पूजनीय @myogiadityanath महाराज जी और @RSSorg दोनों निरंतर प्रयासरत हैं कि हिंदू, जातियों के षड्यंत्र में विभाजित न हो और यह सत्यता भी है यदि हिंदू समाज UGC जैसे विभाजनकारी कानून के नियोजित षड्यंत्र में फंसकर बंट गया तो उत्तर प्रदेश में सभ्य समाज को काटने के लिए नरपिशाच आतुर हैं।
जिस मजहब में पहले शौहर और फिर हलाला के नाम पर शौहर का अब्बा बहु से शारीरिक संबंध बना सकता है स्वरा ने उसी व्यवस्था में निकाह किया तो उन्हें खिलजी से क्या ही समस्या होगी।
स्वरा के लिए सम्मानपूर्वक मृत्यु से ज्यादा अपमानजक जीवन भी महत्वपूर्ण है कायरता इसको कहते हैं।
जीवित अवस्था में अग्नि का आलिंगन कर जौहर करने वाली वीर बलिदानी सनातनी महिलाओं के त्याग को स्वरा भास्कर कैसे समझेंगी क्योंकि उन्हें तो मृत्यु के पश्चात भी अग्नि नहीं मिलेगी उन्हें तो वह कब्र मिलेगी जिसको खोदकर मृत देह से भी बलात्कार करना मजहबी लोग जायज मान लेते हैं।
मुजफ्फरनगर कँवाल हत्याकांड में जब जाट हिंदुओं के बच्चों की निर्मम हत्या हुई थी तब तत्कालीन सपा सरकार की संवेदनाएं मृत बच्चों के साथ नहीं थी अब अंकित बलियान के हत्यारों के एनकाउंटर पर प्रश्न करना सपा की मानसिकता को प्रकाशित करता है।
आखिर अपराधियों का साथ क्यों और कब तक ?
अगर हार को सुंदर रखना है तो डिब्बे में बंद किया जाता है अतः इस्लामिक महिलाएं घर में ही रहें।
@RahulGandhi जी आपने मनु स्मृति पर जो भ्रम प्रसारित किया जरा इस्लाम की इस सत्यता पर अपने दो शब्द कहें।
सनातन को स्त्री को जननी मानता है जबकि इस्लाम ....
श्री कृष्ण के कर्ण के प्रति सम्मान से एक प्रेरणा।
संबंध तो बहुत हो सकते हैं पर समर्पण सबके प्रति न होता यदि एक बार किसी के प्रति स्नेहपूर्वक स्वयं को समर्पित कर दिया तो चिता में जाने तक वह भाव समाप्त नहीं होता
यह सनातन का मूलभूत आधार है।
इस्लाम में इतनी घुटन है तो सपाइयों के साथ रक्षाबंधन मनाने वाली मुस्लिम महिलाओं को सनातन स्वीकार कर लेना चाहिए क्योंकि इस्लाम में तो यह सब हराम है।
सपा का यह मुस्लिम प्रेम है या इस्लाम विरोधी कर्म यह तो वो मौलाना बताएंगे जिन्हें हिंदू महिला का मस्जिद में आना स्वीकार नहीं था।
जब पत्नी, अपने पति और बहन, अपने भाई के सुरक्षा कवच को पराधीनता समझकर पाश्चात्य सभ्यता वाली स्वतंत्रता प्राप्त करने का भ्रामक विचार अपने मस्तिष्क में पोषित करती है तो वही स्त्री सर्वनाश का कारण बनती है।
रक्षा बंधन नहीं है प्रदर्शन यह है निश्चल समर्पण।
भाई छोटा भी हो तो पिता के समान सम्मान देने वाली बहन, मां के समान सम्मान पाती है।
अपनत्व का यदि भाव तो सुरक्षा कवच भी ऐसा निर्मित होता है जिसको भेद पाना किसी के लिए भी संभव नहीं होता।
धर्म वेष में बहुत सारे लोग ऐसे घूम रहें हैं जिनको सुनियोजित रूप से हिंदुओं के बीच धर्म प्रचारक या धर्म गुरुओं के रूप में धर्म विरोधी पार्टियों ने स्थापित किया है जिससे वो लोग हिंदुओं को भ्रमित कर जातिगत लड़ाई में झोक कर उन राजनीतिक दलों को लाभ पहुंचाएं जो सनातन विरोधी हैं।
पूजनीय @myogiadityanath जी महाराज जिस प्रकार उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरब से मजहबी दहशत को समाप्त किया है एक बार यदि ऐसा क्लीन ऑपरेशन पश्चिम में चल जाए तो यहां की जनता सारे जातिगत गठबंधन भूलकर जय जय कर देगी।
सादर निवेदन🙏
आगामी चुनाव, केंद्र का नहीं उत्तर प्रदेश का है जितने भी आंदोलन हो रहें हैं उसका सीधा प्रभाव नकारात्मक रूप से योगी सरकार पर पड़ेगा, जिसका प्रत्यक्ष लाभ PDA को मिलेगा।
जो लोग सनातनी और राष्ट्रवादी होने की छाती पीट रहें हैं क्या इतना भी उन्हें ज्ञान नहीं?
