Haaye, andaaz tere rukne ka,
Waqt ko bhi ruka, ruka dekha.
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Phir na aaya khayaal jannat ka,
Jab tere ghar ka raasta, dekha.
~ Sudarshan Faakir
#Shair#Jannat
नींद रातों की उड़ा देते हैं ,
हम सितारों को दुआ देते हैं !!
रोज़ अच्छे नहीं लगते आँसू ,
ख़ास मौक़ों पे मज़ा देते हैं !!
हाए वो लोग जो देखे भी नहीं,
याद आएँ तो रुला देते हैं !!
आग अपने ही लगा सकते हैं,
ग़ैर तो सिर्फ़ हवा देते हैं !!
~ मोहम्मद अल्वी
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किसी के
यूँ ही दरवाज़ा बंद कर लेने से
कहीं ज़्यादा दुख,
इस बात का होता है
कि उन्हें …ये इल्म ही नहीं होता
कि सामने वाला
कभी कहीं गया ही नहीं !!!!
वो वहीं होता है
मुंह पर दरवाज़ा
भेड़ने वाले की दहलीज़ पर !!!
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~सरिता~