গোমাতা কি সত্যিই মাতা?
নাকি তিনি শুধু নির্বাচনের সময় ব্যবহৃত একটি রাজনৈতিক প্রতীক?
যদি মাতা হন, তবে ক্ষুধার্ত গরুগুলো রাস্তায় কেন?
যদি মাতা হন, তবে তাদের চিকিৎসা, আশ্রয় আর সুরক্ষার দায়িত্ব কে নেবে?
ভক্তি আর রাজনীতির মধ্যে পার্থক্য আছে।
युवा जो 3 साल से बेरोजगारी की मार झेल रहा था, उसे 'Mega Job Fair' में नौकरी का 'Offer Letter' मिला। 🥳
ये सब युवा कांग्रेस की मुहिम से मुमकिन हो पाया है।
'Mega Job Fair' में न सिर्फ लोगों को उनकी काबिलियत का अच्छा नतीजा मिला, बल्कि एक नया उद्देश्य भी हासिल हुआ।
📍 दिल्ली
राहुल गांधी जी के जन्मदिन के अवसर पर यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित “Mega Job Fair” में शामिल हुआ और अभ्यर्थियों से मुलाकात की। यह अत्यंत सकारात्मक पहल है कि यूथ कांग्रेस के प्रयासों से 35,000 से अधिक युवाओं ने इस फेयर में आवेदन किया। भाजपा को इससे सबक लेना चाहिए कि बेरोजगारी कितनी चरम पर है।
युवाओं को सशक्त करने की जो पहल राहुल जी ने शुरू की है, उसे यूथ कांग्रेस आगे बढ़ा रही है। इसके लिए मैं यूथ कांग्रेस अध्यक्ष @UdayBhanuIYC जी और उनकी टीम को इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ और बधाई देता हूँ।
@RahulGandhi@IYC
IYC Mega Job Fair की ये तस्वीरें अब हमेशा के लिए इतिहास का हिस्सा हैं ❤️
जिस काम की जिम्मेदारी 12 साल से सत्ता में बैठी भाजपा की थी, उसे आज राहुल गांधी जी के बब्बर शेरों ने निभाकर दिखाया।
राहुल गांधी जी के जन्मदिन पर देश के कोने-कोने से हजारों युवा तालकटोरा स्टेडियम पहुंचे और कई हजार युवाओं को मौके पर ही Offer Letters मिले।
170 से अधिक कंपनियों के HRs और प्रतिनिधियों का आभार, जिन्होंने इस पहल को सफल बनाया।
जिन युवाओं को आज अवसर नहीं मिल सका, उनसे हमारा वादा है, हम सिर्फ Jobs की लड़ाई नहीं लड़ेंगे, बल्कि Jobs, Justice और Accountability की लड़ाई भी पूरी ताकत से लड़ते रहेंगे।
Happy Birthday, Rahul Gandhi ji.
Warm birthday wishes to Shri @RahulGandhi.
Your unbridled dedication to the ideals of the Constitution and your uncompromising fight for the unheard voices have inspired millions.
The Congress party’s tradition of inclusiveness, social justice, harmony and compassion finds expression in your public life and leadership. Through your tireless engagement with people and your courage in speaking truth to power, you have consistently championed the cause of the most vulnerable and marginalised.
May you be blessed with good health, happiness, strength and a long life in service of the nation.
"हज़ारों बर्क़ गिरती हैं, कोई बिजली नहीं डरती,
सितम की रात से जो कौम लड़ती है वो लड़ती है!"
जब से मैंने राहुल जी को देखा है, उन्होंने संघर्ष का यही फ़लसफ़ा अपनाया है।
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।
कोटा, आप कमाल थे।
यकीन मानिए, कल हमने मिलकर इतिहास की शुरुआत की।
हज़ारों छात्र मैदान में थे, लाखों लोगों ने ऑनलाइन देखा - और देश को पहली बार खुलकर पता चला कि शिक्षा के नाम पर कितनी बड़ी वसूली चल रही है।
लेकिन यह तो सिर्फ़ शुरुआत है। कोटा में जो लौ जली है, उसे अब पूरे देश में बदलाव की मशाल बनाना है। और इस सफ़र में आपकी जगह तय है।
अपने सुझाव भेजिए। Petition पर अभी Sign कीजिए।
#ChhatronKiGoonj
आज के समय में चरखा इसलिए भी बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि जिस तरह पूरे देश में झूठ और कपट का माहौल फैलाया जा रहा है, उसके खिलाफ अपनी असहमति दर्ज करने और सच को सामने रखने का यह एक शांतिपूर्ण और प्रभावी प्रतीक है।
अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए, शांतिपूर्वक अपने विचार रखना और विरोध दर्ज करना ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
IYC अध्यक्ष @UdayBhanuIYC जी
📍 IYC मुख्यालय, नई दिल्ली
#CharakhaSatyagraha
Chhatron Ki Goonj
Put this poster on your Twitter handles, WhatsApp status and insta story!
Let us all come together to protect the future of students! ✊🏻🇮🇳
#ChhatronKiGoonj
देखिए ये भीड़...🚨
बिहार पुलिस परीक्षा देने जा रहे छात्रों की है। हजारों अभ्यर्थी स्टेशन पर जुटे हैं। इतनी भारी भीड़ में अगर व्यवस्था कमजोर पड़े तो अव्यवस्था होना तय है।
🎵 Pehle NEET, phir CBSE...
INDIAN YOUTH COCKROACHES demand the RESIGNATION of LEAK PRADHAN NOW ‼️
Sign the petition to Sack Pradhan: https://t.co/NpcsreIotc
I urge all non-corrupt MLAs, MPs of TMC to stay with your former CM, @MamataOfficial, instead of strengthening the hands of Modi and Shah.
Bengali voters will never forgive those who switch sides for convenience. Ur reputation & political legacy will be damaged, mark my words.
रील मंत्री जी,
UP Police Constable Exam देने जा रहे युवाओं के लिए स्पेशल ट्रेनों का दावा तो कर दिया गया था।
अब ज़रा इस तस्वीर पर भी एक रील बना दीजिए। जब युवा ट्रेन की खिड़कियों से घुसने को मजबूर हैं, तो आखिर व्यवस्था कहाँ है?
दावों में या सिर्फ़ रीलों में?