एमडी एनएचएम की तानाशाही नही चलेगी, बात करना होगा , CHO की मांगों को पूरा करना होगा जो बहुत दिनों से लंबित है, CHO का नियमितिकरण और पीबीआई को सैलरी में मर्ज किया जाए, और काफी समय से रुके हुए ट्रांसफर किए जाए। @etvbalbharat@HLTH_JHARKHAND@anas_president
https://t.co/tZDAkdCXdF
प्रदेश में बढ़ती ठंड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोरोना को लेकर जताई जा रही आशंकाओं के बीच यह बहुत जरूरी है कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की बात सुनी जाए और मध्य प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं की अव्यवस्था से बचाया जाए।
प्रदेश के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी 15 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल पहले से ही खराब है, लेकिन सरकार ने अब तक इस हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई न्याय प्रिय कदम नहीं उठाया है।