🦚 श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🦚
भगवान श्री कृष्ण की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियाँ बनी रहें।
राधे-राधे! जय श्री कृष्ण! ♥️🙏
#Janmashtami#HappyJanamashtmi
सशस्त्र बल जिन बेहद ख़तरनाक हथियारों से लैस करके जंतर-मंतर पर भेजे गये, उसे देखकर तो लगता है कि अब केवल टैंक आना बाक़ी है।
सत्ता जितनी डरी होती है, उसकी बंदूक उतनी बड़ी होती है।
दिल्ली पहुँचने का ख़्वाब पालनेवाले, अब तो लखनऊ से भी जा रहे हैं लेकिन चलाचली की इस बेला में उनकी ‘वनस्पति’ के सेवन के साधन दिल्ली पुलिस की वैन में मिल रहे हैं। जनता कह रही है कि ये सब इंतज़ाम किसी ख़ास बात की ओर इशारा कर रहा है क्या?
शराब से बचने की सलाह देनेवाले, ये क्यों नहीं कहते हैं कि ‘नशे’ से दूर रहो।
विशेष: ये ‘गांजागंज’ की शूटिंग नहीं चल रही है, रियल वीडियो है, AI Generated भी नहीं है।
एक आंदोलनकारी बच्ची पर घूसों से निर्मम प्रहार करनेवाले इस व्यक्ति की AI से तुरंत पहचान की जाए और गिरफ़्तारी हो और ऐसा दंड दिया जाए कि अपनी बेटी के समान बच्ची पर फिर कभी कोई भाजपाई या उनके संगी-साथी या सादी वर्दी के गुर्गे हाथ न उठा सकें।
जो पुलिसकर्मी निष्क्रिय दिख रहे हैं, उनकी भी शिनाख़्त हो और गहन निष्पक्ष जाँच के पश्चात अनुशासनात्मक-दंडात्मक कार्रवाई भी।
सभ्य-लोकतांत्रिक समाज में संकीर्ण नकारात्मक मानसिकतावाले हिंसक लोगों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
नई पीढ़ी ने भाजपाइयों को ‘कैंसल’ कर दिया है।
देश कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
मित्राचार भेंट!
उप्र की आंवला लोकसभा सीट से दो बार के सांसद श्री धर्मेंद्र कश्यप जी से मिलकर ‘पीडीए आंदोलन’ को और भी समर्थ, सशक्त और सक्रिय बनाने के लिए संयुक्त प्रयासों पर चर्चा हुई।
पीडीए ही हर ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ को मान-सम्मान और स्थान दे सकता है।
जब विपक्ष का पड़ा भारी दबाव
रातों रात हो गया बंदोबस्त साफ़
ये है लुढ़कना लोटा-सी सरकार
कभी इस घाट तो कभी उस घाट
जिसके गलत मंसूबे और ख़्याल
सोच संकीर्ण और कुंठित विचार
नकारात्मकता भरी है ये सरकार
जिसकी पहचान एकरंगी लिबास
भाजपा राज में स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करना किसी ‘दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन’ लड़ने से कम नहीं है।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन!
जिन भाजपाइयों के वैचारिक पूर्वजों ने देश के दुश्मनों के लिए मुख़बिरी की हो, वो स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान क्या करेंगे।
आजकल वो ही ‘रखवाले’ हैं
जिनकी सोच पर लगे ताले हैं
जिन जय प्रकाश नारायण जी ने स्वतंत्रता का आंदोलन लड़ा, आज भाजपा राज में वो ही क़ैद से कर दिये गये हैं।
दुनिया में किसी भी दुर्दांत तानाशाह तक ने शायद कभी किसी महापुरुष की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पर, इस तरह की पाबंदी नहीं लगाई होगी।
भाजपाई तो अंग्रेजों से भी गये गुजरे हैं।
पवन का झोंका आएगा
अंहकार सब उड़ जाएगा
अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरों को हराने के लिए हमारा एक युवा ‘पीडीए प्रहरी’ ही काफ़ी है। चोरों को क्लीन चिट देनेवाले दरअसल हिस्सेदार होते हैं। दूध का दूध, पानी का पानी तो हुआ नहीं, इस बार जनता घमंड का सारा पानी उतार देगी।
पावन स्थलों पर वनस्पतिजीवियों का कोई काम नहीं।
पवन का झोंका आएगा
अंहकार सब उड़ जाएगा
अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरों को हराने के लिए हमारा एक युवा ‘पीडीए प्रहरी’ ही काफ़ी है। चोरों को क्लीन चिट देनेवाले दरअसल हिस्सेदार होते हैं। दूध का दूध, पानी का पानी तो हुआ नहीं, इस बार जनता घमंड का सारा पानी उतार देगी। लोकसभा भूल गये क्या?
और बाक़ी कसर अयोध्या की वो माताएं पूरा कर देंगी जिन्होंने सरेआम दुखी माँ का अपमान करते हुए दुर्व्यवहारी दंभियों को देखा है।
अपने इंटर्नल सर्वे में आपको ये बात पता चली कि नहीं कि अयोध्या में आपकी तरफ़ से कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता है।
पावन स्थलों पर वनस्पतिजीवियों का कोई काम नहीं।
नेताजी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन!
