Happy Birthday Jannayak Rahul Gandhi ❤️🔥
For millions of young Indians, Jannayak Rahul Gandhi Ji represents hope, courage and the unwavering fight for equality, opportunity and justice. ✊🏻❤️🇮🇳
श्री अकाल तख्त साहिब ने भगवंत मान को 'गुरु-द्रोही' और 'पंथ विरोधी' घोषित किया है।
ये गंभीर फैसला कथित वीडियो की फॉरेंसिक जांच के बाद लिया गया है, जिसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब ने सिख संगत से कहा है कि वे भगवंत मान से कोई संबंध न रखें।
इस फैसले के बाद भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।
श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और सिख भावनाओं का सम्मान करते हुए, भगवंत मान को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
ಶ್ರೀ ಬಿ.ಕೆ. ಹರಿಪ್ರಸಾದ್ ಅವರ ಕೆಪಿಸಿಸಿ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾಗಿ ಪದಗ್ರಹಣ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ಸಿದ್ಧತೆಗಳ ಕುರಿತು ಇಂದು ಇಂದಿರಾ ಗಾಂಧಿ ಭವನದಲ್ಲಿ ನಡೆದ ಸಭೆಯಲ್ಲಿ ಭಾಗವಹಿಸಿದೆ.
ಪಕ್ಷದ ಮುಖಂಡರೊಂದಿಗೆ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ರೂಪುರೇಷೆ ಹಾಗೂ ಅಗತ್ಯ ವ್ಯವಸ್ಥೆಗಳ ಬಗ್ಗೆ ಚರ್ಚಿಸಲಾಯಿತು.
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj
महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला।
पेट्रोल-डीज़ल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं - ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे।
मैं महीनों से आर्थिक तूफान आने की बात कह रहा था। पर मोदी जी तब हमेशा की तरह चुनाव में व्यस्त थे - और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल ₹8 महंगा कर दिया।
और, ये बढ़त होती ही जाएगी।
महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है - चुनाव में वादे, और बाक़ी समय जनता की जेब पर वार।
मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया।
दशकों में पहली बार CBSE बोर्ड परीक्षा पर इतने गंभीर सवाल उठे हैं। 18.5 लाख बच्चों ने परीक्षा दी - और एक हफ़्ते से OSM, ग़लत मार्किंग और जाँच की गड़बड़ी की शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं और शिक्षा मंत्री अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं।
एक 17 साल का बच्चा, जिसकी कॉपी ग़लत जाँची गई, न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया।
मगर, उसे मदद नहीं, गालियाँ मिलीं - BJP के IT cell ने उसे “Anti-National” कहा, “Soros का एजेंट” कहा, “Deep State” का हिस्सा कहा।
एक 17 साल का बच्चा अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठाता है और यह BJP उसे देशद्रोही बना देती है।
सच यह है - मोदी सरकार युवाओं और Gen Z से डरती है, क्योंकि वो अब सवाल पूछ रहे हैं। और जो सवाल पूछे, उसे यह सरकार बदनाम करती है, डराती है, कुचलती है।
पर सुन लीजिए, मोदी जी - यही युवा, यही Gen-Z आपका अहंकार तोड़ेगा।
हिंदुस्तान में फैली लालच और लापरवाही की महामारी आज फिर एक युवा की जान ले गई।
एक बेटा, एक सपना, माँ-बाप की पूरी दुनिया - सब कुछ एक झटके में उजाड़ दिया गया।
यह हादसा नहीं, हत्या है - और हत्यारी है जवाबदेही से भागती सत्ता।
असली क़ातिल सड़क नहीं, गैरज़िम्मेदार सत्ता है।
क्योंकि यहां
न इस्तीफ़ा होता है,
न सज़ा मिलती है,
न किसी की अंतरात्मा जागती है।
इंदौर का जहरीला पानी
नोएडा में युवराज की जान लेने वाली सड़क
गिरते पुल, टकराती ट्रेनें, दम घोंटता प्रदूषण...
#TINA - There Is No Accountability
और जब तक जवाबदेही नहीं होगी,
तब तक कोई न कोई लालच की महामारी का अगला शिकार बनता रहेगा।
मध्य प्रदेश का 'जंगलराज'
ये BJP नेता संतोष पाठक है, जो एक महिला को बीच सड़क पर बुरी तरह से पीट रहा है।
एक तरफ नरेंद्र मोदी चुनावी मंच से महिला सम्मान का ढोंग करते हैं, दूसरी तरफ BJP नेता महिला सम्मान की धज्जियां उड़ाते हैं।
लेकिन ये पहली बार नहीं है। लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जिनमें BJP नेता सत्ता के नशे में महिलाओं पर अत्याचार करते दिखते हैं।
यही BJP का असली 'चाल-चरित्र-चेहरा' है।
अब सवाल है 👇
⦿ क्या BJP सरकार संतोष पाठक के खिलाफ कार्रवाई करेगी ❓
LoP Shri @RahulGandhi had an engaging interaction with the high-spirited Gen Z NRI students from the UAE.
