प्रधानमंत्री का भाषण ख़त्म हो गया लेकिन भाषण की फैक्ट चेकिंग जारी है। मिज़ोरम में वायु सेना की भूमिका को लेकर ग़लत बोला गया। अब उसके बाद दरभंगा एम्स के तथ्य सामने आ गए हैं। लगता है आख़िर में एक ही तथ्य बचा रह जाएगा। यही कि भाषण में भले सौ तथ्य ग़लत हैं लेकिन यह तथ्य सही है कि भाषण प्रधानमंत्री ने दिया था। कुछ पत्रकार भाषण लिखने वाले को दोष दे रहे हैं। भाषण देने वाले को नहीं। जैसे वे लिखने वाले को स्कूल के दिनों से जानते हैं। नाम ही बता दीजिए उनका। इसलिए कॉलम लिखना हो तो इसी पर पन्ना भर दीजिए कि विपक्ष चूक गया। जवाब देने वाले ग़लत बोल कर निकल गए और हंगामा सवाल पूछने वालों को लेकर हो रहा है। मणिपुर के सांसद ने बोल दिया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इससे बड़ी नाइंसाफ़ी क्या हो सकती है। कोई तो अख़बार होगा जो मणिपुर के दोनों सांसदों से कहे कि लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया,कोई बात नहीं, हम अपने अख़बार का एक पूरा पन्ना देते हैं। आप लिखिए जो बोलना चाहते थे। हम पूरा का पूरा छाप देंगे।
@GM_CRly@drmpune@RailwaySeva पुणे मंडल के SSE P/WAY तलेगांव के अधीन यूनिट न.-3 के मेट दत्ता जाधव को डिपो प्रभारी C.K. झा, सेक्शन PWI प्रभुनाथ द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने पर मजबूरन मौत के गले लगाने जैसे निर्णय लेने के लिए हुए मजबूर। संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही की जाए
@GM_CRly@drmpune@DrmSolapur रेल्वे के सभी जोन/मंडलों के साथ C RLY नागपुर,
भुसावल मंडल में ट्रैकमैन को साइकल मेंटेनेंस भत्ता दिया जा रहा है लेकिन पुणे/सोलापुर मंडल मे वांचित है संगठन द्वारा लगातार आगवात करने के बावजूद स्कारात्मक कदम नहीं उठाया गया,CRTUआन्दोलन के लिए मजबूर हैं
@GM_CRly@RailMinIndia@drmpune@RPF_INDIA@RailwaySeva@rpfpune
CRLY पुणे मंडल के ADEN (T) - सतारा के अधीन गेट नंबर -90 (मसूर) पर ड्यूटी कर रहे आशु कुमार को मेट ओम प्रकाश मीना द्वारा बाहरी तीन गुंडों के साथ जान मरने का प्रयास किया गया
इसके ऊपर अविलंब कड़ी से कार्यवाही की जाए।
The administration should conduct a survey of the employees of the engineering department of Indian Railways & try their public opinion on whether this department should be privatized or not.From this, employees will vote for privatization.💯
@CrtuPune@CRTU15@NWREU@DREU_CITU
ट्रैकमेंटेनर साथियों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार एवं अन्याय के खिलाफ लगातार संघर्षरत AIRTU अपने कैडर के लिए सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत के साथ लड़ने के लिए तैयार है.
AIRTU जिंदाबाद..
ट्रैकमेंटेनर एकता जिंदाबाद..
एक एक साथी जिंदाबाद
भारत के ट्रैकमेंटेनर एक हो एक हो....