जहाँ एक तरफ देश ने इस सालआज़ादी काअमृत महोत्सव मनाया है,वहीं दूसरी तरफ देश का छात्र इस अमृत काल में भी लाचार होकरआमरण भूख हड़ताल करने पर विवश है।मप्र.सरकार द्वाराआयुर्वेद के साथ न केवल वेतन और अवसरों में भेदभाव किया जा रहा है बल्कि परीक्षाएं भी समय से नहीं कराई जा रहीं।
महंगाई बढ़ती जा रही है पर आयुर्वेद के इन्टर्न का स्टाईपन्ड उतना का उतना ही है छात्र भूख हड़ताल पर हैं पर शासन द्वारा इन्हें लगातार अनदेखा किया जा रहा है। जाति-धर्म की राजनीति कर जनता के मूल मुद्दों को अन्देखा करती सरकार की नींद खोलने छात्रों ने कविता के माध्यम से सन्देश दिया।
समस्त मध्य प्रदेश आयुर्वेद के छात्रों द्वारा प्रदेश में चल रहे अनिश्चित कालीन प्रदर्शन के दौरान आज धरने के 7वें दिन भोपाल आयुर्वेद महाविद्यालय ने सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया और रीवा, ग्वालियर, उज्जैन महाविद्यालयों ने अपने अनिश्चित कालीन हड़ताल को जारी रखा ।