Aura क्या होता है, इस वीडियो में देख लो 👇🏻
इस अकेले चन्द्रशेखर आजाद ने पूरे जातिवादी सिस्टम की जड़े हिलाकर रख दी हैं, जातिवादी मानसिकता के लोग उनके नाम से भी खौफ खाते हैं
One man army @BhimArmyChief 🔥
#24_सितंबर_चलो_दिल्ली
कांग्रेस में ताबड़तोड़ जॉइनिंग 🔥
पूर्व IAS अधिकारी डॉ राकेश वर्मा ने ज्वाइन की कांग्रेस।
साउथ एक्ट्रेस ज़ारा खान भी हुई कांग्रेस में शामिल।
#UP#Congress
आरक्षण खत्म करने चले थे, सोये हुए बहुजन समाज को नींद से उठा दिया 🥲
अब वो उल्टा EWS खत्म करने की मांग कर रहे हैं
मैं शुरूआत से कहता आ रहा हूं कि सवर्ण समाज को आरक्षण हटाओ के नाम पर गुमराह किया जा रहा है, उनका यह पूरा आंदोलन ही अप्रासंगिक है। उल्टा अपना ही नुकसान करवा बैठोगे!!
बहुजन समाज ने अब सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों की आवाज़ बुलंद करना शुरू कर दिया है। यह लड़ाई अब सिर्फ़ आरक्षण बचाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू करने की मांग को मजबूती से उठाया जाएगा।
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को हॉस्टल नहीं मिलने पर छात्रों और उनके परिजनों को प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा। घंटों चले धरने के दौरान एक छात्रा बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। यह बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है।बच्ची की कुशलता के लिए प्रकृति से प्रार्थना है।
हॉस्टल केवल एक इमारत नहीं, बल्कि मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के विद्यार्थियों के लिए कम खर्च में सुरक्षित आवास प्राप्त कर शिक्षा पूरी करने का महत्वपूर्ण जरिया है। हॉस्टल की कमी के कारण विद्यार्थी महंगे किराये के कमरों और कई बार असुरक्षित एवं रहने योग्य न होने वाले मकानों में रहने को मजबूर होते हैं। दिल्ली के मोती बाग स्थित “सत्य निकेतन” में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना इसका दुखद प्रमाण है।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) विद्यार्थियों की हॉस्टल की इस मांग का पूर्ण रूप से समर्थन करती है। विश्वविद्यालय प्रशासन सभी पात्र विद्यार्थियों को तत्काल हॉस्टल उपलब्ध कराए और छात्र संख्या के अनुपात में पर्याप्त, सुरक्षित एवं किफायती आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करे।
विडंबना है कि जिस समय युवा सुरक्षित हॉस्टल, बेहतर शिक्षा और अपने भविष्य की मांग कर रहे हैं, उस समय बुलडोजर चलाने में व्यस्त भाजपा की सरकारों को विद्यार्थियों की इन बुनियादी जरूरतों की चिंता नहीं है।
सरकारों की प्राथमिकता युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और सुरक्षित आवास होना चाहिए। छात्रों को अपने अधिकार के लिए धरने पर बैठने और एक छात्रा को बेहोश होने तक संघर्ष करने की नौबत आना व्यवस्था की गंभीर विफलता है।
लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी जायज मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे प्रदेशभर के पंचायत सहायकों की मांग है कि 6 हजार रुपये के मौजूदा मानदेय को बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया जाए, संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली लागू की जाए।
गांवों में सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने में पंचायत सहायक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पंचायत सहायकों की जायज मांगों का न केवल समर्थन करती है, बल्कि उन्हें अपने चुनावी संकल्प पत्र में भी स्थान दिया हुआ है।
@UPGovt से हमारी मांग है कि पंचायत सहायकों के साथ तत्काल वार्ता कर उनकी मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। मेहनत करने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय और सेवा सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
#ASP_K_Mission2027
सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं,
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
हो गई है पीर पर्वत-सी, पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।
#संसद_मार्च#जंतर_मंत्र
ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,
वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।
आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, आज से मैं संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
THIS IS HEARTBREAKING. 💔
THIS YOUNG MAN LOST CONSCIOUSNESS AFTER ALLEGED POLICE BRUTALITY DURING THE PROTEST.
HE IS UNRESPONSIVE AND NOT MOVING. WE HOPE HE IS SAFE AND RECEIVES IMMEDIATE MEDICAL CARE.
HIS CRIME? — ACCORDING TO THIS ACCOUNT, HE CHOSE TO PROTEST FOR WHAT HE BELIEVED WAS THE GOOD OF HIS MOTHERLAND.
ब्रेकिंग 🚨🚨
महाराष्ट्र डिप्टी CM अजीत पवार की प्लेन क्रैश में मौत उनके साथ 6 लोग और भी थे बारामती में लैंडिंग के दौरान हादस...🥺
भगवान उनके परिवार को शक्ति दे 🙏
#AjitPawar
श्री अजित पवार जी हे जनतेशी घट्ट नाते असलेले, तळागाळाशी मजबूत नाळ असलेले लोकनेते होते. महाराष्ट्रातील जनतेच्या सेवेत सदैव अग्रभागी राहणारे एक मेहनती व्यक्तिमत्त्व म्हणून त्यांना व्यापक आदर होता. प्रशासकीय बाबींची त्यांना सखोल जाण होती. गरीब आणि वंचितांच्या सक्षमीकरणासाठीची त्यांची तळमळ विशेष उल्लेखनीय होती. त्यांचे अकाली निधन अत्यंत धक्कादायक व दुःखद आहे. त्यांच्या कुटुंबीयांप्रती आणि असंख्य चाहत्यांप्रती मनःपूर्वक शोकसंवेदना. ॐ शांती.
अरावली केवल एक पर्वतमाला नहीं, यह उत्तर भारत का सांस लेने वाला फेफड़ा है। 20 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा निर्णय दिया जिसने अरावली की किस्मत को खतरों से भर दिया है। अब अरावली को पहचानने का नया पैमाना सिर्फ 100 मीटर से ऊपर की ऊँचाई होगा और इस एक नियम ने अरावली के 90% हिस्से को सुरक्षा से बाहर फेंक दिया है। यानी बाकी पहाड़ियों को खनन के नाम पर खोदना लगभग वैध हो जाएगा। पुरानी तरह नए लीज़ भले न मिलें, पर “सस्टेनेबल” शब्द के बहाने जो चाहे, जैसा चाहे, खनन कर सकता है।