टूटी सड़कें,गंदा पानी,बहती नालियां,खराब ट्रांसपोर्ट सिस्टम...
AAP-BJP ने दिल्ली को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
जनता को झूठे सपने दिखाकर ठगने वालों को दिल्ली माफ नहीं करेगी। इसलिए अब दिल्ली का भरोसा सिर्फ कांग्रेस के साथ है।
हमने किया था, फिर कर दिखाएंगे
केजरीवाल को चैलेंज है: मेरे साथ यमुना जी में डुबकी लगाकर दिखाएं।
केजरीवाल ने यमुना साफ करने की बात कही थी और कहा था कि अगर यमुना साफ न हो तो मुझे वोट मत देना।
तो अब वो किस मुंह से वोट मांग रहे हैं।
- दिल्ली के बुजुर्ग ने केजरीवाल की पोल खोल दी 👇
दिल्ली के लिए कांग्रेस की गारंटी
✅ युवा उड़ान योजना
🔹 युवाओं को एक साल की अप्रेंटिसशिप
🔹 हर महीने मिलेंगे 8,500 रुपए
होगी हर जरूरत पूरी
कांग्रेस है जरूरी ✋
केजरीवाल जी,
आप यमुना तो साफ नहीं कर पाए,लेकिन अपनी नाकामी का ठीकरा पूर्वांचली भाई-बहनों पर फोड़ रहे हैं।
आपके मुताबिक यमुना गंदी इसलिए है क्योंकि इसके आसपास पूर्वांचल के लोग रहते हैं।आप लोगों के मन में घृणा पैदा कर रहे हैं।
ये घिनौनी राजनीति मत कीजिए।
दिल्ली में बेरोजगारी है, लेकिन यहां हेल्थ सेक्टर में 8,194 पद खाली है।
यहां 21% नर्सिंग स्टॉफ, 30% पैरामेडिक्स स्टॉफ और 30% स्पेशियलिस्ट डॉक्टरों की कमी है।
केजरीवाल ने दिल्ली को ऐसा चिकित्सा मॉडल दिया है।
:@ajaymaken
आज फिर एक रेल हादसा जलगांव, महाराष्ट्र में हुआ है!
रेलवे में हो रही लापरवाहियां बेहद गंभीर हैं।
आखिर कब रेल मंत्री हादसों की जिम्मेदारी लेंगे या कभी नहीं?
ईश्वर से प्रार्थना है कि वे मृतकों के परिजनों को संबल प्रदान करें और मृतकों को अपने चरणों में स्थान दे!
ओम शांति!
2019 में यमुना की सफाई पर वोट मांगने वाले केजरीवाल 2024 में पलट गए।
तब इनको पॉलिटिक्स नहीं समझ आती थी इसलिए वोट मांग रहे थे, जब ज्ञान आया तो पता लगा यमुना की सफाई वोट नहीं दिलवाएगी, तो अब यमुना को अपने एजेंडे से ही निकाल दिया!
बेटी बचाओ के दस साल, मोदी जी से हमारे तीन सवाल —
♀️बेटी बचाओ" की जगह "अपराधी बचाओ" की नीति भाजपा ने क्यों अपनाई? मणिपुर की महिलाओं को न्याय कब मिलेगा? हाथरस की दलित बेटी हो या उन्नाव की बेटी, या फ़िर हमारी चैंपियन महिला पहलवान, भाजपा ने हमेशा अपराधियों को संरक्षण क्यों दिया?
♀️क्यों देश में हर घंटे महिलाओं के ख़िलाफ़ 43 अपराध रिकॉर्ड होते हैं? हर दिन 22 अपराध ऐसे हैं जो हमारे देश के सबसे कमज़ोर दलित-आदिवासी वर्ग की महिलाओं व बच्चों के ख़िलाफ़ दर्ज होते हैं। मोदी जी लाल क़िले के भाषणों में कई बार महिला सुरक्षा पर बोल चुके हैं, पर कथनी और करनी में फ़र्क क्यों?
♀️क्या कारण है कि 2019 तक "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" योजना के लिए आवंटित कुल धनराशि का क़रीब 80% केवल मीडिया-विज्ञापन में ख़र्च हुआ?
जब संसदीय स्थायी समिति ने ये तथ्य उजागर किया, तब इस योजना में इस्तेमाल किये गए फंड में 2018-19 के बीच 2022-23, 63% की भारी कटौती की गई, और बाद में इसको "मिशन शक्ति" के अंतर्गत "संबल" नामक स्कीम में merge कर के, "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" योजना पर खर्च किये आँकड़े ही मोदी सरकार ने देने बंद कर दिए।
"संबल" के 2023-24 के आवंटित फंड और उपयोग किये गए फंड में भी 30% की कटौती हुई है। ये आँकड़ों की हेराफ़ेरी क्या छिपाने के लिए की गई?
पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने महिला एवं बल विकास मंत्रालय पर ख़र्च हुआ बजट, पूरे बजट के खर्च की तुलना में आधा क्यों कर दिया?
क्या हर ट्रक के पीछे "बेटी बचाओ" चिपकाने या फ़िर हर दीवार पर ये पेंट करवा देने से महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध, उनके लिए रोज़गार के अवसर, उनको अच्छी स्वास्थ्य सुविधा या महिलाओं को अत्याचार के बाद न्याय मिलेगा?
भाजपा का "बहुत हुआ नारी पर वार" वाला खोखला विज्ञापन, 10 साल बाद उसका घोर दोगलापन दर्शाता है !