🤐 पुलिस आज की तारीख में खोखला हो चूकी है, आम की गुठली की तरह जिसका सारा गूदा भी चूस लिया है,रस भी निचोड़ लिया है सिर्फ गुठली बच गई है
सुप्रीम कोर्ट से पारित पुलिस अधिनियम लागू करवाने के लिए अब पब्लिक को पहल करनी चाहिए
@1stIndiaNews#पुलिस_अधिनियम_2006
राजस्थान में पुलिसकर्मियों के ₹50 करोड़ से अधिक के टीए (यात्रा भत्ता) बिल फरवरी 2025 से अटके हुए हैं। कानून-व्यवस्था संभालने वाले जवानों को उनके हक का पैसा समय पर क्यों नहीं मिल रहा? @RajGovOfficial से अनुरोध है कि इस समस्या का तुरंत निदान करें।
@RajCMO@PoliceRajasthan
"जोधपुर पुलिस कमिश्नर का सोशल मीडिया एक्टिविस्टों को कड़ा जवाब— बिना सिस्टम समझे सवाल उठाना गलत है और इससे समाज में भ्रम फैलता है
क्या आप मानते हैं कि सस्ती लोकप्रियता के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना उचित है? अपनी राय पोल के माध्यम से दें
@CP_Jodhpur@PoliceRajasthan
"पुलिस कमिश्नर साहब का यह स्पष्ट संदेश सराहनीय है। सिस्टम को समझे बिना टिप्पणी करना केवल भ्रम पैदा करता है। हमें यह समझना चाहिए कि पुलिस हर परिस्थिति में हमारी सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहती है। वर्दी और उनकी कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान करना हम सबकी जिम्मेदारी है। 🫡
@CP_Jodhpur
राजस्थान पुलिस के जवानों के उज्जवल भविष्य हेतु एक विनम्र सुझाव! 👮♂️🙏
एक सिपाही परिवार के बेहतर भविष्य का सपना लेकर भर्ती होता है। समयबद्ध पदोन्नति (Time-bound Promotion) प्रणाली लागू होने से पुलिसकर्मियों में नया उत्साह जगेगा।
@PoliceRajasthan@RajCMO@RajGovOfficial
@jpk_11@Bhilwara_Police@PoliceRajasthan बहुत बढ़िया,,
प्राय यही होता है कि पुलिस का अच्छा काम नहीं दिखाकर गलतियाँ ज्यादा गिनाई जाती है!!
इसलिए ही पुलिस सबको बुरी लगती हैं,, इसलिए ही पुलिस के प्रति गलत धारणा आमजन की बनी हुई है
अब इस भ्रम से बाहर निकलकर पुलिस की अच्छाइयाँ भी तो देखने की जरूरत है
राजस्थान पुलिस ने हमारी बहुत मदद की जीतना धन्यावाद देना चाहै उतना कम है
भीलवाड़ा पुलिस के टाइगर धर्मेंद्र यादव को तहे दिल से धन्यवाद देना चहाता हूँ।
एक परिवार के जिम्मेदार सदस्य की जुबानी
@Bhilwara_Police@PoliceRajasthan
आज जयपुर में @zeerajasthan_ द्वारा आयोजित "सम्मान साहस का" कार्यक्रम में सहभागिता कर कर्तव्यनिष्ठ एवं साहसी पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया।
हमारे पुलिस बल के वीर जवान विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस, अनुशासन और समर्पण के साथ समाज में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर सम्मानित पुलिस कर्मियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा प्रदेश की सुरक्षा और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को नमन किया।
@BJP4Rajasthan@BJP4India@RajGovOfficial@RajCMO@BhajanlalBjp@madanrrathore@DrPremBairwa@KumariDiya@gssjodhpur@DIPRRajasthan
100 गाली दे दो पुलिस को आखिर पुलिस ही काम आएगी........
