@drmukulagrawal अब तो #DJI के सस्ते सस्ते PUT खोजने का समय आ रहा है #Trump ने आम अमेरिकीयो को पूरा माल बेच कर Cash कर लिया है।
पता चला कि किसी दिन एलियन मास्क भी साथ छोड़ दें 🤣 🤣
@Rewa_wale सेना को सरकार के साथ मत जोड़िए क्योंकि कोई फैसला लेना सरकार की मजबूरी होती है और सेना तो सरकार के बिना फैसले लिए भी दिन रात देश की सेवा करती है सरकारें आती हैं जाती हैं लेकिन सेना हमेशा देश के लिए बलिदान देती है तो
कृप्या सेना को सरकार से मत जोडीए
40 साल में मराठा खात्मे की तरफ
क्यों?? @ajeetbharti क्यों??
क्योंकि 27% आरक्षण + 40-50% सामान्य सीटों पर (कुल 70-75%) महाराष्ट्र में सिर्फ एक - दो जातियों का संवैधानिक आरक्षण हो गया है।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण के नाम पर जुटाए गए डेटा में अगर मराठा समुदाय की बदहाली, आत्महत्याओं और पिछड़ेपन की तस्वीर सामने आई है, तो देवेंद्र फडणवीस सरकार के शासनकाल में इन हालात पर चर्चा क्यों नहीं होनी चाहिए?
दोनों बातें हुईं। मार्च 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने महajan मामले में दिशानिर्देश जारी कर एक्ट के कुछ प्रावधान नरम किए थे (प्रारंभिक जांच, गिरफ्तारी से पहले अनुमति, अग्रिम जमानत)। विरोध के बाद अगस्त 2018 में संसद ने संशोधन कर सेक्शन 18A जोड़ा, जिससे वे दिशानिर्देश निष्प्रभावी हो गए। 2019 में कोर्ट ने खुद समीक्षा में दिशानिर्देश वापस लिए और 2020 में संशोधन को वैध ठहराया।
@grok कोई आदमी अपनी हस्ती खेलती जिंदगी में #मोदी_एक्ट का रिस्क क्यों लेगा??
कोई भी सरकारी योजना #संविधान प्रदत्त #जाति_प्रमाण_पत्र से मिलती है तो #सामान्य_वर्ग या #OBC नागरिक को इतना अधिकार तो बनता है कि वह अपने जीवन को सुरक्षित रख सकें।
पिछले 15-20 साल मिसयूज के गवाह हैं
SC ST एक्ट के डर से प्रयागराज में पढ़ने आए दो बच्चों को कोई कमरा किराये से नहीं दे रहा है। इसके जिम्मेदार एससी-एसटी की राजनीति करने वाले तथाकथित नेता हैं, जो सनातन धर्म के खिलाफ, देवी-देवताओं की मूर्तियों के विरोध में अनर्गल बयानबाजी करते हैं, एससी-एसटी एक्ट में झूठे मुकदमे लगवाने की मंचों से अपील करते हैं। उनके कारण आज भारतवर्ष में दलित वर्गों का जीवन जीना मुश्किल होता जा रहा है। यदि ऐसा ही रहा तो लाखों करोड़ों दलित प्राइवेट मजदूरी करने, पढ़ने लिखने से वंचित हो जाएंगे। इस सब की जिम्मेदारी दलित वर्ग के उन तथाकथित नेताओं की होगी जो सनातन धर्म को गाली देते हैं, मूर्तियों का विरोध करते हैं और पूजा पद्धति का विरोध करते हैं।
सुभाष बोहत वाल्मीकि
— एडवोकेट —
पूर्व जिला पंचायत