पूज्य माँ की अर्चना का एक छोटा उपकरण हूँ.....
उच्च है वह शिखर देखो,मैं नहीं वह स्थान लूँगा। और चित्रित भित्तिका है, मैं नहीं शोभा बनूंगा।।
पूज्य है यह मातृ मंदिर, नींव का मैं एक कण हूँ। पूज्य माँ की अर्चना का, एक छोटा उपकरण हूँ।।
#RSS100Years
अंबेडकर जी ने कभी भी मनु स्मृति नहीं जलाई: मायावाती (पूर्व सीएम UP)
अब बताइए UP की राजनीति में दलित समाज से मायावती जी से बड़ा कोई चेहरा है? अब कुछ लोग क्या कहेंगे?
आज संसद में प्रियंका वाड्रा रंगा सियार की तरह अपना वेश बदलकर पहलगाम में मारे गए हिंदुओं को हिंदू नहीं बल्कि भारतीय बता रही थी
मनमोहन सिंह के समय गृह मंत्री रहे सुशील कुमार शिंदे का खतरनाक खुलासा सुनिए
शिंदे ने कहा कि मैं कभी भी भगवा आतंकवाद शब्द उपयोग नहीं करना चाहता था लेकिन मेरी पार्टी के आलाकमान का मेरे ऊपर बहुत दबाव था इसीलिए सैफरॉन टेररिज्म यानी भगवा आतंकवाद शब्द मैंने मजबूरी में पार्टी आलाकमान के दबाव में लगाया
यही बात मैंने बार-बार बोली है कि मनमोहन सिंह की असली सत्ता जिहादी अहमद पटेल और चर्च की दलाल एंटोनियो माईनो चलाती थी
और इन दोनों ताकतों का एकमात्र लक्ष्य था हिंदुओं को बदनाम कर देना हिंदुओं को
दोयम दर्जे का नागरिक बना देना
अब इतने बड़े खुलासे के बाद भी लोगों को समझ जाना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी की असली मानसिकता क्या है
इस खुलासे के बावजूद भी जो हिंदू कांग्रेस का समर्थक है या कांग्रेस को वोट देता है वह किसी हिंदू की औलाद हो ही नहीं सकता
कार्यमग्नता जीवन होवें, मृत्यु ही विश्रांति
महाराष्ट्र प्रांत के संघचालक मा. बाबाराव भिडे को दिल की बीमारी थी। डॉक्टर के मना करने पर भी नासिक के संघशिक्षावर्ग के उद्घाटन के लिए वहाँ तक स्वयं ड्रायव्हिंग करते हुए रात को पहुँचे लेकिन दूसरे दिन उद्घाटन के पूर्व ही प्रातः पाँच बजे उनका देहान्त हुआ।
भारतीय मजदूर संघ के इंदौर के अ. भा. अभ्यासवर्ग में एक सत्र इसलिए रखा था कि मजदूर संघ का काम करते करते जिनकी मृत्यु हो गई उनकी केवल नामोल्लेख सूची बनाना। केवल नाम, युनियन का नाम और मृत्यु की तिथि। तो नामों का केवल उल्लेख करने में ही एक घंटा बीस मिनिट बीत गए। केरल जैसे छोटे प्रदेश में संघ तथा संघसृष्टि के कार्यकर्ताओं के बलिदान की सूची के लिए शायद इतना ही समय लगेगा। और देश के विभाजन के समय के स्वयंसेवकों के बलिदान की तो गिनती ही नहीं हो सकती।
जिसे to die in the harness कहते हैं, अपना कार्य करते करते जिनका जीवन समाप्त हुआ, जिनको हम शहीद कह सकते हैं और जिन्होंने 'भगवा ध्वज अपनाया है, तो मोह कहाँ इन प्राणों का' इस पंक्ति को चरितार्थ किया है ऐसे अनगिनत कार्यकर्ता रहे हैं।
जिनके कारण आज राष्ट्र सुरक्षित नेतृत्व में है ।
आज वें सभी हमारी प्रेरणा है ।
#RSS
शशि थरूर का बड़ा बयान!
"ट्रम्प को क्रेडिट लेना है तो लेते रहे,
इससे भारत को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
ये हर किसी को पता है कि पाकिस्तान के DGMO ने भारत के आगे हाथ जोड़े,
इसके बाद ही भारत सीजफायर के लिए तैयार हुआ।"
औरंगजेब भारतीय इतिहास में सबसे बड़ा दुष्ट, क्रूर लेकिन भगोड़ा था
ऐसे दुष्ट की महिमामंडन करने वाले मूर्खों को शिक्षित करने का समय आ गया है, जिनके पूर्वज संभवतः औरंगजेब की क्रूरता के शिकार थे।
यह एक मिनट का थ्रेड👇आपको सच्चाई से अवगत करा देगा बस एक मिनट का समय निकालिए और अंत तक पढ़िए।
समाजवादियों का चरित्र दोहरा हो चुका है,
ये अपने बच्चों को पढ़ाएंगे इंग्लिश स्कूल में और दूसरों के बच्चों के लिए कहेंगे उर्दू पढ़ाओ...
उसको मौलवी बनाना चाहते हैं, ‘कठमुल्लापन’ की ओर देश को ले जाना चाहते हैं,
ये नहीं चल सकता है…
2025 में RSS के 100 साल पूरे होने जा रहे हैं। एक छोटा सा वीडियो यह दर्शाएगा कि पिछले 100 सालों में RSS कैसे आगे बढ़ा। 🚩🚩
वंदे मातरम भारत माता की जय 🇮🇳🇮🇳
“कांकोरी कांड” क्या था??
यह क्यों व कब हुआ था?
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रान्तिकारियों द्वारा ब्रिटिश राज के विरुद्ध भयंकर युद्ध छेड़ने की खतरनाक ईच्छा से हथियार खरीदने के लिये ब्रिटिश सरकार का ही खजाना लूट लेने की एक ऐतिहासिक घटना थी
जो ९ अगस्त १९२५ को घटी। इस ट्रेन डकैती में जर्मनी के बने चार माउज़र पिस्तौल काम में लाये गये थे।इन पिस्तौलों की विशेषता यह थी कि इनमें बट के पीछे लकड़ी का बना एक और कुन्दा लगाकर रायफल की तरह उपयोग किया जा सकता था।
हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन के केवल दस सदस्यों ने इस पूरी घटना को परिणाम दिया था।
@BhajanlalBjp दूदू में हुए भीषण सड़क हादसे में मांडलगढ़ क्षेत्र के बड़लियास मुकुनपुरिया एवं फलासिया के निवासियों की दर्दनाक मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है।
दिवंगत आत्माओं को ईश्वर श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिवारजनों को यह आघात सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति