#BREAKING: Tibetan activist Lobga Rangzen has died after setting himself on fire outside the United Nations headquarters in New York in protest against China’s occupation over Tibet. Moments before the act, he livestreamed an appeal for Tibetan independence and unity.
Warning: Below video contains graphic and distressing footage. Viewer discretion is strongly advised.
जितना बोलेगा उतना मारूंगा।
वर्दी के भेष में शायद गुंडा ही कहा जाएगा अब दिक्कत ये है कि इसको कोई इसी की भाषा में रिप्लाई कर दे तो पूरे कानून संविधान की भावनाएं आहत हो जाएंगी कि ऐसे कैसे जी ऑन ड्यूटी हाथ कैसे लगा दिया वर्दी पर हाथ लगाया मतलब बाहुबली की तलवार को हाथ लगाया देवसेना वर्दी पर हाथ लगाने वालों को पकड़ते नहीं है पकड़ कर थाने में पेलते हैं उनका इनकाउंटर करते हैं...
माहिष्मति माहिष्मति साम्राज्यं 😑
गरीब मोमोज बेचने वाली लड़की ने कहा, "बस 2 मिनट रुक जाइए"... लेकिन एक धक्के ने उसकी जिंदगी बदल दी
जयपुर में CM भजनलाल शर्मा के काफिले के दौरान पुलिस पर आरोप है कि रास्ता खाली कराने के लिए मोमोज का ठेला धक्का दे दिया गया।
खौलता पानी 27 वर्षीय रेशु गुप्ता के सीने, हाथ, कंधे और जांघ पर गिर गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई।
पिता पहले ही नहीं रहे, मां और तीन छोटी बहनों का पेट पालने वाली रेशु अब अस्पताल में भर्ती है।
जयपुर पुलिस का लड़की पर अत्याचार
2 दिन पहले CM का काफिला रोड से जाना था
उसी रोड पर एक बिना बाप की बेटी घर चलाने के लिए मोमोज का ठेला लगाती है
पुलिस के बहादुरों ने बिना कुछ बताए
ठेले को पलट दिया और गर्म खोलता हुआ पानी लड़की के ऊपर गिरा दिया
झुलसी हुई लड़की रोती रही, पुलिस हॉस्पिटल पहुंचाने की बजाय भाग खड़े हुए 🤐🥲
@BhajanlalBjp@jaipur_police
चुप चाप पुलिस वाले को पैसे दे देते इतनी गलियाँ नहीं सुनना पड़ता !
आधी रात में एक इज्जतदार व्यापारी जो इलाके में बहुत मशहूर है पुलिस वाले क्या कर रहे हैं देखिए
गुलजारबाग के किराना व्यवसायी दीपक गुप्ता की पीड़ा सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।
दीपक गुप्ता की गुलजारबाग में किराना की दुकान है। सरकार द्वारा सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक ट्रकों की नो-एंट्री लागू होने के कारण व्यापारियों को रात में ही ट्रकों से माल उतारना पड़ता है। आरोप है कि इस क्षेत्र में ट्रक से माल खाली कराने के लिए संबंधित थाना और टीओपी के नाम पर अवैध रकम की मांग की जाती है।
दीपक गुप्ता का कथित "कसूर" सिर्फ इतना था कि उन्होंने रिश्वत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें और ट्रक चालक को कथित रूप से अपमान, गाली-गलौज और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
अगर ईमानदार व्यापारियों के साथ ऐसा ही व्यवहार होता रहा, तो लोगों का व्यवस्था से विश्वास उठना स्वाभाविक है। समाज में आक्रोश बढ़ेगा और लोग सिस्टम के खिलाफ खड़े होने को मजबूर होंगे।
यह मामला केवल एक व्यापारी का नहीं, बल्कि उन हजारों छोटे कारोबारियों की आवाज है जो रोज़ व्यवस्था की खामियों और कथित भ्रष्टाचार से जूझ रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी, या फिर आम व्यापारी यूँ ही शोषण का शिकार होता रहेगा?