समाजवादी सिद्धांतों के लिए समर्पित नेता जी का जीवन हम सबकी सबसे बहुमूल्य धरोहर है।
नेताजी का ये मानना हमारे लिए सबसे बड़ी सीख है कि ‘मदद’ ही मानवता की पहली सीढ़ी है।
नेता जी ने सिखाया कि जो सबसे कमज़ोर हो उसकी ओर हाथ बढ़ाओ, उसे अपना हमक़दम बनाओ।
नेताजी ने समझाया केवल भेदभाव को ही नहीं मिटाना है, भेद के भाव को भी मिटाना है।
काग़ज़ पर लिखी समानता से कुछ नहीं होगा, जब तक मनमुटाव नहीं मिटेगा तब तक सच्चा बदलाव नहीं आएगा।
जब तक लोग ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ हैं तब तक हम सबको संघर्ष जारी रखना है।
आज हर पीड़ित को एकसूत्र करने के लिए हम ‘पीडीए’ के रूप में जिस ‘प्रेम, दया, अपनापन’ को बुनियाद मान रहे हैं, नेताजी सदैव उसके जीवंत उदाहरण रहे।
नेता जी ‘पीडीए के प्रकाशस्तंभ’ बनकर हमेशा राह दिखाते रहेंगे।
नेताजी की हर स्मृति एक प्रेरणा है।
पुन: कोटि-कोटि नमन!
नेताजी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन!
समाजवादी सिद्धांतों के लिए समर्पित नेता जी का जीवन हम सबकी सबसे बहुमूल्य धरोहर है।
नेताजी का ये मानना हमारे लिए सबसे बड़ी सीख है कि ‘मदद’ ही मानवता की पहली सीढ़ी है।
नेता जी ने सिखाया कि जो सबसे कमज़ोर हो उसकी ओर हाथ बढ़ाओ, उसे अपना हमक़दम बनाओ।
नेताजी ने समझाया केवल भेदभाव को ही नहीं मिटाना है, भेद के भाव को भी मिटाना है।
काग़ज़ पर लिखी समानता से कुछ नहीं होगा, जब तक मनमुटाव नहीं मिटेगा तब तक सच्चा बदलाव नहीं आएगा।
जब तक लोग ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ हैं तब तक हम सबको संघर्ष जारी रखना है।
आज हर पीड़ित को एकसूत्र करने के लिए हम ‘पीडीए’ के रूप में जिस ‘प्रेम, दया, अपनापन’ को बुनियाद मान रहे हैं, नेताजी सदैव उसके जीवंत उदाहरण रहे।
नेता जी ‘पीडीए के प्रकाशस्तंभ’ बनकर हमेशा राह दिखाते रहेंगे।
नेताजी की हर स्मृति एक प्रेरणा है।
पुन: कोटि-कोटि नमन!
किसीके रोके नहीं रुकेगा
अब दिल्ली में देश जुटेगा!
हम देश की युवा ऊर्जा के साथ हैं। भाजपा सरकार अगर समझ रही है कि वो ताक़त के बल पर जनता को रोक लेगी तो ये उसकी और भी बड़ी भूल साबित होगी। ‘जंतर-मंतर’ अब एक जगह का नाम नहीं, एक नई चेतना और जागरण का प्रतीक बन गया है। अगर सरकार ने आंदोलनकारियों को रोका तो देश में हर जगह जंतर-मंतर बन जाएगा।
माना बादशाहों का बंदोबस्त है बख़्तरबंद
पर उन्होंने देखा न नौजवानों का दमख़म
यहाँ हौसलों की भी तैयारी है चाकचौबंद
हैं साथ सब, मानकर इसको अंतिम जंग
आज बलिया में प्रखर समाजवादी चिंतक एवं वाक् योद्धा स्व. श्री राम गोविन्द चौधरी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उमड़ा जन समूह इस बात का प्रतीक है कि चौधरी जी ने हर ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ के लिए ‘सामाजिक न्याय’ लाने का जो संघर्ष किया उसे पूरा करने के लिए सिर्फ़ हम ही नहीं उप्र की लाखों-करोड़ों जनता साथ है। हम सब पीडीए मिलकर ‘सामाजिक न्याय का राज’ लाएंगे जिससे भेद मिटेंगे, सौहार्द आएगा और हमारा देश ‘बंधु-राष्ट्र’ बन पाएगा।
आज मुझे बलिया से नया बल मिला है।
बागी बलिया की हुंकार
परिवर्तन होगा इस बार
महामहिम राष्ट्रपति जी ने जिस प्रकार विपक्ष के प्रतिनिधि मंडल के साथ अति सकारात्मक बातचीत की है और ‘वोट चोरी’ के संदर्भ में सबूत माँगकर जिस प्रकार अपने गणतंत्रीय दायित्व का महान परिचय दिया है, उससे हमारे देश की स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा और भी समृद्ध होगी और सांविधानिक शुचिता बने रहने की आशा पुनर्जीवित होकर और भी बलवती होगी।
आज पूरा देश महामहिम राष्ट्रपति जी की ओर जिस आशा से देख रहा है, वो अभूतपूर्व है। ये अभूतपूर्व इसलिए है क्योंकि लोकतंत्र पर ऐसा घनघोर संकट भी पहले कभी नहीं आया था।
आज युवा, महिला, किसान, मज़दूर, नौकरीपेशा, पेशेवर, कारोबारी और हर मेहनतकश ‘भाजपा के अनाचार, भ्रष्टाचार और अन्याय’ के ख़िलाफ़ एक साथ खड़ा हो गया है।
भाजपा और उसके संगी-साथी हारेंगे और एकजुट देश जीतेगा!
क्योंकि जब से भर गया पानी तब से बहुत हुई है ‘बदनामी’
इसीलिए ज़िम्मेदारी थी किसी और के ‘नाम’ में खिसकानी
नहीं तो करोड़ों अपने नाम पर खर्च करनेवाले नहीं है ‘दानी’
किसे पता ‘लखनऊ-दिल्ली’ की जंग इस हद तक थी आनी