2000 रुपए का नोट आज से ख़त्म
7 साल पहले PM मोदी यह नोट लाये, चला नहीं पाये. लेकिन इस महँगे तुग़लकी फ़रमान का बिल तो आपने अदा किया
▪️नोटबंदी के बाद 2000 रुपये के कुल नोट छापे: 370.11 करोड़
▪️प्रत्येक 2000 नोट छापने की क़ीमत: 3.77 रुपये प्रति नोट
▪️सारे 2000 नोट छापने की कुल क़ीमत: 1395.31 करोड़ रुपये
अब बस मोदी जी यह बता दें कि 1000 रुपये का नोट बंद करके 2000 का नोट चालू करने का सुझाव उन्हें किस महानुभाव ने दिया या ये उनके अपने अर्थशास्त्र के ज्ञान का नतीजा था?
पिछले तीन दिन राहुल जी को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (हरिमंदिर साहेब) में सेवा करते देख बहुत लोगों ने पूछा ये ऐसा क्यों कर रहे हैं? आख़िर क्यों वो जूठे बर्तन धो रहे हैं, जूतों का काम कर रहे हैं, लंगर परोस रहे हैं?
उनका उद्देश्य है सेवा।
सिख धर्म में सेवा का बहुत महत्व है। गुरु नानक ने सेवा करने की सीख दी। सेवा वाहेगुरु के प्रति समर्पण है, सेवा विनम्रता, करुणा एवं निस्वार्थ भाव से जीवन जीना है।
सेवा का अर्थ केवल सामान या चीज़ों से सहायता करना नहीं है; सेवा का मूल भाईचारा, सब में परमात्मा को देखना और दूसरे का भला करना है।
सेवा का उद्देश्य अपने अहंकार और स्वार्थ से ऊपर उठकर संपूर्ण मानवता के साथ समानता, निस्वार्थता और एकता की भावना पैदा करना है। सरबत दा भला - सभी के लिए आशीर्वाद - ही सेवा का सार है।
सत्ता से सवाल करने वालों पर दबिश! पत्रकारों के आसान सवालों से घबराहट. @SanjayAzadSln पर ED Raid! कल जिस तरह @MahuaMoitra को घसीटा गया. विपक्ष पर जुल्म! ये आपका डर है और कतई आपको युगपुरुष स्थापित नहीं कर रहा!
गांधी- नाम है सत्य का, सब्र का, दृढ़ता का, न्याय का, अहिंसा का, त्याग का, प्रेम का
गांधी व्यक्ति नहीं विचार हैं
अन्याय और शोषण के ख़िलाफ़ उठने वाली हर आवाज़ में गांधी हैं - निर्भीकता से संघर्ष करते हुए आत्मबल में गांधी हैं-
शांति की हर पहल में गांधी हैं
मानवता के महानायक 🙏
सत्यम् शिवम् सुंदरम्
एक हिंदू अपने अस्तित्व में समस्त चराचर को करुणा और गरिमा के साथ उदारतापूर्वक आत्मसात करता है, क्योंकि वह जानता है कि जीवनरूपी इस महासागर में हम सब डूब-उतर रहे हैं।
निर्बल की रक्षा का कर्तव्य ही उसका धर्म है।
किसान कांग्रेस के अध्यक्ष @SukhpalKhaira जी की गिरफ्तारी पंजाब सरकार की बदले के राजनीति का प्रमाण है
आम आदमी पार्टी की सरकार का यह कदम विपक्ष की आवाज़ को दबाने की कोशिश है. यह सर्वथा ग़लत है.
हम सब सुखपाल जी के साथ हैं
जो राहुल गांधी को चुनौती दे रहे हैं - हैदराबाद से चुनाव लड़ने की, उन्हें चुनौती है पहले तेलंगाना की सारी सीटों पर लड़ कर दिखायें 🤣🤣🤣
अपने राज्य में लड़ने की कूबत नहीं, बाहर लड़ कर किसकी मदद करते हैं वो सब जानते हैं!
पिछले 13 वर्षों से भारतीय स्त्रियां अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी का इंतजार कर रही हैं। अब उन्हें और इंतजार करने को कहा जा रहा है।
क्या भारत की स्त्रियों के साथ यह बर्ताव उचित है?