साहसिक महिला काँस्टेबल की में तारीफ करता हूँ , और बांसवाड़ा जिला प्रशासन व जिला पुलिस अधीक्षक से निवेदन है इस साहसिक महिला काँस्टेबल को सम्मानित जरूर करें ताकि पुलिस का मनोबल बना रहे।
@BanswaraPolice@Dmbanswara
नई जिम्मेदारी के साथ आज स्वास्थ्य भवन, जयपुर में #फूड_सेफ्टी_ऑफिसर के पद पर ज्वाइनिंग कर ली है ...आप सभी की उम्मीदों पर खरा उतरने का भरसक प्रयास करूंगा .... यही मेरी शपथ है । 🙏
नया पता - आयुक्तालय,खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण,जयपुर ।
@jpk_11 लोगों को ये सोचना चाहिए की पुलिस की नौकरी में कितनीपरेशानी आती है 24 घंटे तैयार रहना होता हैं नौकरी के लिए अगर कुछ पल अपने लिए निकाल कर जी लिये तो क्या ग़लत किया पुलिसवाले भी इंसान होते हैं रोबोट नहीं पुलिस वाले भी आम इंसान में से बनते हैं अलग से अवतार नहीं मिला
एक कांस्टेबल ने रोड की साईट पर थोड़ा डांस कर लिया तो ट्विटर पर लाईक रि-पोस्ट कमेंट की कमाई खाने वाले एक्टिव हो गए जबकि
लोग पूरी बारात के साथ बीच रोड पर डांस कर रोड जाम कर देते है उसके लिए राजस्थान पुलिस को कभी टैग नही करते है।
"कांस्टेबल भी इन्सान है"
क्या थानेदार साहब अब प्यार से पूछेंगे?
आपका खोपड़ा खराब है क्या?
असल में जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाने में एक वकील के साथ थानेदार साहब द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की घटना सामने आने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को कोर्ट में तलब कर फटकार पिलाई थी। निर्देश दिए थे कि पुलिस वालों को सॉफ्ट स्किल की ट्रेनिंग दी जाए। मतलब किससे कैसे बात करनी है, यह सिखाया जाए।
दिनभर यह सब हुआ और शाम को राजस्थान के डीजीपी साहब ने भी प्रदेश के तमाम पुलिस अफसरों को लाइन पर ले लिया और उन्हें समझाया कि थाने में आने वालों से थोड़ा अच्छा व्यवहार होना चाहिए।
अब पुलिस को माननीय न्यायालय के निर्देशों की पालना तो करनी ही है। इसलिए 6 दिसंबर को जोधपुर के मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग देना तय कर लिया गया है क्योंकि एक सप्ताह में पुलिस कमिश्नर महोदय को माननीय उच्च न्यायालय में रिपोर्ट भी पेश करनी है। दो घंटे के इस ट्रेनिंग सेशन में पुलिस कमिश्नर से लेकर पुलिस कांस्टेबल तक सभी शामिल होंगे।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम की बहनों के अलावा मनोवैज्ञानिक, मोटिवेशनल स्पीकर्स और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी अच्छे व्यवहार की ट्रेनिंग देंगे।
अब सवाल ये है कि क्या जोधपुर पुलिस ने या राजस्थान पुलिस ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार का कोई मनोवैज्ञानिक अध्ययन करवाया है? क्या इस बात की पड़ताल करवाई गई है कि थाने में आने वाले लोगों के साथ कैसा व्यवहार होता है और खराब व्यवहार होता है तो क्यों होता है? व्यवहारिक बात यह है कि 2 दिन में यह सब संभव ही नहीं हो पाता।
फिर क्या पुलिस हवा में तीर चला रही है? सिर्फ हाई कोर्ट में पालना रिपोर्ट पेश करने के लिए औपचारिकता पूरी कर रही है? क्या 2 घंटे के प्रवचनों से किसी का व्यवहार सुधर सकता है?
