हिस्से में फिट किया गया, तब उस लोहे को समझ आया... हथौड़ों की वह मार उसे तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि दुनिया चलाने लायक मज़बूत बनाने के लिए थी
इस कहानी से आपने क्या सीख ली!?