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मांग है कि ये बिल फौरन अमल में लाया जाए और इसके साथ ही जातिगत जनगणना करवाकर SC, ST और OBC महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए।
इस बिल को लागू करने में और देरी करना भारत की स्त्रियों के साथ घोर नाइंसाफी है।
मैं कांग्रेस की तरफ से मांग करती हूं कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023' को उसके रास्ते की सारी रुकावटों को दूर करते हुए जल्द लागू किया जाए।
: CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी
स्त्रियों को राजनैतिक भागीदारी के लिए परिसीमन और उसके पहले जनगणना का इंतज़ार मत कराइए - इसमें 9 साल तक लग जाएँगे
33% महिला आरक्षण तत्काल दीजिए
@RahulGandhi
50 सालों में सबसे कम हुई जनता की बचत,
मोदी सरकार में “अच्छे दिनों” की ऐसी लगी चपत !
महँगाई द्वारा महालूट, गिरती आमदनी व बढ़ती उधारी, इसका मुख्य कारण हैं।
मोदी सरकार ने न सिर्फ़ एक आम परिवार के घर का बजट बिगाड़ा है, घरेलू बचत कम होना भारत की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद हानिकारक है।
मोदी सरकार चाहे महिलाओं समेत, हर वर्ग के लिए जितने भी चुनावी स्टंट कर ले…
देश की जनता, भाजपा द्वारा प्रायोजित बेरोज़गारी, महँगाई, असमानता, मुनाफ़ाख़ोरी और जुमलों की झड़ी को नहीं भूलेगी।
2024 में ख़त्म होगा जनता को सताने का ये अध्याय,
जुड़ेगा भारत, जीतेगा INDIA — एक ही है उपाय !
कांग्रेस कार्यसमिति बैठक के आरंभ के पहले मेरे भाषण के कुछ अंश —
आज देश कई गंभीर आंतरिक चुनौतियों से जूझ रहा है।
• मणिपुर की दिल दहला देनेवाली घटनाओं को पूरी दुनिया ने देखा। 3 मई 2023 से वहां हिंसा आज भी जारी है। मणिपुर की आग को मोदी सरकार ने हरियाणा में नूँह (NUH) तक पहुंचने दिया। यहां हिंसा की वारदातें हुईं, जिस कारण राजस्थान, UP और दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव फैला।
• ये घटनाएं आधुनिक, प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष भारत की छवि पर धब्बा लगाती हैं। ऐसे हालात में सत्ताधारी दल, सांप्रदायिक संगठन और मीडिया का एक वर्ग, आग में घी डालने का काम करता है।
• देश का “सर्वधर्म समभाव” बिगाड़ता है। हमें मिलकर ऐसी ताक़तों को IDENTIFY करके बेनक़ाब करते रहना है।
• हमारी अर्थव्यवस्था आज गंभीर खतरे में है। महंगाई से गरीबों और आम लोगों के जीवन पर संकट है।
• पिछले 5 सालों में एक साधारण थाली की क़ीमत 65% बढ़ गयी है। 74% लोग पौष्टिक आहार से वंचित हैं। दाल की कीमत एक साल में 37% (सैंतीस) तक बढ गयी है।
• हमारी देश में 65% आबादी नौजवान हैं। रिकॉर्ड unemployment rate, उनके सपनों को लगातार रौंद रही है। युवाओं का भविष्य अँधकार में है।
• विचार करने की जरूरत है कि आज देश के top 1% सबसे अमीर लोगों के कब्जे में देश की 40% दौलत है, वहीं निचले 50% जनता के पास सिर्फ़ 3% दौलत है। सरकारी नीतियों के कारण अमीर और अमीर हो रहे हैं जब्की गरीब और गरीब हो रहा है। उन्के बीच की खाई लगातार और गहरी हो रही है।
• इससे सामाजिक असंतोष और तनाव पैदा हो रहा है। ऐसी दशा सामाजिक-आर्थिक तरक्की की रफ्तार पर ब्रेक लगाती है।
• केंद्र सरकार Data की हेराफ़ेरी कर रही है। 2021 का Census न कराने से 14 करोड़ लोग Food Security Act से और करीब 18% लोग मनरेगा से बाहर हो गये। मनरेगा की मजदूरी महीनों PENDING रहती है।