व्यापारियों का सम्मान, सुरक्षा और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था हर लोकतंत्र की आवश्यकता है।
मुझे लगता है व्यापारियों का एनकाउंटर कर दीजिए पुलिस सवाल करने की हिम्मत कैसे कर रहा है
एसपी साहब हो गए गायब, कैमरे पर आने को तैयार नहीं…!
कैमरे के सामने आने से किया परहेज़।
देखिए, रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार श्रीकांत प्रत्युष के साथ हुई यह पूरी झड़प।
@Citypost_live@shrikantpratyus
मेरे अब तक समझ नहीं आ रहा ऐसे इंसान का पुलिस एनकाउंटर कैसे कर दी पुलिस वालों का हाथ नहीं कापा ऐसे देश भक्त इंसान को गोली मारने मे 😢
भरत तिवारी की घटना दिल से निकल नहीं रहा है
यह वही भरत तिवारी के जो कोरोना कॉल मे मोदीजी को पत्र लिखकर अपना शरीर दान करने को बोला था ताकि देश मे जल्दी कोरोना की दवा बन सके
बिहार ही नहीं पूरी दुनिया को भरत तिवारी जी का ये कॉल रिकॉर्डिंग - उनकी हत्या के 30 मिन पहले की सुननी चाहिए
और सत्ता के दलालों बताओ शर्म आई की नहीं तुमको ?
देश के सैनिक नमन कर रहे हैं - लेकिन मोदी की चुप्पी है - क्या मोदी जी देश के सैनिक से भी महान हो चुके हैं ?
मथुरा में एक किसान से किसी काम के लिए पुलिस 20 हजार की रिश्वत मांगी !जिसकी शिकायत किसान पुत्र ने सीएम पोर्टल पर कर दी !जिसकी वजह से चौकी थाना प्रभारी गोवर्धन मथुरा के चौकी प्रभारी कपिल नागर ने किसान पुत्र को थाने में बुलाया !और उसके निजी अंगो पर लातों से प्रहार कर उनकी गोटिया फोड़ दी! "शिक़ायत करने की मिली सजा" !!!😡
कुछ चादरमोरों को लगता है की भरत तिवारी को लोग ब्राम्हण होने के लिए साथ दे रहे हैं तो सुन बे चादरमोर, लहन के बौरे
भरत भूषण तिवारी जिसके के लिए शासन प्रशासन से लड़ते लड़ते शहीद हो गए वो लोग पिछड़े और दलित समाज से थे, उन लोगों का कहना है की भरत तिवारी उनके लिए भगवान थे क्योंकि
भरत तिवारी के कारण उनके घरों तक बिजली आई,
भरत तिवारी के कारण उनको चलने के लिए सड़क मिला,
और उन्होंने अब वहां मिट्टी डलवाने के लिए SDM को पत्र लिखा और बोला तो SDM अपना Ego पर ले लिया और सब मिलकर उनकी हत्या कर दिया
सुनो ये चाचा पासवान जाति के हैं और इनकी आंसू देख
श्रीमान @DGPHaryana जी,
भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत DigiLocker और mParivahan ऐप पर डिजिटल रूप से रखे ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC), बीमा और अन्य सरकारी दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं। चेकिंग के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी इसे स्वीकार करने से मना नहीं कर सकता।
लेकिन हरियाणा पुलिस में कार्यरत इन दोनों ट्रैफिक पुलिसकारियों ने न सिर्फ भारत सरकार के नियमों की अवहेलना करते हुए DigiLocker के डॉक्यूमेंट को मानने से मना किया है बल्कि वाहन चालक का मोबाइल तोड़कर उसके साथ मारपीट भी किया हैं।
आपसे अनुरोध है कि,
इस घटना की निष्पक्ष जांच करते हुए आरोप सत्य पाए जाने पर तुरंत इन दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्यवाही करने के साथ साथ अपराधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए गिरफ्तारी करें।