They discussed balancing work and passion, the freedom to think, express and explore, and dealing with everyday socio-psychological issues that the youth today faces.
📍 Delhi
इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा।
घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं - और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया।
लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की - फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई?
सीवर पीने के पानी में कैसे मिला?
समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई?
जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?
ये ‘फोकट’ सवाल नहीं - ये जवाबदेही की मांग है। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। और इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह ज़िम्मेदार है।
मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है - कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।
पंकज मोदी, प्रधानमंत्री मोदी के भाई हैं और उनका नाम हमें इसलिए लेना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें Tableau फाइनल करने के लिए नियुक्त किया गया था। सर्कुलर में उन्हें क्या सुविधाएं मिलेगी, इस बारे में सारी जानकारी दी गई थी।
• प्रधानमंत्री के परिवार से आने वाला व्यक्ति अगर किसी काम में एक्सपर्ट है तो हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इस मामले में पंकज मोदी एक्सपर्ट नहीं हैं।
• पंकज मोदी ने Information Department में साल 1981 में क्लास 3 की पोस्ट पर ज्वाइन किया था और उनके साथ का कोई भी अधिकारी क्लास 1 का अधिकारी नहीं बन पाया।
• यहां तक कि कई सीनियर अधिकारी, जो ST कैटेगरी से आते थे, वे भी क्लास 1 के अधिकारी नहीं बन पाए। मगर पंकज मोदी क्लास 1 के अधिकारी बन गए।
• इस पूरे मामले में सारा मसला अनुभव का था, जिसमें पंकज मोदी को बिना अनुभव क्लास 2 से क्लास 1 पर प्रमोशन दे दिया गया।
• रिटायरमेंट के बाद पंकज मोदी को कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड रि-अपॉइंटमेंट दिया गया और वर्षों तक उस पद को नहीं भरा गया, आखिर में जब विरोध हुआ, अधिकारी हाईकोर्ट जाने की बात कहने लगे तो पंकज मोदी ने यह पद छोड़ा।
• पंकज मोदी ने जब रि-अपॉइंटमेंट का पद छोड़ा तो भारत सरकार ने उन्हें Tableau Expert बना दिया और अब तमाम सुविधाएं दे रही है।
: @shaktisinhgohil जी
📍 दिल्ली
आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। नया साल आपके जीवन में ढेर सारी खुशियां, अच्छा स्वास्थ्य और सफलताएं लेकर आए।
Wishing everyone a very Happy New Year 2026!
मुंबई 26/11 के दुस्साहसी आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों और आम नागरिकों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।
भारत उनका साहस, त्याग और बलिदान कभी भूल नहीं पाएगा।
SIR के नाम पर देश भर में अफ़रा-तफ़री मचा रखी है - नतीजा? तीन हफ्तों में 16 BLO की जान चली गई। हार्ट अटैक, तनाव, आत्महत्या - SIR कोई सुधार नहीं, थोपा गया ज़ुल्म है।
ECI ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिसमें नागरिकों को खुद को तलाशने के लिए 22 साल पुरानी मतदाता सूची के हज़ारों स्कैन पन्ने पलटने पड़ें। मक़सद साफ़ है - सही मतदाता थककर हार जाए, और vote chori बिना रोक-टोक जारी रहे।
भारत दुनिया के लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर बनाता है, मगर भारत का चुनाव आयोग आज भी काग़ज़ों का जंगल खड़ा करने पर ही अड़ा है।
अगर नीयत साफ़ होती तो लिस्ट डिजिटल, सर्चेबल और मशीन-रीडेबल होती - और ECI 30 दिन की हड़बड़ी में अंधाधुंध काम ठेलने के बजाय उचित समय ले कर पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान देता।
SIR एक सोची-समझी चाल है - जहां नागरिकों को परेशान किया जा रहा है और BLOs की अनावश्यक दबाव से मौतों को “कॉलैटरल डैमेज” मान कर अनदेखा कर दिया है।
यह नाकामी नहीं, षड़यंत्र है - सत्ता की रक्षा में लोकतंत्र की बलि है।