• हमारी मांग है कि 2021 Census की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाये। उसके साथ ही जातिगत जनगणना भी करायी जाए, ताकि समाज के ज़रूरतमंद तबके को Health, Education, Employment, Food Security समेत दूसरे हक मिल सकें।
• आजादी के बाद बनी देश की बहुमूल्य PSUs को मोदी सरकार चंद पूँजीपति मित्रों के हवाले कर रही है। उनके फ़ायदे के लिए नीतियां बदली जा रही हैं, उनके हक के कानून बन रहे हैं।
• पिछले दिनों PM के करीबी कारोबारी की कंपनियों में 20,000 हज़ार करोड़ रुपए का शेल कंपनियों द्वारा निवेश हुआ। इसका पर्दाफ़ाश होने पर भी मोदी सरकार जांच नहीं करा रही है। सारे बड़े घोटालों पर सरकार मौन है, परदा डाल रही है।
• राहुलजी की extended ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के तहत लद्दाख के स्थानीय नेताओं ने उनको बताया कि चीन भारतीय हिस्से पर कैसे कब्जा कर रहा है।
• लेकिन मोदी सरकार चीन को लगातार क्लीन-चिट देती जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति ऐसी लापरवाही बेहद निंदनीय है।
• पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भयावह प्राकृतिक त्रासदी आई। हमारी मांग है कि इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर केंद्र सरकार जरूरी मदद करे और पुनर्निर्माण में सहयोग दे।
• कई राज्य सूखे से जूझ रहें हैं। भारत सरकार अपने-पराये की राजनीति से हट कर किसानों-मजदूरों की मदद करे।
• जब भी विपक्षी दल इन बुनियादी मसलों को उठाते हैं तो सरकार जवाब देने की जगह नये नये हथकन्डे अपनाते हुए नए नारे देती है। “आत्मनिर्भर भारत”, ‘5 trillion economy’, ‘New India 2022’ और “अमृतकाल” नारा दिया गया।
• आजकल “3rd largest economy” का सपना सरकार बेच रही है। नारों से देश की तरक़्क़ी नहीं होगी।
• हमें जनता को समझाना होगा कि ये विफलताओं को छुपाने वाले नारे है। सरकार सोचती है कि event और advertisements पर करोड़ों रुपये ख़र्च कर हिमालय जैसी नाकामियों को वो छिपा लेगी।
• आप सबको पता है कि 18 सितंबर से मोदी सरकार ने 5 दिनों का संसद का विशेष सत्र बुलाया है।
• लंबे सस्पेंस के बाद चंद बातें एजेंडे के तौर पर आयी हैं, जिसमें प्रमुख है चुनाव आयोग पर सरकार का पूर्ण नियन्त्रण। पर हमें सत्तादल की मंशा पर सतर्क रहना होगा। ये सरकार विपक्ष विहीन संसद चाहती है। वो नहीं चाहती है कि उससे कोई सांसद, मीडिया या आम लोग सवाल पूछें।
• PM और BJP नेताओं के हमलों से हमारे INDIA गठबंधन की 3 बैठकों की सफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हमारा कारवां जैसे जैसे आगे बढ़ेगा, इनके हमले तेज होंगे।
• INDIA गठबंधन की मुंबई बैठक के बाद ED, IT, CBI को सरकार ने विपक्षी नेताओं से राजनीतिक बदला लेने के लिए लगा दिया है। ये स्वस्थ लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। लेकिन अफ़सोस कि यही हकीकत है।
जय हिन्द।
जब मैं मुख्यमंत्री था तब भी मैं शासकीय विज्ञापनों में अपनी फोटो नहीं लगवाता था। मैं विचारधारा की राजनीति करता हूँ ना की अपने self promotion की। मैंने स्वयं ने अपना फोटो लगाने से मना कर दिया था। यह शौक़ आप को ही मुबारक हो “महाराज”। धन्यवाद
@JM_Scindia@INCMP@Jairam_Ramesh