मुझे मेरे मुड़ का पता नही बेवजह खराब हो जाता हैं आजकल झक्की टाइप हो गया हूं जब भी शब्दों के माध्यम से अपने तकलीफों को बयां करने की कोशिस करता हूँ फिर कोई न कोई उसका मजाक बना के कचरा कर देता है कभी कभी तो मै खुद को अवसाद में घिरा सा महसूस करता हु!
सच में बेकार हो गया हूं मैं!!😑