@RahulGandhi जी यदि वास्तव में आप उन पुस्तकों के विचारों का विरोध करना चाहते हो जिनमें महिलाओं को संपत्ति समझा जाता है तो आप इस्लामिक पुस्तक कुरान को पढ़े और उस पर खुले मन से सार्वजनिक चर्चा करें।
क्योंकि सनातन में तो स्त्री को संपत्ति नहीं अपितु देवी स्वरूपा माना जाता है।
पारिवारिक सदस्य एवं मुसलमान सांसदों की संख्या ज्यादा होने के कारण पार्टी आज तक नहीं टूटी।
सपा ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी कि उनका समर्पण और समर्थन किस तरफ है बाकी जनता विचार करे।
विषय चवन्नी , अठन्नी या रुपये का है ही नहीं विषय तो स्व अहंकार का है..
बिना सत्ता के अहंकार की सीमा यह है तो सत्ता के समय क्या रहती होगी..
घटक दल साथी हो सकते हैं पर पराधीन नहीं..
जाट समाज को भगवती ने सत्यता से अवगत कराया है बाकी सम्मान सबका अपने विवेकानुसार🙏
कैला भट्टा के जिन अपराधिक जिहादी भू माफियाओं से अधिकतर लोगों का गठजोड़ था जिनके समक्ष समूचा तंत्र नतमस्तक था उन भू माफियों के विरुद्ध गाजियाबाद मेयर @sunitadayalbjp
जी ने जिस प्रकार आक्रामक शैली अपनाई है वह अभिनंदनीय है यह गुण सबसे भिन्न और वंदनीय है।
साधुवाद 🙏
व्यास पीठ पर माथा टेकने,पुरोहित को दक्षिणा देने और तीर्थों के दर्शन करने के पश्चात भी जो इस्लाम और मुल्लाओं के समक्ष नतमस्तक वह आस्थावान हिंदू नहीं कालनेमी हिंदू हैं।
सनातनी वह जो अवसर आने पर धर्म रक्षार्थ अप्रत्याशित पुरुषार्थ करे, जो मजहबी सोच का समूल नाश हेतु प्रण धारण करे।
बहनों में अब भाई के प्रति आदर कहां
बहनों में अब मर्यादा कहां
बहनों में अब आज्ञा का पालन कहां
बहनों में भाई के पीछे चलने का भाव कहां
बहनों में अब मां जैसा दुलार कहां
निस्वार्थ और पारस्परिक समर्पण का पर्व रक्षाबंधन अब रक्षाबंधन जैसा कहां..
इस्लाम कभी सनातन जितना संसाधन युक्त नहीं रहा लेकिन फिर भी इस्लाम सनातन पर निरंतर आघात करने में सफल रहा।
उनके लोग व्यक्तिगत रूप से इस्लाम को समर्पित और हिंदू केवल मंचों और सभाओं से सनातन को समर्पित।
यदि मंचों वाले सनातनी आंतरिक रूप से सनातन प्रहरी बन जाए मजहबी जिहाद जड़ से समाप्त.