है एक बात जो मौज़ू-ए-गुफ़्तुगू बनती...
मिले जो आप तो कम-बख़्त याद ही न रही..
~ रज़ा नक़वी वाही
Thanks @Rekhta for the correct Sher. ☺ https://t.co/ik6ASqAiAr
साहब कौन सा बिहार में काम का शेर बना रखा है बिहार भी बहुत ज्यादा कागजी शेर है कभी अपने घर से निकल कर गांव में भी आकर देखो क्या दुःख है😈 https://t.co/JwCOgD6rVp