भले ही पुलिस वाले हों या वकील या कोई और। सभी सामाजिक प्राणी हैं और उसी समाज का अभिन्न अंग है जिसको पुलिस के व्यवहार से शिकायत रहती है। यह किसी 2 घंटे के सेशन से सुधर जाए, इसकी संभावना कम ही नहीं बल्कि शून्य ही है।
कायदे से तो हाईकोर्ट को इस जल्दबाजी के लिए एक बार फिर से पुलिस कमिश्नर को तलब कर फटकार ही लगानी चाहिए। इतने गंभीर विषय में ऐसी औपचारिकता और कैजुअल अप्रोच स्वीकार्य ही नहीं होनी चाहिए। पहले समस्या का विस्तृत अध्ययन करना जरूरी है और उसके बाद पूरे राजस्थान के पुलिसकर्मियों का एक ट्रेंनिंग शेड्यूल बनाने की जरूरत है।
ऐसा नहीं बिल्कुल भी नहीं है कि सिर्फ जोधपुर के किसी एक थाने या अनेक थानों में परिवादियों, फरियादियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं होता है। यह पूरे राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे पुलिस सिस्टम की समस्या है। आप पुलिस वालों को छुट्टी नहीं देते हैं, उन्हें हार्ड ड्यूटी के बदले में उचित पारिश्रमिक नहीं देते हैं, उनकी मांगे नहीं सुनी जाती हैं, वे कभी मेस का बहिष्कार करते हैं तो कभी होली का बहिष्कार करते हैं लेकिन फिर भी उनकी सुनवाई नहीं होती और उन्हें यह शिकायत रहती है कि वे अनुशासन से बंधे हुए हैं इसलिए हड़ताल नहीं कर सकते। लेकिन इस सब का फ्रस्ट्रेशन तो पैदा होता ही है और यह या तो घर पर निकलता है या फिर थाने में शिकायत/गुहार लेकर आने वालों पर।
एक बात और, आप पुलिस से बहुत ज्यादा अच्छे व्यवहार की उम्मीद भी नहीं कर सकते। पुलिस को बहुत ज्यादा अच्छा व्यवहार करने के लिए कहा जाएगा या मजबूर किया जाएगा तो फिर पुलिस का वह डर भी नहीं रहेगा जो होना जरूरी है।
@PoliceRajasthan
पुलिस की पीड़ाओं से किसी को मतलब नहीं...
क्या आपको पता है? जोधपुर में रात 12 बजे से सुबह पांच बजे तक बड़ी संख्या में पुलिस के सीआई और जवान नाकाबंदी में लगे हुए थे। फिर सुबह पांच बजे से आठ बजे तक एक और नाकाबंदी। अब दो घंटे में ये सभी पुलिस वाले नहा धोकर, नाश्ता पानी करके 10:30 बजे मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में व्यवहार सुधारने, साॅफ्ट स्किल सीखने जाएंगे। यह कार्यक्रम करीब एक बजे तक संपन्न करेंगे और दो बजे पुलिस कमिश्नर महोदय क्राइम मीटिंग लेंगे, उसकी तैयारी करके मीटिंग में बैठेंगे। चार बजे जैसे ही क्राइम मीटिंग खत्म होगी तो फिर से पांच बजे शुरू होने वाली नाकाबंदी के लिए निकल पड़ेंगे। इस बीच कोई नेता फोन भी करेगा, कोई पत्रकार डिटेल्स भी लेगा, कोई फरियादी भी आ जाएगा, कहीं कोई घटना भी हो सकती है।
अब बताइए आप, पुलिस वालों के पास सांस लेने तक की फुर्सत नहीं है। आराम की कोई गुंजाइश ही नहीं है। परिवार को तो भूल ही जाएं, खुद को व्यवस्थित रखना भी जब चुनौती हो तो क्या ख़ाक व्यवहार सुधार पाएंगे और क्या स्ट्रेस मैनेज कर पाएंगे?
इन चीजों पर कोई बात नहीं करना चाहता लेकिन पुलिस से बहुत ही ज्यादा उम्मीदें। हाई कोर्ट को थोड़ा सा इधर भी ध्यान देना चाहिए।
कानून के रक्षक पुलिस कार्मिक स्वयं अपने अधिकारों की लगा रहे गुहार....see more
✍🏻 शिशपाल कुड़ी
सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता
राजस्थान
@PoliceRajasthan@BhajanlalBjp@RajCMO